रोहतक। भिवानी में चुनाव तहसीलदार के तौर पर कार्यरत रहे जयबीर सिंह को अदालत से राहत मिल गई है। बुधवार को सैशन कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी।
बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि विजिलेंस रोहतक ने एक मार्च विजिलेंस रोहतक में इंस्पेक्टर सुरेश कुमार की शिकायत पर भिवानी के निर्वाचन तहसीलदार जयबीर सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 198, 420, 466, 468, 470 व 471 के तहत केस दर्ज किया था। आरोप है कि जयबीर सिंह ने ग्राम सचिव के लिए 2012 से 2014 तक नौकरी की। उसमें इलाहाबाद से 10वीं व 12वीं पास के शैक्षणिक प्रमाण पत्र जमा करवाए। उनमें जन्मतिथि 1990 दिखाई गई है। इसके बाद 2014 में निर्वाचन तहसीलदार के पद के लिए भिवानी बोर्ड से पास 10वीं व 12वीं के प्रमाण पत्र जमा करवाए। उनमें जन्मतिथि 1982 दिखाई गई है। मामले की शिकायत पर विजिलेंस ने जांच की। जांच के बाद केस दर्ज कराया। ऐसे में आरोपी ने सेशन जज का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एएसजे नरेश कुमार की अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की। बुधवार को अदालत में याचिका पर बहस हुई। बचाव पक्ष का कहना है कि हर रिकार्ड में उसकी जन्म तिथि 1982 है। ऐसे में वह ग्राम सचिव के लिए जमा आवेदन पत्र के साथ गलत जन्मतिथि के शैक्षणिक प्रमाण पत्र क्यों जमा करवाते। दूसरा, वे एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत हैं। विजिलेंस जब चाहे जांच में शामिल कर सकती है। इसके बाद अदालत ने आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी।