{"_id":"5ef79b6b8ebc3e42ca7a5745","slug":"earth-shook-for-the-fourth-consecutive-day-rohtak-city-remained-the-center-rohtak-news-rtk5614623135","type":"story","status":"publish","title_hn":"लगातार चौथे दिन कांपी धरती, रोहतक शहर रहा केंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लगातार चौथे दिन कांपी धरती, रोहतक शहर रहा केंद्र
विज्ञापन
रोहतक में लगातार चौथे दिन शनिवार रात 09:11:23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.4 मापी गई। इस बार भूकंप का केंद्र जिला मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर सेक्टर सात और राजीव नगर के बीच रोहतक शहर ही रहा। हलचल जमीन मेें मात्र 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। रोहतक में पिछले चार दिन से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे है। 24 जून को 2.8, 25 जून को 2.2 और 26 जून को 2.8 तीव्रता के साथ धरती कांपी थी। भूकंप के झटके महसूस होने पर कई जगहों पर लोग घरों से बाहर भी निकल आए। सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं डालनी शुरू कर दी। आपदा प्रबंधन के जिला समन्वयक सौरभ धीमान ने बताया भूकंप का केंद्र रोहतक शहर होने के कारण व भूकंप केंद्र की गहराई कम होने के कारण यह हल्का झटका काफी लोगों को महसूस हुआ है।
जोन तीन में रहा केंद्र
पिछले दिनों आए सभी भूकंपों का केंद्र जोन चार में रहा था। 27 जून को आए भूकंप का केंद्र जोन तीन में रहा। बता दें कि भूकंप का खतरा हर जगह अलग-अलग होता है। इस खतरे के हिसाब से भूमि को चार हिस्सों में बांटा गया है। जिसे जोन दो, जोन तीन, जोन चार व जोन पांच का नाम दिया गया है। जोन दो में सबसे कम खतरा, जोन तीन में थोड़ा अधिक खतरा, जोन चार में उससे अधिक और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। जोन के आधार पर आधे से अधिक रोहतक शहर से सांपला की ओर का हिस्सा जोन चार और उसके विपरीत आधे से कम रोहतक शहर और महम की ओर का क्षेत्र जोन तीन में है।
विज्ञापन
जोन तीन में रहा केंद्र
पिछले दिनों आए सभी भूकंपों का केंद्र जोन चार में रहा था। 27 जून को आए भूकंप का केंद्र जोन तीन में रहा। बता दें कि भूकंप का खतरा हर जगह अलग-अलग होता है। इस खतरे के हिसाब से भूमि को चार हिस्सों में बांटा गया है। जिसे जोन दो, जोन तीन, जोन चार व जोन पांच का नाम दिया गया है। जोन दो में सबसे कम खतरा, जोन तीन में थोड़ा अधिक खतरा, जोन चार में उससे अधिक और जोन पांच में सबसे अधिक खतरा होता है। जोन के आधार पर आधे से अधिक रोहतक शहर से सांपला की ओर का हिस्सा जोन चार और उसके विपरीत आधे से कम रोहतक शहर और महम की ओर का क्षेत्र जोन तीन में है।
विज्ञापन