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Rohtak News: अग्नाशय कैंसर की समय रहते पहचान जरूरी, पीजीआई में हर महीने 20 मरीज पहुंच रहे

Sun, 16 Nov 2025 11:33 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 16 Nov 2025 11:33 PM IST
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Early detection of pancreatic cancer is essential, with 20 patients arriving at PGI every month.
रोहतक। अग्नाशय कैंसर की समय से पहचान बेहद जरूरी है। यह ऐसे लक्षणों के साथ सामने आता है जिन्हें लोग सामान्य दर्द या पाचन समस्या समझकर अनदेखा कर देते हैं। पीजीआई में हर महीने करीब 20 मरीज अग्नाशय कैंसर की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें से दो से तीन मरीजों को सर्जरी की आवश्यकता पड़ती है। देर से पहचान इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
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पीजीआई के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अशोक चौहान का कहना है कि समय रहते जांच कराने पर बीमारी को नियंत्रित करना आसान होता है। इस कैंसर का इलाज सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी से किया जाता है। रेडिएशन थेरेपी की आवश्यकता अपेक्षाकृत कम पड़ती है, जबकि कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में प्रभावी होती है।
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अग्नाशय इंसुलिन बनाने में सहायक है, इसके प्रभावित होने पर शरीर में शुगर लेवल अचानक बढ़ने का खतरा रहता है। मरीजों में डायबिटीज के लक्षण विकसित हो जाते हैं। इन लक्षणों को मामूली समझकर लोग इलाज में देरी कर देते हैं, जिससे बीमारी बढ़ जाती है और शरीर के अन्य अंग भी प्रभावित होने लगते हैं। बता दें कि विश्व अग्नाशय कैंसर दिवस हर साल नवंबर के तीसरे गुरुवार को मनाया जाता है, ताकि अग्नाशय कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
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ये सावधानियां बरतें:



धूम्रपान छोड़ने, नियमित व्यायाम करने, वजन नियंत्रण में रखने, फल व सब्जियों को आहार में शामिल करने व वसायुक्त भोजन से दूरी बनाने से इससे बचा जा सकता है। ये आदतें कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक मानी जाती हैं।



अग्नाशय कैंसर एक जटिल और खतरनाक प्रकार का कैंसर है, जो शरीर के अन्य अंगों को भी प्रभावित कर देता है। इसके कारणों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ कहना संभव नहीं, लेकिन मरीज कुछ प्रमुख लक्षणों को अनुभव करते हैं। इसमें कमजोर पाचन तंत्र, पेट में दर्द, पीलिया, जिसमें स्किन और आंखों में पीलापन आना शामिल है व कमजोर पाचन तंत्र जैसी समस्याएं सामने आती हैं।

- डॉ. अशोक चौहान, कैंसर विभागाध्यक्ष, पीजीआई
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