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Rohtak News: 100 लोगों से बदनाम हुई 10 हजार आबादी वाली इंद्रा कॉलोनी

Sun, 08 Dec 2024 11:04 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2024 11:04 PM IST
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Drug addiction: Indira colony with a population of 10,000 became infamous because of 100 people
रोहतक। नशा नाश का कारण है। यह आने वाली पीढ़ी को भी बढ़ने से भी रोक रहा है। रोहतक की इंद्रा कॉलोनी-करतारपुरा कॉलोनी में अब हाल यह हो गया है कि यहां रहने वाले काफी परिवारों में युवकों के रिश्ते आने भी बंद हो गए हैं। जब भी यहां रिश्तेदार आते हैं तो तस्कर इन लोगों से नशीला पदार्थ खरीदने की बात कर देते हैं। जब उनको पता चलता है कि यहां पर नशा तस्करी का काम होता है तो वह दबे पांव लौट जाते हैं।
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मादक पदार्थों की तस्करी की बात करें तो रोहतक के कुछ स्थान काफी मशहूर हैं। यहां पर राहगीरों से भी घर के बाहर बैठे या चलते हुए लोग पूछ लेते हैं कि माल चाहिए क्या? इनमें इंद्रा कॉलोनी और करतारपुरा का भी नाम शामिल है। यहां पर तीन हजार परिवारों में करीब 10 हजार लोग निवास करते हैं। लोगों का आरोप है कि 100 घरों में रहने वाले लोगों ने पूरी कॉलोनी को बदनाम कर दिया है, जबकि यहां रहने वाले काफी लोग नशे से दूर हैं। तस्करी रोकने के लिए 60 पुलिसकर्मी भी 24 घंटे तैनात रहते हैं। इसके बावजूद रोहतक में मादक पदार्थों की तस्करी थम नहीं रही है। इसमें थोड़ी कमी जरूर आई है। इंद्रा कॉलोनी में घुसते ही पुलिसकर्मी बैठे मिलते हैं, लेकिन नशाखोर सुबह से लेकर रात तक अपने जुगाड़ में लगे रहते हैं। पुलिसकर्मियों के तैनात रहने के बावजूद तस्कर चकमा देकर नशे की तस्करी कर रहे हैं।
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कॉलोनी में रहने वाले लोगों के रिश्तेदार यहां आते हैं तो तस्कर उनको ग्राहक समझकर माल के बारे में पूछ लेते हैं। हालत यह हो गए हैं कि अब रिश्तेदार कॉलोनी में आते तो हैं, लेकिन केवल मिलने और संबंध निभाने के लिए। ज्यादातर लोग यहां के परिवारों में अपने बच्चों की शादी करने को तैयार नहीं हैं। यदि कोई गलती से आ भी जाए तो तस्करों की हालत देखकर लौट जाते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक व्यक्ति ने बताया कि दिनभर नशेड़ी कॉलोनी में घूमते रहते हैं। 98 फीसदी तस्करी करतारपुरा में की जाती है। वहां पर माल सप्लाई करने के लिए युवक-महिलाएं भी टहलते रहते हैं।
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दुकान से लेकर घरों में बेचा जाता है नशीला पदार्थ

यहां पर राहगीर आते हैं तो उनके साथ व्यक्ति या महिला चलना शुरू कर देती है। चलते-चलते युवक रुपये निकालता है और महिला-पुरुष को दे देता है। इसके बाद नशीले पदार्थ की पुड़िया थमा दी जाती है। नियमित नशा करने वाले लोग तो सीधे ही घरों में घुस जाते हैं और पुड़िया लेकर चले जाते हैं।





इंद्रा कॉलोनी में 30 तो पूरे शहर में 60 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर रखी है। यदि कोई भी समस्या आए तो 112 पर कॉल कर दें। पुलिस की ईआरवी सभी मोहल्लों के बाहर खड़ी रहती है। - मनोज कुमार, प्रभारी नारकोटिक्स सेल


मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और इसके प्रति अभियान शुरू कर दिया है। लोगों को नशे से दूर करने के लिए जागरूकता के लिए भी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।वाईवीआर शशी शेखर, एएसपी रोहतक।
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