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एमडीयू में शिक्षक संघ के पांचवीं बार प्रधान बने डॉ. विकास सिवाच
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एमडीयू में शिक्षक संघ के चुनाव में प्रधान पद पर विजयी डॉ विकास सिवाच और सचिव पद विजयी सुधीर कुमार
रोहतक। एमडीयू शिक्षक संघ (मडूटा) के वार्षिक चुनाव में डॉ. विकास सिवाच ने लगातार पांचवीं बार जीत दर्ज की। इस बार 51 वोटों से जीत दर्ज करते हुए प्रधानी का ताज अपने सिर सजाया। वीरवार को हुए मतदान में विवि के 359 में से 344 शिक्षकों ने मताधिकार का प्रयोग किया। इनमें से पांच वोट प्रधान पद पर रद्द हो गए। शेष में से विजयी प्रत्याशी को 195 व दूसरे प्रत्याशी डॉ. सुरेंद्र सिंह को 144 वोट मिले।
वीरवार सुबह नौ बजे आईएचटीएम भवन में मतदान शुरू हुआ। दिन भर धीमी गति से चले मतदान में शाम साढ़े चार बजे तक 344 वोट डाले गए। अंतिम आधे घंटे में एक महिला शिक्षिका वोट डालने पहुंची। इसके बाद मतगणना शुरू हुई। इस दौरान दोनों ही धड़ों की उत्सुकता साफ नजर आई। दोनों ही प्रधान पद के प्रत्याशी बेहद गंभीरता के साथ गिनती पर नजर रखे रहे। शाम करीब छह बजे परिणाम घोषित किया गया।
चुनाव अधिकारी प्रो. राहुल ऋषि ने मडूटा प्रधान पद के रूप में डॉ. विकास सिवाच को जीत मिलने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही प्रधान के समर्थक खुशी से झूम उठे। विजयी प्रत्याशी ने भी पंजे का निशान दिखाकर अपनी पांचवीं बार हुई जीत की खुशी जाहिर की। चुनाव के दौरान कुल 344 वोट पड़े। इनमें से पांच वोट रद्द होने के बाद डॉ. विकास सिवाच को 195 वोट व उनके प्रतिद्वंदी डॉ. सुरेंद्र सिंह को 144 वोट प्राप्त हुए।
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सचिव पद के लिए कुल 344 वोट पोल हुए। इनमें से एक वोट रद्द हुआ। सचिव पद पर डॉ. सुधीर कटारिया ने 181 मत हासिल कर विजयी प्राप्त कजी। जबकि उनके प्रतिद्धंदी डॉ. गोपाल सिंह को 162 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद के लिए डॉ. विनित मित्तल व कार्यकारी समिति सदस्य के लिए डॉ. ईश्वर मित्तल, अरुण कुमार हुड्डा, डॉ. गोल्डीपुरी, डॉ. हरकेश सहरावत, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. सुप्रीति सिंह व डॉ. जगबीर नरवाल पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। डॉ. सुरेंद्र यादव इस चुनाव के पीठासीन अधिकारी रहे। विवि कर्मी डॉ. सुखबीर श्योराण, खैराती लाल वतेजपाल ने चुनाव आयोजन में सहयोग दिया।
आवासीय कॉम्प्लेक्स निर्माण व शिक्षकों का जीत का मूल मंत्र : डॉ. सिवाच
मडूटा के लगातार पांचवीं बार अध्यक्ष चुने गए यूआईईटी के डॉ. विकास सिवाच ने चुनाव परिणाम घोषित होने बाद अपनी जीत का राज खोला। अमर उजाला से हुई बातचीत में अध्यक्ष ने कहा कि आवासीय कॉम्प्लेक्स का निर्माण व शिक्षकों का साथ मेरी जीत का मूल मंत्र है। गुरुग्राम सीपास व एमडीयू कैंपस में शिक्षकों के लिए संघर्ष कर आवास बनवाए। पीएचडी इंक्रीमेंट दिलाई। शिक्षक हित में कराए काम के चलते शिक्षक मेरे साथ मेरी ताकत बनकर खड़े हैं। यही वजह है कि पिछले पांच साल से लगातार जीत मिल रही है। इस वर्ष भी उनके लिए काम करना है। इस बार एचआरएमस पोर्टल पर उनका डाटा सार्वजनिक करने से रोकना मुख्य काम है। सरकार इस पर अड़ी है। इसका विरोध किया जाएगा। एमडीयू ही नहीं पूरे प्रदेश के विवि में शिक्षकों का डाटा एचआरएमएस पर डालने की तैयारी है। जब तक सरकार इसके अच्छाई नहीं बताती है, तब तक विरोध जारी रहेगा।
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वीरवार सुबह नौ बजे आईएचटीएम भवन में मतदान शुरू हुआ। दिन भर धीमी गति से चले मतदान में शाम साढ़े चार बजे तक 344 वोट डाले गए। अंतिम आधे घंटे में एक महिला शिक्षिका वोट डालने पहुंची। इसके बाद मतगणना शुरू हुई। इस दौरान दोनों ही धड़ों की उत्सुकता साफ नजर आई। दोनों ही प्रधान पद के प्रत्याशी बेहद गंभीरता के साथ गिनती पर नजर रखे रहे। शाम करीब छह बजे परिणाम घोषित किया गया।
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चुनाव अधिकारी प्रो. राहुल ऋषि ने मडूटा प्रधान पद के रूप में डॉ. विकास सिवाच को जीत मिलने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही प्रधान के समर्थक खुशी से झूम उठे। विजयी प्रत्याशी ने भी पंजे का निशान दिखाकर अपनी पांचवीं बार हुई जीत की खुशी जाहिर की। चुनाव के दौरान कुल 344 वोट पड़े। इनमें से पांच वोट रद्द होने के बाद डॉ. विकास सिवाच को 195 वोट व उनके प्रतिद्वंदी डॉ. सुरेंद्र सिंह को 144 वोट प्राप्त हुए।
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सचिव पद के लिए कुल 344 वोट पोल हुए। इनमें से एक वोट रद्द हुआ। सचिव पद पर डॉ. सुधीर कटारिया ने 181 मत हासिल कर विजयी प्राप्त कजी। जबकि उनके प्रतिद्धंदी डॉ. गोपाल सिंह को 162 वोट मिले। कोषाध्यक्ष पद के लिए डॉ. विनित मित्तल व कार्यकारी समिति सदस्य के लिए डॉ. ईश्वर मित्तल, अरुण कुमार हुड्डा, डॉ. गोल्डीपुरी, डॉ. हरकेश सहरावत, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. आशा शर्मा, डॉ. सुप्रीति सिंह व डॉ. जगबीर नरवाल पहले ही निर्विरोध चुने जा चुके हैं। डॉ. सुरेंद्र यादव इस चुनाव के पीठासीन अधिकारी रहे। विवि कर्मी डॉ. सुखबीर श्योराण, खैराती लाल वतेजपाल ने चुनाव आयोजन में सहयोग दिया।
आवासीय कॉम्प्लेक्स निर्माण व शिक्षकों का जीत का मूल मंत्र : डॉ. सिवाच
मडूटा के लगातार पांचवीं बार अध्यक्ष चुने गए यूआईईटी के डॉ. विकास सिवाच ने चुनाव परिणाम घोषित होने बाद अपनी जीत का राज खोला। अमर उजाला से हुई बातचीत में अध्यक्ष ने कहा कि आवासीय कॉम्प्लेक्स का निर्माण व शिक्षकों का साथ मेरी जीत का मूल मंत्र है। गुरुग्राम सीपास व एमडीयू कैंपस में शिक्षकों के लिए संघर्ष कर आवास बनवाए। पीएचडी इंक्रीमेंट दिलाई। शिक्षक हित में कराए काम के चलते शिक्षक मेरे साथ मेरी ताकत बनकर खड़े हैं। यही वजह है कि पिछले पांच साल से लगातार जीत मिल रही है। इस वर्ष भी उनके लिए काम करना है। इस बार एचआरएमस पोर्टल पर उनका डाटा सार्वजनिक करने से रोकना मुख्य काम है। सरकार इस पर अड़ी है। इसका विरोध किया जाएगा। एमडीयू ही नहीं पूरे प्रदेश के विवि में शिक्षकों का डाटा एचआरएमएस पर डालने की तैयारी है। जब तक सरकार इसके अच्छाई नहीं बताती है, तब तक विरोध जारी रहेगा।