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Rohtak News: एंबुलेंस कंट्रोल रूम में खंगाले दस्तावेज, रेंडम कॉल कर जानी चालकों की स्थिति
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27सीटीके10... सिविल अस्पताल में छापा डालने पहुंची टीम। संवाद
रोहतक। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने वीरवार सुबह 10 बजे पहुंचकर रोहतक सिविल अस्पताल के एंबुलेंस कंट्रोल रूम में दबिश दी। टीम ने एंबुलेंस कंट्रोल रूम के फ्लीट मैनेजर से काफी देर तक पूछताछ की और दस्तावेज खंगाले। करीब ढाई घंटे तक उड़न दस्ता अस्पताल में रहा और तब तक वहां अधिकारी-कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा, जो अधिकारी-कर्मचारी आफिस समय से नहीं पहुंचे वे भी दौड़कर अस्पताल पहुंचे।
मुख्यमंत्री को एंबुलेंस से संबंधित कुछ शिकायतें मिल रही थीं। इसकी जांच के लिए प्रदेश के सभी एंबुलेंस कंट्रोल रूम में एक साथ औचक दबिश दी गई। रोहतक सिविल लाइन में सुबह 10 बजे उड़नदस्ता और गुप्तचर इकाई के अधिकारियों की टीम पहुंची। यहां पर उन्होंने फ्लीट मैनेजर घनश्याम से एंबुलेंस के लिए आने वाली कॉल और अन्य जानकारी ली। कंट्रोल रूम के फ्लीट मैनेजर ने बताया कि एक जनवरी-2024 से 26 जून 2024 तक 7164 कॉल एंबुलेंस के लिए आई हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं के लिए 394, रेफरल केस-1209 सड़क हादसे के लिए 679, घर छोड़ने 252, बीमार बच्चों के 34, नवजात बच्चों के 56 और अन्य कॉल 993 रही। हालांकि एक-दो कॉल रेंडम की गई तो भी चालक अपनी जगहाें पर मौजूद मिले और कोई गड़बड़ी नहीं मिली। 21 एंबुलेंस मिली और इनमें 16 चालू हालत में मिली जबकि दो हादसा ग्रस्त थी और तीन में अन्य खराबी मिली। अधिकारी-कर्मचारियों के कुल स्टॉफ 76 में ज्यादातर डयूटी पर तैनात मिले। एक फ्लीट मैनेजर, 4 कंट्रोल ऑपरेटर, 20 ईएमटी और 51 चालक तैनात हैं।
गाड़ियों में कैमरे नहीं मिले
उड़नदस्ते ने एंबुलेंस के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि जनसंख्या के अनुसार एंबुलेंस का जरूरत पूरी हो रही है। हालांकि शासन को एंबुलेंस के संबंध में जानकारी देना बताया गया है। कुछ गाड़ियों में कैमरे नहीं मिले तो कुछ में प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं थे तो तत्काल उन्हें कराने के निर्देश दिए गए। उड़नदस्ता प्रभारी राम निवास के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की गई और कुछ दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।
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मुख्यमंत्री को एंबुलेंस से संबंधित कुछ शिकायतें मिल रही थीं। इसकी जांच के लिए प्रदेश के सभी एंबुलेंस कंट्रोल रूम में एक साथ औचक दबिश दी गई। रोहतक सिविल लाइन में सुबह 10 बजे उड़नदस्ता और गुप्तचर इकाई के अधिकारियों की टीम पहुंची। यहां पर उन्होंने फ्लीट मैनेजर घनश्याम से एंबुलेंस के लिए आने वाली कॉल और अन्य जानकारी ली। कंट्रोल रूम के फ्लीट मैनेजर ने बताया कि एक जनवरी-2024 से 26 जून 2024 तक 7164 कॉल एंबुलेंस के लिए आई हैं। इनमें गर्भवती महिलाओं के लिए 394, रेफरल केस-1209 सड़क हादसे के लिए 679, घर छोड़ने 252, बीमार बच्चों के 34, नवजात बच्चों के 56 और अन्य कॉल 993 रही। हालांकि एक-दो कॉल रेंडम की गई तो भी चालक अपनी जगहाें पर मौजूद मिले और कोई गड़बड़ी नहीं मिली। 21 एंबुलेंस मिली और इनमें 16 चालू हालत में मिली जबकि दो हादसा ग्रस्त थी और तीन में अन्य खराबी मिली। अधिकारी-कर्मचारियों के कुल स्टॉफ 76 में ज्यादातर डयूटी पर तैनात मिले। एक फ्लीट मैनेजर, 4 कंट्रोल ऑपरेटर, 20 ईएमटी और 51 चालक तैनात हैं।
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गाड़ियों में कैमरे नहीं मिले
उड़नदस्ते ने एंबुलेंस के संबंध में जानकारी ली तो पता चला कि जनसंख्या के अनुसार एंबुलेंस का जरूरत पूरी हो रही है। हालांकि शासन को एंबुलेंस के संबंध में जानकारी देना बताया गया है। कुछ गाड़ियों में कैमरे नहीं मिले तो कुछ में प्रदूषण प्रमाण पत्र नहीं थे तो तत्काल उन्हें कराने के निर्देश दिए गए। उड़नदस्ता प्रभारी राम निवास के नेतृत्व में पूरी कार्रवाई की गई और कुछ दिशा निर्देश भी दिए गए हैं।
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