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Rohtak News: रोहतक में बने दीयों से जगमगाएगी कई शहरों की दिवाली
Thu, 24 Oct 2024 07:41 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 24 Oct 2024 07:41 PM IST
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24सीटीके07..पाड़ा मोहल्ला में दीपावली के लिए दिये तैयार करते कारीगर। संवाद
रोहतक। दीपावली से पहले मिट्टी के दीये बनाने के लिए चाक ने गति पकड़ ली है। कुंभकारों का कहना है कि इस बार अच्छी बिक्री होने की उम्मीद है। पाड़ा मोहल्ला में ज्यादातर परिवार मिट्टी के दीये, चक्की समेत अन्य सामान तैयार करने में जुटे हैं। दीये बनाने के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि इस दीवाली पर करीब 15 लाख दीये बिक्री होंगे। रोहतक में बनने वाले
वहीं, दुकानदारों का कहना है कि पिछली बार प्रति दुकान 50 हजार दीये ही बिके थे, लेकिन अब की बार यह आंकड़ा दोगुना पहुंचने की उम्मीद है। पहले की तुलना में ग्राहक अब चाइनीज लड़ियों की तरफ कम ध्यान देकर मिट्टी के दीये ज्यादा ले रहे हैं।
दुकानदार मंगतराम ने बताया कि प्रति दुकानदार बात करें तो पांच हजार रुपये की मिट्टी, चार हजार रुपये का ईंधन और एक हजार रुपये का रंग इनको बनाने में लग जाता है। क्षेत्र में सभी दीयों को आकार देने में जुटे हुए है तो कुछ जगह पर कच्चे दिये तैयार हो चुके है, जिनको आवे (भट्ठी) में पकाया भी जा रहा है। यहीं नहीं आवे से जब दीयों को बाहर निकाला जाता है तो 20 से 30 प्रतिशत दीये बुरी तरह से जलकर खराब तक हो जाते हैं।
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50 लाख से अधिक दीये दीवाली पर बिकने की उम्मीद
दुकानदार का कहना है कि अब की बार दीपावली पर 50 लाख से ज्यादा के दीये बिकने वाले हैं। जो कि रोहतक के अलावा, बहादुरगढ़, भिवानी, सोनीपत, दिल्ली, समेत अन्य राज्यों में भी सप्लाई हो रहे हैं। वहीं थोक के भाव में 600 रुपये के 1000 दीये बिक रहे है जबकि सामान्य तौर पर लेने पर यह एक दीप एक रुपये का एक दिया जा रहा है।
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वहीं, दुकानदारों का कहना है कि पिछली बार प्रति दुकान 50 हजार दीये ही बिके थे, लेकिन अब की बार यह आंकड़ा दोगुना पहुंचने की उम्मीद है। पहले की तुलना में ग्राहक अब चाइनीज लड़ियों की तरफ कम ध्यान देकर मिट्टी के दीये ज्यादा ले रहे हैं।
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दुकानदार मंगतराम ने बताया कि प्रति दुकानदार बात करें तो पांच हजार रुपये की मिट्टी, चार हजार रुपये का ईंधन और एक हजार रुपये का रंग इनको बनाने में लग जाता है। क्षेत्र में सभी दीयों को आकार देने में जुटे हुए है तो कुछ जगह पर कच्चे दिये तैयार हो चुके है, जिनको आवे (भट्ठी) में पकाया भी जा रहा है। यहीं नहीं आवे से जब दीयों को बाहर निकाला जाता है तो 20 से 30 प्रतिशत दीये बुरी तरह से जलकर खराब तक हो जाते हैं।
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50 लाख से अधिक दीये दीवाली पर बिकने की उम्मीद
दुकानदार का कहना है कि अब की बार दीपावली पर 50 लाख से ज्यादा के दीये बिकने वाले हैं। जो कि रोहतक के अलावा, बहादुरगढ़, भिवानी, सोनीपत, दिल्ली, समेत अन्य राज्यों में भी सप्लाई हो रहे हैं। वहीं थोक के भाव में 600 रुपये के 1000 दीये बिक रहे है जबकि सामान्य तौर पर लेने पर यह एक दीप एक रुपये का एक दिया जा रहा है।