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Rohtak News: जैव और भू-प्रणालियों में कार्बनिक पदार्थों की समझ पर चर्चा की
Tue, 26 Nov 2024 07:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 26 Nov 2024 07:07 AM IST
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25सीटीके05..एमडीयू के केमिस्ट्री विभाग आयोजित इंडियन सोसाइटी ऑफ एनालिटिकल साइंटिस्ट-दिल्ली चैप्
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के रसायन विभाग की ओर से इंडियन सोसाइटी ऑफ एनालिटिकल साइंटिस्ट-दिल्ली चैप्टर के सहयोग से- इमर्जिंग ट्रेंड्स ऑफ फंक्शनल मैटीरियल्स इन साइंसेज विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सोमवार को संपन्न हुई। समापन सत्र में गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विवि, हिसार के पूर्व डीन, एकेडमिक अफेयर्स प्रो. देवेंद्र कुमार ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने फंक्शनल मैटेरियल्स के नए रुझानों पर प्रकाश डालते हुए इनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
संगोष्ठी में जर्मनी के प्रो. कोप्लिन ने जैव और भू-प्रणालियों में कार्बनिक पदार्थों की समझ पर चर्चा की। इस संगोष्ठी में देश के 10 से अधिक राज्यों और जर्मनी, स्पेन और अमेरिका सहित दुनिया भर के विभिन्न देशों से लगभग 400 प्रतिनिधि शामिल हुए। संगोष्ठी में 25 मौखिक प्रस्तुतियों के अलावा 300 से अधिक वैज्ञानिकों ने पोस्टर के रूप में अपने शोध कार्य भी प्रस्तुत किए हैं। आईईटी दिल्ली की प्रो. वीना चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि सभ्य समाज में मनुष्य की ओर से प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग पूरी दुनिया में चिंता का विषय है। सम्मेलन में 5 तकनीकी सत्र शामिल थे। इसमें प्रो. अशोक कुमार मलिक, प्रो. सुमन लता, डॉ. तमन्ना आर सहरावत, डॉ. बद्री प्रसाद व प्रो नरसिम्हन आदि ने सम्मेलन के विषय पर व्याख्यान दिया। संवाद
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संगोष्ठी में जर्मनी के प्रो. कोप्लिन ने जैव और भू-प्रणालियों में कार्बनिक पदार्थों की समझ पर चर्चा की। इस संगोष्ठी में देश के 10 से अधिक राज्यों और जर्मनी, स्पेन और अमेरिका सहित दुनिया भर के विभिन्न देशों से लगभग 400 प्रतिनिधि शामिल हुए। संगोष्ठी में 25 मौखिक प्रस्तुतियों के अलावा 300 से अधिक वैज्ञानिकों ने पोस्टर के रूप में अपने शोध कार्य भी प्रस्तुत किए हैं। आईईटी दिल्ली की प्रो. वीना चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि सभ्य समाज में मनुष्य की ओर से प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग पूरी दुनिया में चिंता का विषय है। सम्मेलन में 5 तकनीकी सत्र शामिल थे। इसमें प्रो. अशोक कुमार मलिक, प्रो. सुमन लता, डॉ. तमन्ना आर सहरावत, डॉ. बद्री प्रसाद व प्रो नरसिम्हन आदि ने सम्मेलन के विषय पर व्याख्यान दिया। संवाद
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