फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Disappointment of tenant-to-owner plan, VAT on petrol and diesel is not effective

किरायेदार से मालिक बनने की योजना कारगर, पेट्रोल व डीजल पर वैट कम न होने से निराशा

Sat, 13 Mar 2021 12:25 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 13 Mar 2021 12:25 AM IST
विज्ञापन
Disappointment of tenant-to-owner plan, VAT on petrol and diesel is not effective
संवाद कार्यक्रम के दौरान बजट पर चर्चा करते व्यापारी। अमर उजाला
प्रदेश के बजट को लेकर व्यापारियों ने मिलीजुली प्रक्रिया वक्त की है। नगर निगम के 20 साल पुराने किरायेदारों के अब मालिक बनने का रास्ता साफ हो गया है, लेकिन पेट्रोल व डीजल पर वैट में कटौती न होने से व्यापारी वर्ग नाराज है। शुक्रवार को अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में व्यापारियों ने खुलकर अपनी राय व्यक्त की।
विज्ञापन

रोहतक व्यापार मंडल के महासचिव एवं पालिका बाजार के प्रधान गुलशन निझावन का कहना है कि डेढ़ साल पहले सीएम मनोहर लाल के सामने पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर के माध्यम से रोहतक के व्यापारियों ने ही प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव में था कि जो व्यापारी नगर निगम, वक्फ बोर्ड या नगर सुधार मंडल की दुकान या दूसरी संपत्ति किराये पर लिए हुए हैं, उसे उस संपत्ति का मालिक बनाया जाए। इसके लिए सरकार संपत्ति का मूल्य निर्धारित करके कीमत ले सकती है। तब सीएम ने योजना को मंजूर कर लिया था, लेकिन सरकार ने अब बजट के अंदर योजना का जिक्र किया है। विधानसभा में सीएम ने वित्त मंत्री के तौर पर बताया कि पूरे प्रदेश में जो व्यापारी 20 साल से नगर निगम या दूसरे विभाग की दुकान या दूसरी संपत्ति किराये पर लिए हुए है, उसे उसका मालिक बनाया जाएगा। वहीं, व्यापारी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि आम आदमी के अलावा व्यापारी वर्ग को भी उम्मीद थी कि सरकार पेट्रोल व डीजल पर राज्य सरकार की तरफ से लगाए गए वैट को कम करके महंगाई को कंट्रोल करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। व्यापारियों का कहना था कि सरकार करों से भी देगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। वहीं, व्यापारी संजय सिक्का ने कहा कि सरकार जल्द किसानों से बातचीत करके आंदोलन को खत्म करवाए, क्योंकि किसान और व्यापारी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। दूसरा, दिल्ली बॉर्डर पर रोड जाम होने से व्यापारियों को देश की राजधानी से माल लेकर आने व भेजने में काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। राकेश सचदेवा ने कहा कि सरकार को वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्ति को लेकर बनाए गए नियमों में भी संशोधन करना चाहिए। क्योंकि नियमों की आड़ में व्यापारियों के साथ वक्फ बोर्ड के अधिकारी मनमानी करते हैं। अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में व्यापारी जगदीश, सोमनाथ, सोमनाथ पाहवा, राकेश गुप्ता, अनिल मेहंदीरत्ता व डॉक्टर सुनील मुंजाल ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed