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Rohtak News: अंधेरे में उम्मीद की लौ जगा रहे अर्पण संस्था के दिव्यांग विद्यार्थी
Sat, 18 Oct 2025 02:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 18 Oct 2025 02:48 AM IST
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69...गांधी नगर स्थित भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी की अर्पण मानसिक बाल संस्था में मोमबत्ती तैयार कर
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। अर्पण स्कूल के दिव्यांग विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ हाथ का हुनर भी सीख रहे हैं। ये विद्यार्थी मोमबत्तियां बनाकर न केवल अपनी रचनात्मकता दिखा रहे हैं बल्कि आत्मनिर्भर बनने के दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। विद्यार्थियों की बनाई हुई प्राकृतिक मोमबत्तियों को शहरवासी खूब खरीद रहे हैं।
गांधी नगर स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की अर्पण मानसिक बाल संस्था में विद्यार्थियों को वोकेशनल पाठ्यक्रम के तहत कौशल पूर्ण बनाया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी अपने हुनर के बल पर समाज में आगे बढ़ सके। शुक्रवार को स्कूल में स्टॉल लगाई गई।
मानसिक रूप से प्रभावित बच्चों को रोजगार परक बनाने की जानकारी दी जा रही है। दिवाली पर्व पर संस्था के विद्यार्थी मोमबत्ती तैयार रहे हैं। अर्पण संस्था के वोकेशनल इंस्पेक्टर नरेश खर्ब ने बताया कि संस्था में विद्यार्थी वैक्स कैंडल व जैल कैंडल बनाना सीख रहे हैं। स्कूल में विद्यार्थियों को कैंडल मेकिंग की भी जानकारी दी जा रही है।
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नरेश खर्ब ने बताया कि वैक्स के प्रयोग से प्रदूषण रहित मोमबत्ती तैयार की जाती है। विद्यार्थी मोमबत्ती के लिए डाई में धागा लगाना, वैक्स गर्म करना, मोम से तापमान के आधार पर मोमबत्ती तैयार करना चरणबद्ध तरीके से सिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा, फूल, गुड़िया, क्रिसमस व पक्षियों व अनेक ढांचों की माेमबत्तियों तैयार कर रहे हैं। इन मोमबत्तियों के रेट 10 से 250 रुपये तय किए गए हैं।
दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाती है। बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। दिवाली पर्व पर विद्यार्थी अलग-अलग डिजाइनों में मोमबत्ती तैयार कर रहे हैं। इनकी बिक्री के लिए 18 अक्तूबर तक स्कूल परिसर में स्टॉल लगाई गई हैं।
- नीलम, प्राचार्य, अर्पण संस्था, गांधी नगर रोहतक।
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रोहतक। अर्पण स्कूल के दिव्यांग विद्यार्थी पढ़ाई के साथ-साथ हाथ का हुनर भी सीख रहे हैं। ये विद्यार्थी मोमबत्तियां बनाकर न केवल अपनी रचनात्मकता दिखा रहे हैं बल्कि आत्मनिर्भर बनने के दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। विद्यार्थियों की बनाई हुई प्राकृतिक मोमबत्तियों को शहरवासी खूब खरीद रहे हैं।
गांधी नगर स्थित भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की अर्पण मानसिक बाल संस्था में विद्यार्थियों को वोकेशनल पाठ्यक्रम के तहत कौशल पूर्ण बनाया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि हर विद्यार्थी अपने हुनर के बल पर समाज में आगे बढ़ सके। शुक्रवार को स्कूल में स्टॉल लगाई गई।
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मानसिक रूप से प्रभावित बच्चों को रोजगार परक बनाने की जानकारी दी जा रही है। दिवाली पर्व पर संस्था के विद्यार्थी मोमबत्ती तैयार रहे हैं। अर्पण संस्था के वोकेशनल इंस्पेक्टर नरेश खर्ब ने बताया कि संस्था में विद्यार्थी वैक्स कैंडल व जैल कैंडल बनाना सीख रहे हैं। स्कूल में विद्यार्थियों को कैंडल मेकिंग की भी जानकारी दी जा रही है।
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नरेश खर्ब ने बताया कि वैक्स के प्रयोग से प्रदूषण रहित मोमबत्ती तैयार की जाती है। विद्यार्थी मोमबत्ती के लिए डाई में धागा लगाना, वैक्स गर्म करना, मोम से तापमान के आधार पर मोमबत्ती तैयार करना चरणबद्ध तरीके से सिखाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विद्यार्थी लक्ष्मी-गणेश प्रतिमा, फूल, गुड़िया, क्रिसमस व पक्षियों व अनेक ढांचों की माेमबत्तियों तैयार कर रहे हैं। इन मोमबत्तियों के रेट 10 से 250 रुपये तय किए गए हैं।
दिव्यांग बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाती है। बच्चों को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। दिवाली पर्व पर विद्यार्थी अलग-अलग डिजाइनों में मोमबत्ती तैयार कर रहे हैं। इनकी बिक्री के लिए 18 अक्तूबर तक स्कूल परिसर में स्टॉल लगाई गई हैं।
- नीलम, प्राचार्य, अर्पण संस्था, गांधी नगर रोहतक।