रोहतक। जींद मार्ग पर चांदी नहर के पास अगस्त 2020 में हुए दूधिया हत्याकांड में अदालत ने दो साल से जेल में बंद सोनीपत जिले के गांव दीपालपुर निवासी अंकित उर्फ पहलवान को जमानत दे दी है। जबकि एक आरोपी रवि का पहले ही एनकाउंटर हो चुका है। अब तीन आरोपी हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप के चलते जेल में बंद हैं। बचाव पक्ष के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि लाखनमाजरा खंड के गांव खरैंटी निवासी 32 वर्षीय जयभगवान दूध बेचने का कार्य करता था। अगस्त 2020 में वह दूध लेकर बाइक पर रोहतक आ रहा था। जब वह चांदी के अड्डे पर नहर के पास पहुंची तो उसकी 15 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। इस संबंध में लाखनमाजरा थाना पुलिस ने जींद जिले के एक गांव की महिला को गिरफ्तार किया था।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि दूधिया महिला को जानता था। उसकी पत्नी को जब पता चला तो वह उसे समझाने गई। इसके बाद महिला ने अपने बेटे व भाई के साथ मिलकर जयभगवान को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। तिहाड़ जेल में बंद दीपक नाम के युवक ने दीपालपुर निवासी अंकित से कहा कि वह महिला के बेटे की हेल्प करे। हथियार भी उसी ने उपलब्ध कराए। योजना के तहत अगस्त 2020 में दूधिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके शरीर में 16 गोलियां मिली थीं। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत के चलते जेल भेज दिया था। बचाव ने अंकित की जमानत के लिए याचिका दायर की, जिसे एडीजे कोर्ट ने मंजूर कर लिया।