फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Devotees flocked to perform *Jalabhishek* of Lord Shiva as soon as the clock struck midnight.

Rohtak News: रात 12 बजते ही भगवान शिव का जलाभिषेक करने उमड़े श्रद्धालु

Tue, 11 Aug 2026 02:58 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 11 Aug 2026 02:58 AM IST
विज्ञापन
Devotees flocked to perform *Jalabhishek* of Lord Shiva as soon as the clock struck midnight.
40-रोहतक के सुखपुरा चौक रोड पर जलभराव के दौरान हरिद्वार से गंगाजल लेकर लौटता ​शिवभक्त। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

रोहतक। रात 12 बजते ही बम-बम भोले का जयघोष गूंज उठा। मंदिरों की घंटियों की ध्वनि से वातावरण भक्तिमय हो उठा। शिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हाथों में कलश, मन में भक्ति और आंखों में उज्ज्वल आस्था।
शिवरात्रि पर्व पर सोमवार रात 12 बजते ही कांवड़ियों ने भगवान शिव का जलाभिषेक प्रारंभ कर दिया। नगर के प्राचीन शिवालयों समेत तमाम मंदिरों में जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी हुई थीं।
विज्ञापन

सिद्धपीठ श्री दुर्गा भवन मंदिर रोहतक के पुजारी आचार्य मनोज मिश्रा ने बताया कि कांवड़ियों के लिए रात 12 बजे और आम श्रद्धालुओं के लिए सुबह 4 बजे का मुहूर्त निर्धारित था। देर शाम से ही कांवड़ियों की लाइन लगनी शुरू हो गई थीं। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि पर भगवान भोलेनाथ की चार पहर पूजा का समय रात 12 बजे, तड़के 4 बजे, दोपहर 12 बजे और शाम 7 बजे निर्धारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रेलवे कॉलोनी स्थित बड़ा शिव मंदिर, मॉडल टाउन के गुफा वाला मंदिर, अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ, किलोई स्थित प्राचीन कपिलेश्वर महादेव मंदिर समेत जिले के समस्त शिवालयों को विशेष रूप से सजाया गया है। लाइटिंग, फूलों, बंदनवार से सज्जा की गई। पुलिस-प्रशासन व्यवस्था संभालने में जुटा है।

सावन के दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं ने उपवास रख की पूजा-अर्चना
रोहतक। श्रावण मास के सोमवार को श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। जिले के मंदिरों में विशेष सज्जा की गई। कांवड़ियों का देररात तक मंदिरों में पहुंचना जारी रहा। सावन के दूसरे सोमवार को जिले के प्राचीन शिवालयों और मंदिरों में श्रद्धालु तड़के 4 बजे से पहुंचना शुरू हो गए थे। दोपहर तक जलाभिषेक चलता रहा।
जल, दूध, दही, घी, शहद और बूरा पंचामृत से रुद्राभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, भांग, आक का फूल, सफेद चंदन और मौसमी फल अर्पित किए। महिलाओं ने उपवास रखकर शाम को फलाहार के साथ व्रत का पारण किया।
रेलवे कॉलोनी स्थित बड़ा शिव मंदिर में भोलेनाथ की विशाल प्रतिमा के समक्ष भक्तों ने पूजा-अर्चना की। मॉडल टाउन के गुफा वाला मंदिर और अस्थल बोहर स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में भस्म आरती और पंचामृत स्नान कराया। किलोई स्थित प्राचीन कपिलेश्वर महादेव मंदिर में स्वयंभू शिवलिंग पर जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। अन्य प्राचीन शिवालयों में श्रद्धालुओं ने पूजा की और भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।

बारिश में भी धूमधाम से चलती रही कांवड़ यात्रा
सोमवार को अंतिम दिन होने के कारण रोहतक के कांवड़ियों का मंदिरों में पहुंचने का क्रम दिनभर चलता रहा। दोपहर बाद हुई बारिश भी श्रद्धालुओं के कदम नहीं रोक पाई। हरिद्वार से गंगाजल लेकर निकले कांवड़िए दिनभर अपने गंतव्य तक पहुंचते रहे। सोमवार को जिले के अधिकांश कांवड़िये मंदिरों में पहुंच गए। समाजसेवियों और नागरिकों ने जगह-जगह शिविर लगाकर कांवड़ियों की सेवा कर पुण्य लाभ कमाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed