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Rohtak News: कमी के बावजूद पीजीआई से डेपुटशन पर भेजे जा रहे चिकित्सक
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33... रोहतक पीजीआई।
रोहतक। पीजीआई में पहले से ही चिकित्सकों की करीब 40 प्रतिशत कमी है। इसके बावजूद यहां से चिकित्सकों को प्रदेश में नए शुरू होने वाले मेडिकल कॉलेजों में डेपुटेशन पर भेजा जा रहा है। सरकार के इस कदम से संस्थान में चिकित्सकों की कमी होना व मरीजों की परेशानी बढ़ना है।
ऐसे में एचएसएमटीए (हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन) ने डेपुटेशन पर आपत्ति जताते हुए स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति से चिकित्सकों को दूसरी जगह नहीं भेजे जाने की अपील की है।
पीजीआई में हाल ही में छह चिकित्सकों को तीन महीने के लिए पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज भिवानी में डेपुटेशन पर भेजा गया है। इन चिकित्सकों के जाने से संस्थान के चिकित्सकों के ग्रुप में चर्चा गरमाई हुई है। इसमें चिकित्सकों को उनकी मर्जी के खिलाफ डेपुटेशन पर भेजे जाने से एसोसिएशन में भी रोष पनपन रहा है।
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इस बारे में पिछले दिनों एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) ने अपने दौरे में भी संस्थान के अधिकारियों को चेताया है। ऐसे में यदि यहां से और चिकित्सकों को दूसरी संस्थाओं में भेजा जाता है तो यहां चिकित्सकों की किल्लत और गहराएगी। इससे मरीजों का इलाज भी प्रभावित होगा। ब्यूरो
डीएमईआर निदेशक के निर्देश की एसोसिएशन ने की निंदा
एचएसएमटीए का कहना है कि निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान पंचकूला (डीएमईआर) के प्रतिनियुक्ति आदेश निंदनीय पीजीआई के छह संकाय सदस्यों को तीन महीने के लिए पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज भिवानी में प्रतिनियुक्त दी गई है। यह आदेश संबंधित संकाय सदस्यों की सहमति व इच्छा के बगैर जारी किए गए हैं। पीजीआईएमएस प्रशासन या विश्वविद्यालय अधिकारियों से चर्चा या अनुमोदन भी नहीं किया गया है। इस तरह के फैसले से संस्थान के कामकाज व संकाय के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो एसोसिएशन को विरोध प्रदर्शन का कदम उठाना पड़ेगा। कुलपति ने उनकी समस्या के संबंध में मुख्यमंत्री से बात कर समाधान तलाशने का प्रयास का आश्वासन दिया है।
डेपुटेशन पाने वाले चिकित्सक
नाम विभाग
डॉ. ज्योति शर्मा फार्मोकोलॉॅजी
डॉ. सुनील रोहिला फार्माकोलाॅजी
डॉ. दीपिका दलाल बायोकेमेस्ट्री
डॉ. सुमन एनॉटमी
डॉ. ऊषा वर्मा एनॉटमी
डॉ. किरन बाला माइक्रोबायोलॉजी
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संस्थान से छह चिकित्सक डेपुटेशन पर भेजे गए हैं। इस बारे में ऊपर से निर्देश आए थे। डेपुटेशन होता रहा है। हम खुद भी अपने समय में डेपुटेशन पर जा चुके हैं।
डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।
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संस्थान में चिकित्सकों की कुछ कमी है। डेपुटेशन के निर्देश ऊपर से आए हैं। इनका पालन किया गया है। एचएसएमटीए ने डेपुटेशन मामले में अपनी बात रखी है। इस बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करा कर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस)।
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ऐसे में एचएसएमटीए (हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन) ने डेपुटेशन पर आपत्ति जताते हुए स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति से चिकित्सकों को दूसरी जगह नहीं भेजे जाने की अपील की है।
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पीजीआई में हाल ही में छह चिकित्सकों को तीन महीने के लिए पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज भिवानी में डेपुटेशन पर भेजा गया है। इन चिकित्सकों के जाने से संस्थान के चिकित्सकों के ग्रुप में चर्चा गरमाई हुई है। इसमें चिकित्सकों को उनकी मर्जी के खिलाफ डेपुटेशन पर भेजे जाने से एसोसिएशन में भी रोष पनपन रहा है।
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इस बारे में पिछले दिनों एनएमसी (नेशनल मेडिकल काउंसिल) ने अपने दौरे में भी संस्थान के अधिकारियों को चेताया है। ऐसे में यदि यहां से और चिकित्सकों को दूसरी संस्थाओं में भेजा जाता है तो यहां चिकित्सकों की किल्लत और गहराएगी। इससे मरीजों का इलाज भी प्रभावित होगा। ब्यूरो
डीएमईआर निदेशक के निर्देश की एसोसिएशन ने की निंदा
एचएसएमटीए का कहना है कि निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान पंचकूला (डीएमईआर) के प्रतिनियुक्ति आदेश निंदनीय पीजीआई के छह संकाय सदस्यों को तीन महीने के लिए पंडित नेकीराम शर्मा मेडिकल कॉलेज भिवानी में प्रतिनियुक्त दी गई है। यह आदेश संबंधित संकाय सदस्यों की सहमति व इच्छा के बगैर जारी किए गए हैं। पीजीआईएमएस प्रशासन या विश्वविद्यालय अधिकारियों से चर्चा या अनुमोदन भी नहीं किया गया है। इस तरह के फैसले से संस्थान के कामकाज व संकाय के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस फैसले को तुरंत वापस लिया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो एसोसिएशन को विरोध प्रदर्शन का कदम उठाना पड़ेगा। कुलपति ने उनकी समस्या के संबंध में मुख्यमंत्री से बात कर समाधान तलाशने का प्रयास का आश्वासन दिया है।
डेपुटेशन पाने वाले चिकित्सक
नाम विभाग
डॉ. ज्योति शर्मा फार्मोकोलॉॅजी
डॉ. सुनील रोहिला फार्माकोलाॅजी
डॉ. दीपिका दलाल बायोकेमेस्ट्री
डॉ. सुमन एनॉटमी
डॉ. ऊषा वर्मा एनॉटमी
डॉ. किरन बाला माइक्रोबायोलॉजी
संस्थान से छह चिकित्सक डेपुटेशन पर भेजे गए हैं। इस बारे में ऊपर से निर्देश आए थे। डेपुटेशन होता रहा है। हम खुद भी अपने समय में डेपुटेशन पर जा चुके हैं।
डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआई।
संस्थान में चिकित्सकों की कुछ कमी है। डेपुटेशन के निर्देश ऊपर से आए हैं। इनका पालन किया गया है। एचएसएमटीए ने डेपुटेशन मामले में अपनी बात रखी है। इस बारे में मुख्यमंत्री को अवगत करा कर समाधान का प्रयास किया जाएगा।
डॉ. एचके अग्रवाल, कुलपति, पंडित बीडी शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (यूएचएस)।