{"_id":"6717be964abdcb16cf053a58","slug":"dengue-patients-found-in-kharawar-baniyani-and-chandi-figure-reaches-71-rohtak-news-c-17-roh1020-530674-2024-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: खरावड़, बनियानी और चांदी से मिले डेंगू के रोगी, 71 पहुंचा आंकड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: खरावड़, बनियानी और चांदी से मिले डेंगू के रोगी, 71 पहुंचा आंकड़ा
विज्ञापन
रोहतक। जिले में डेंगू का प्रकोप जारी है। मंगलवार को भी डेंगू के तीन रोगी मिले। यह मामले एक चांदी, एक खरावड़ और एक बनियानी से मिले हैं। डेंगू की पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग टीमें ने सक्रियता दिखाते हुए डेंगू का लार्वा नष्ट किया। साथ ही इलाके से वायरल बुखार के मरीजों का सैंपल भी लिया है।
डेंगू का आंकड़ा 71 पर पहुंच चुका है। आज भी 68 सैंपल जांच को लिए गए हैं। अबतक करीब 2833 डेंगू के लक्षण वाले मरीजों से सैंपल लिए जा चुके हैं। अगले 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट भी आ जाएगी। इसके अलावा लार्वा मिलने पर आज भी 49 लोगों को नोटिस दिया गया है। अबतक 7734 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।
60 मरीजों का ओपीडी में चल रहा इलाज
डेंगू के 60 मरीजों का उपचार ओपीडी में चल रहा है। वहीं अबतक अन्य 11 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
टीमें सक्रियता से कार्य कर रहीं हैं। जहां लार्वा मिल रहा है वहां कीटनाशक का छिड़काव करने के साथ-साथ फॉगिंग भी कराई जा रही है। विभाग की सक्रियता के कारण ही पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष डेंगू के मामले में कमी आई है। मंगलवार को खरावाड़, बनियानी और चांदी से डेंगू के एक-एक मामले मिले हैं। आज के तीन मामले को लेकर डेंगू के अबतक 71 केस आ चुके हैं।
विज्ञापन
-डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन
सेक्टर-14 में डेंगू के केस मिलने के बाद भी नहीं हुई फॉगिंग
सेक्टर-14 इलाके में सोमवार को डेंगू के दो मामले आने एक दिन बाद मंगलवार को भी फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया गया है। निवासियों को कहना है कि कुछ घरों में फॉगिंग की गई है। लेकिन, सेक्टर के ज्यादातर इलाके में फॉगिंग का कार्य नहीं किया गया है। कुछ लोगों ने स्वयं खर्च कर दवा का जरूर छिड़काव कराया है।
-- -- --
मैंने एक घर में फॉगिंग होते देखा है। वह भी शायद स्वयं के खर्च में कराए हैं। इस माह में फॉगिंग नहीं हुई है। मेरी यहां शॉप है। ज्यादातर समय लोगों बीच ही रहना होता है। ऐसे में मैंने तो फॉगिंग जैसी कोई बात नहीं सुनी और न होते देखी।
-रितु, सेक्टर-14, निवासी
फॉगिंग की जानकारी नहीं है। हम स्वयं भी पानी खुले में नहीं रखते हैं। कूलर भी बंद कर रखा है। हम आत्मनिर्भर हैं। गवर्नमेंट जो करा दे वह ठीक है। लेकिन, बहुत सारे कार्य हम स्वयं कर लेते हैं। किसी के भरोसे नहीं रहते हैं।
-- -तरुण गहलावत, निवासी
विज्ञापन
डेंगू का आंकड़ा 71 पर पहुंच चुका है। आज भी 68 सैंपल जांच को लिए गए हैं। अबतक करीब 2833 डेंगू के लक्षण वाले मरीजों से सैंपल लिए जा चुके हैं। अगले 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट भी आ जाएगी। इसके अलावा लार्वा मिलने पर आज भी 49 लोगों को नोटिस दिया गया है। अबतक 7734 लोगों को नोटिस दिया जा चुका है।
विज्ञापन
60 मरीजों का ओपीडी में चल रहा इलाज
डेंगू के 60 मरीजों का उपचार ओपीडी में चल रहा है। वहीं अबतक अन्य 11 मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
टीमें सक्रियता से कार्य कर रहीं हैं। जहां लार्वा मिल रहा है वहां कीटनाशक का छिड़काव करने के साथ-साथ फॉगिंग भी कराई जा रही है। विभाग की सक्रियता के कारण ही पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष डेंगू के मामले में कमी आई है। मंगलवार को खरावाड़, बनियानी और चांदी से डेंगू के एक-एक मामले मिले हैं। आज के तीन मामले को लेकर डेंगू के अबतक 71 केस आ चुके हैं।
विज्ञापन
-डॉ. रमेश चंद्र, सिविल सर्जन
सेक्टर-14 में डेंगू के केस मिलने के बाद भी नहीं हुई फॉगिंग
सेक्टर-14 इलाके में सोमवार को डेंगू के दो मामले आने एक दिन बाद मंगलवार को भी फॉगिंग और कीटनाशक का छिड़काव नहीं किया गया है। निवासियों को कहना है कि कुछ घरों में फॉगिंग की गई है। लेकिन, सेक्टर के ज्यादातर इलाके में फॉगिंग का कार्य नहीं किया गया है। कुछ लोगों ने स्वयं खर्च कर दवा का जरूर छिड़काव कराया है।
मैंने एक घर में फॉगिंग होते देखा है। वह भी शायद स्वयं के खर्च में कराए हैं। इस माह में फॉगिंग नहीं हुई है। मेरी यहां शॉप है। ज्यादातर समय लोगों बीच ही रहना होता है। ऐसे में मैंने तो फॉगिंग जैसी कोई बात नहीं सुनी और न होते देखी।
-रितु, सेक्टर-14, निवासी
फॉगिंग की जानकारी नहीं है। हम स्वयं भी पानी खुले में नहीं रखते हैं। कूलर भी बंद कर रखा है। हम आत्मनिर्भर हैं। गवर्नमेंट जो करा दे वह ठीक है। लेकिन, बहुत सारे कार्य हम स्वयं कर लेते हैं। किसी के भरोसे नहीं रहते हैं।