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लघु सचिवालय के बाहर प्रदर्शन व रोड जाम, किसानों-श्रमिकों ने जबरन खोला गेट
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लघु सचिवालय के गेट के अंदर घुसने की कौशिश करते प्रर्दशकारियों को बाहर करती पुलिस । संवाद
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रोहतक। लघु सचिवालय के बाहर मंगलवार को दिनभर हंगामा, प्रदर्शन व नारेबाजी का माहौल रहा। किसानों व श्रमिकों ने पुलिस को पीछे धकेल कर जबरन गेट खोल दिया। पुलिस ने भी वापस जोर लगाकर प्रदर्शनकारियों को वापस सड़क पर धकेल दिया और दोबारा गेट बंद कर दिया। नाराज किसान व श्रमिक चार घंटे तक सड़क पर बैठे रहे और सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आखिर में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन करने का निर्णय लिया गया, जो आला अधिकारियों से बात करेगी।
खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों किसान मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। थोड़ी देर में मानसरोवर पार्क से सीटू कार्यकर्ता आ गए, जो पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराज थे। 12 बजकर 20 मिनट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अंदर आने से रोकने के लिए आईजी कॉलेज के सामने वाला गेट बंद कर दिया। साथ ही अंदर की तरफ पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शनकारी नाराज होकर गेट के ऊपर चढ़ गए और धक्का-मुक्की करके गेट खोलने में कामयाब हो गए। अंदर एएसपपी कृष्ण कुमार लोहचब व एसडीएम राकेश सैनी की मौजूदगी में पुलिस ने वापस प्रदर्शनकारियों को बाहर धकेल कर दोबारा गेट बंद कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए। इससे सोनीपत स्टैंड से आंबेडकर चौक की तरफ आने वाला सड़क मार्ग बंद हो गया। साढ़े तीन बजे तक प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे रहे। इसके बाद अधिकारियों व प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। तय हुआ कि एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल आला अधिकारियों से बात करेगा। साथ ही किसानों की मांग सरकार तक पहुंचा दी जाएंगी। इसके बाद धरना व प्रदर्शन खत्म हुआ।
जाम में आधा घंटा फंसी रही एंबुलेंस, करना पड़ा रूट डायवर्ट
प्रदर्शनकारियों के अचानक से सड़क पर आ जाने से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। सचिवालय के बाहर सड़क पर प्रदर्शनकारियों द्वारा जाम लगाए जाने पर सैकड़ों वाहन फंस गए। इस दौरान एक निजी अस्पताल से दिल के मरीज को हिसार के जिंदल अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। करीब आधे घंटे बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों की मदद से एंबुलेंस को जाम से निकाला गया। साथ ही पुलिस ने अशोका चौक की तरफ से आने वाले वाहनों को कोर्ट के आगे से निकाला और सोनीपत रोड से आने वाले वाहनों को आईसी कॉलेज के सामने वाले मार्ग को वनवे से टू वे करके निकाला। दोपहर बाद 4 बजे तक यहीं व्यवस्था रही।
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किसानों ने ये रखी मांगे
अखिल भारतीय किसान सभा जिला सचिव सुमित सिंह ने बताया कि किसानों की राज्य भर की व दर्जनों स्थानीय समस्याएं है जिन बारे प्रशासन को बार बार ज्ञापन देने व अवगत करवाने के बावजूद भी इनका निदान नहीं हो रहा। इसलिए मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शनों किया गया। किसानों ने कहा कि गेहूं की खराब फसल को पूरा मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है। प्राकृतिक आपदा के चलते गेहूं का उत्पादन भी कम हुआ है, इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे। किसानों को मिलने वाली बिजली की आपूर्ति के समय को कम करने की बजाय बढ़ाने, बिजली के ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, ड्रेनों की सफाई करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों की लूट पर रोक लगाने की मांग की।
ये रहे प्रदर्शन में शामिल
किसानों के प्रदर्शन में नौनद, चिड़ी , लाखनमाजरा, खरक , बैंसी, खरेंटी, किलोई, रिठाल, मोरखेड़ी, मदीना, खरावड़, बलम ,बनियानी , ककराना, मोखरा, मदीना, सैमान, चुलियाना, बहलम्बा , मायना, शिमली, बहुअकबरपुर, भराण, भालौठ सहित अन्य गांवों के किसान भी शामिल रहे। साथ ही किसान सभा के राज्य उपप्रधान इंद्रजीत सिंह ,जिला प्रधान प्रीत सिंह , बिकेयू महिला विंग प्रधान गीता अहलावत, बलवान सिंह ,सोनू किलोई, संदीप मोखरा, जगफूल मोरखेड़ी , राजेंद्र नौनद, सुनील मलिक, अशोक राठी, अजीत खरेंटी, बबलू दलाल, रामबीर, धर्मपाल दांगी, कर्मबीर दांगी, रणबीर नेहरा, राय सिंह, कमलेश सैमान, रामकिशन, बलबीर व प्रदीप किलोई भी मौजूद रहे।
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खराब फसल के मुआवजे की मांग को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सैकड़ों किसान मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे लघु सचिवालय के बाहर पहुंचे। थोड़ी देर में मानसरोवर पार्क से सीटू कार्यकर्ता आ गए, जो पुलिस की कार्रवाई को लेकर नाराज थे। 12 बजकर 20 मिनट पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अंदर आने से रोकने के लिए आईजी कॉलेज के सामने वाला गेट बंद कर दिया। साथ ही अंदर की तरफ पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शनकारी नाराज होकर गेट के ऊपर चढ़ गए और धक्का-मुक्की करके गेट खोलने में कामयाब हो गए। अंदर एएसपपी कृष्ण कुमार लोहचब व एसडीएम राकेश सैनी की मौजूदगी में पुलिस ने वापस प्रदर्शनकारियों को बाहर धकेल कर दोबारा गेट बंद कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी सड़क पर ही बैठ गए। इससे सोनीपत स्टैंड से आंबेडकर चौक की तरफ आने वाला सड़क मार्ग बंद हो गया। साढ़े तीन बजे तक प्रदर्शनकारी सड़क पर बैठे रहे। इसके बाद अधिकारियों व प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत हुई। तय हुआ कि एक 11 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल आला अधिकारियों से बात करेगा। साथ ही किसानों की मांग सरकार तक पहुंचा दी जाएंगी। इसके बाद धरना व प्रदर्शन खत्म हुआ।
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जाम में आधा घंटा फंसी रही एंबुलेंस, करना पड़ा रूट डायवर्ट
प्रदर्शनकारियों के अचानक से सड़क पर आ जाने से ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। सचिवालय के बाहर सड़क पर प्रदर्शनकारियों द्वारा जाम लगाए जाने पर सैकड़ों वाहन फंस गए। इस दौरान एक निजी अस्पताल से दिल के मरीज को हिसार के जिंदल अस्पताल लेकर जा रही एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। करीब आधे घंटे बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों की मदद से एंबुलेंस को जाम से निकाला गया। साथ ही पुलिस ने अशोका चौक की तरफ से आने वाले वाहनों को कोर्ट के आगे से निकाला और सोनीपत रोड से आने वाले वाहनों को आईसी कॉलेज के सामने वाले मार्ग को वनवे से टू वे करके निकाला। दोपहर बाद 4 बजे तक यहीं व्यवस्था रही।
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किसानों ने ये रखी मांगे
अखिल भारतीय किसान सभा जिला सचिव सुमित सिंह ने बताया कि किसानों की राज्य भर की व दर्जनों स्थानीय समस्याएं है जिन बारे प्रशासन को बार बार ज्ञापन देने व अवगत करवाने के बावजूद भी इनका निदान नहीं हो रहा। इसलिए मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शनों किया गया। किसानों ने कहा कि गेहूं की खराब फसल को पूरा मुआवजा किसानों को नहीं दिया गया है। प्राकृतिक आपदा के चलते गेहूं का उत्पादन भी कम हुआ है, इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसलिए सरकार किसानों को 500 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दे। किसानों को मिलने वाली बिजली की आपूर्ति के समय को कम करने की बजाय बढ़ाने, बिजली के ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, ड्रेनों की सफाई करने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कंपनियों की लूट पर रोक लगाने की मांग की।
ये रहे प्रदर्शन में शामिल
किसानों के प्रदर्शन में नौनद, चिड़ी , लाखनमाजरा, खरक , बैंसी, खरेंटी, किलोई, रिठाल, मोरखेड़ी, मदीना, खरावड़, बलम ,बनियानी , ककराना, मोखरा, मदीना, सैमान, चुलियाना, बहलम्बा , मायना, शिमली, बहुअकबरपुर, भराण, भालौठ सहित अन्य गांवों के किसान भी शामिल रहे। साथ ही किसान सभा के राज्य उपप्रधान इंद्रजीत सिंह ,जिला प्रधान प्रीत सिंह , बिकेयू महिला विंग प्रधान गीता अहलावत, बलवान सिंह ,सोनू किलोई, संदीप मोखरा, जगफूल मोरखेड़ी , राजेंद्र नौनद, सुनील मलिक, अशोक राठी, अजीत खरेंटी, बबलू दलाल, रामबीर, धर्मपाल दांगी, कर्मबीर दांगी, रणबीर नेहरा, राय सिंह, कमलेश सैमान, रामकिशन, बलबीर व प्रदीप किलोई भी मौजूद रहे।
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