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Rohtak News: हड़ताली लिपिकों की मांग- सरकार से बातचीत जनता को लाइव दिखाया जाए
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28सीटीके39... लघु सचिवालय के बाहर धरना देते लिपिक। विज्ञप्ति
रोहतक। क्लेरिकल एसोसिएशन वेलफेयर सोसाइटी संबंधित भारतीय मजदूर संघ ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि उनके प्रतिनिधि मंडल से जो बातचीत होती है, उसे जनता को लाइव दिखाया जाए। इससे जनता को पता चलेगा कि क्या बात हो रही है। क्योंकि सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। यह बात शुक्रवार को लघु सचिवालय के बाहर हड़ताल पर बैठे लिपिकों ने कही।
लघु सचिवालय के बाहर लिपिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 24वें दिन जारी रही। इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग, रोहतक से पूर्व महासचिव व वर्तमान संगठन मंत्री ओमपाल ने की। मंच से बताया गया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने दूसरे राज्यों के लिपिकों को मिल रहे वेतनमान संबंधित तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया है। यह निंदनीय है। उन्होंने लिपिक वर्ग और जनता में आपसी मतभेद पैदा करने का भी निंदनीय प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के लिपिक 19900 ही ले रहे हैं और सबसे ज्यादा यूपी में 21700 ले रहे हैं। यह हम भी देने को तैयार हैं। लिपिक वर्ग द्वारा बताया गया कि हिमाचल में लिपिकों के दो वर्ष के प्रोबेशन समय के बाद क्लर्क का वेतन 30500 हो जाता है जबकि हरियाणा सरकार में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
जिला प्रधान ने बताया गया कि हरियाणा सरकार डिजिटलाइजेशन के मामले में हरियाणा को नंबर वन बताती है और हर दिन नए पोर्टल पर पोर्टल खोलती जा रही है। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य यही लिपिक करते हैं। नये पोर्टल खुलने से लिपिकों पर कार्यभार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार वेतनमान के मामले में दूसरे राज्यों से तुलना करने में ही जुटी हुई है। लिपिक वर्ग की हड़ताल का मुख्य उद्देश्य उनके काम के बदले न्यूनतम वेतन पाना है जो कि उनका अधिकार है और वे उसे लेकर ही रहेंगे। ओएसडी के बयान पर लिपिकों में रोष जताया है।
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लघु सचिवालय के बाहर लिपिकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल 24वें दिन जारी रही। इसकी अध्यक्षता स्वास्थ्य विभाग, रोहतक से पूर्व महासचिव व वर्तमान संगठन मंत्री ओमपाल ने की। मंच से बताया गया कि मुख्यमंत्री के ओएसडी जवाहर यादव ने दूसरे राज्यों के लिपिकों को मिल रहे वेतनमान संबंधित तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया है। यह निंदनीय है। उन्होंने लिपिक वर्ग और जनता में आपसी मतभेद पैदा करने का भी निंदनीय प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों के लिपिक 19900 ही ले रहे हैं और सबसे ज्यादा यूपी में 21700 ले रहे हैं। यह हम भी देने को तैयार हैं। लिपिक वर्ग द्वारा बताया गया कि हिमाचल में लिपिकों के दो वर्ष के प्रोबेशन समय के बाद क्लर्क का वेतन 30500 हो जाता है जबकि हरियाणा सरकार में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।
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जिला प्रधान ने बताया गया कि हरियाणा सरकार डिजिटलाइजेशन के मामले में हरियाणा को नंबर वन बताती है और हर दिन नए पोर्टल पर पोर्टल खोलती जा रही है। इन योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य यही लिपिक करते हैं। नये पोर्टल खुलने से लिपिकों पर कार्यभार बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार वेतनमान के मामले में दूसरे राज्यों से तुलना करने में ही जुटी हुई है। लिपिक वर्ग की हड़ताल का मुख्य उद्देश्य उनके काम के बदले न्यूनतम वेतन पाना है जो कि उनका अधिकार है और वे उसे लेकर ही रहेंगे। ओएसडी के बयान पर लिपिकों में रोष जताया है।

28सीटीके39... लघु सचिवालय के बाहर धरना देते लिपिक। विज्ञप्ति
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