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दीक्षा महोत्सव : बड़ी बहन की शिष्या बनेंगी लब्धि जैन
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02सीटीके51-दीक्षा महोत्सव से पूर्व बान रस्म के लिए साध्वी महाप्रज्ञा महाराज के साथ जाती लब्धि
रोहतक। शहर की जनता कॉलोनी स्थित जैन स्थानक में दीक्षा महोत्सव की खुशियां व उत्साह जोरों पर है। दीक्षा महोत्सव में लब्धि अपनी बहन महाप्रज्ञा महाराज की शिष्या बनेंगी। इधर, महिलाएं अपने हाथों में लब्धि जैन के दीक्षा महोत्सव पर पहने जाने वाले परिधान तैयार कर रही हैं। केसर घोट कर रंगे गए कपड़े से यह परिधान तैयार किया जा रहा है।
जैन स्थानक में पिछले कुछ दिनों से हल्दी, मेहंदी, केसर व बान रस्म निभाई जा रही है। इसमें जैन समाज इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। इसके चलते जैन स्थानक में रौनक बनी हुई है। कोई लब्धि के दर्शन करने तो कोई उसे दीक्षा महोत्सव के लिए आशीर्वाद देने आ रहा है। इसी कड़ी में महिलाओं की एक टोली लब्धि के लिए केसर घोट कर रंगे गए कपड़े से परिधान तैयार कर रही है। यही परिधान पहनकर लब्धि दीक्षा महोत्सव में शामिल होंगी।
महोत्सव के दिन लब्धि भौतिक वस्तुओं व सुख-सुविधाओं को त्याग कर वैराग्य धारण करेंगी। इसकी शुरुआत केसर से रंगे परिधान से होगी। इसके अलावा, जैन संतों की तरह ही लब्धि भी तख्त पर सोएंगी। भिक्षा ग्रहण करेंगी, सादा जीवन जीएंगी।
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जैन स्थानक में पिछले कुछ दिनों से हल्दी, मेहंदी, केसर व बान रस्म निभाई जा रही है। इसमें जैन समाज इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहा है। इसके चलते जैन स्थानक में रौनक बनी हुई है। कोई लब्धि के दर्शन करने तो कोई उसे दीक्षा महोत्सव के लिए आशीर्वाद देने आ रहा है। इसी कड़ी में महिलाओं की एक टोली लब्धि के लिए केसर घोट कर रंगे गए कपड़े से परिधान तैयार कर रही है। यही परिधान पहनकर लब्धि दीक्षा महोत्सव में शामिल होंगी।
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महोत्सव के दिन लब्धि भौतिक वस्तुओं व सुख-सुविधाओं को त्याग कर वैराग्य धारण करेंगी। इसकी शुरुआत केसर से रंगे परिधान से होगी। इसके अलावा, जैन संतों की तरह ही लब्धि भी तख्त पर सोएंगी। भिक्षा ग्रहण करेंगी, सादा जीवन जीएंगी।
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