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हाईकोर्ट में जनवरी में होगी पूर्व मंत्री व विधायक के बीच मानहानि केस में बहस
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में नए साल में 14 जनवरी को प्रदेश के पूर्व सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व महम के विधायक बलराज कुंडू के बीच चल रहे मानहानि के केस में बहस होगी। हाईकोर्ट में याचिका पर फैसला न होने के चलते जिला अदालत में सोमवार को केस में कोई सुनवाई नहीं हो सकी।
पूर्व मंत्री के वकील राकेश सपड़ा ने बताया कि फरवरी 2020 में जिला अदालत में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने याचिका दायर की थी। आरोप है कि महम विधायक बलराज कुंडू ने पूर्व मंत्री पर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, उनके मंत्री कार्यकाल में शहरी निकाय व सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए हैं। मामले में महम विधायक से आरोपों को लेकर तथ्य मांगे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पूर्व मंत्री ने अदालत में मानहानि का केस दायर किया था। जिला अदालत ने पूर्व मंत्री की याचिका स्वीकार करते हुए महम विधायक को समन जारी किए थे। सीजेएम कोर्ट के फैसले को महम विधायक ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चुनौती दी थी। एएसजे कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिए थे कि मामले में नया आदेश पारित किया जाए। पूर्व मंत्री ने एएसजे कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला होने तक निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगा रखी है। इसके चलते सोमवार को जिला अदालत में केस की सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में जिला अदालत ने अगली तारीख 25 जनवरी 2022 तय की है।
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पूर्व मंत्री के वकील राकेश सपड़ा ने बताया कि फरवरी 2020 में जिला अदालत में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर ने याचिका दायर की थी। आरोप है कि महम विधायक बलराज कुंडू ने पूर्व मंत्री पर जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा, उनके मंत्री कार्यकाल में शहरी निकाय व सहकारिता विभाग में भ्रष्टाचार होने के आरोप लगाए हैं। मामले में महम विधायक से आरोपों को लेकर तथ्य मांगे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पूर्व मंत्री ने अदालत में मानहानि का केस दायर किया था। जिला अदालत ने पूर्व मंत्री की याचिका स्वीकार करते हुए महम विधायक को समन जारी किए थे। सीजेएम कोर्ट के फैसले को महम विधायक ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने चुनौती दी थी। एएसजे कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिए थे कि मामले में नया आदेश पारित किया जाए। पूर्व मंत्री ने एएसजे कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे रखी है। हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला होने तक निचली अदालत में सुनवाई पर रोक लगा रखी है। इसके चलते सोमवार को जिला अदालत में केस की सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में जिला अदालत ने अगली तारीख 25 जनवरी 2022 तय की है।
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