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Rohtak News: प्रशिक्षक केंद्र की दीवार पर नाच रही मौत
Sun, 25 Feb 2024 11:43 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 25 Feb 2024 11:43 PM IST
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पीजीआईडीएस के पास राज्य स्वास्थ्य व परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र की जर्जर पडी दीवार । संवाद
रोहतक। राज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र की बाहरी दीवार जर्जर होकर गिर रही है। हाल में ही दीवार से एक पत्थर प्लास्टर समेत गिरने से एक छात्र का सिर फट गया था जिसे तत्काल उपचार के लिए पीजीआई के आपातकालीन विभाग में ले जाया गया। उसके सिर पर 23 टांके लगे। इस घटना को करीब 20 दिन का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
प्रिंसिपल का कहना है कि सरकारी भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी बीएंडआर की होती है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एक रस्सी से प्लास्टर टूटकर गिरने वाली जगह को अस्थायी रूप से घेर दिया है। कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बताया कि भवन की अंदरूनी स्थिति भी ठीक नहीं है। सीलन से दीवार की पपड़ी निकल रही है। पूरा भवन बाहर से जर्जर है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले ही भवन के अंदर मरम्मत कार्य किया गया है, लेकिन बाहरी दीवारों को जर्जर हालत में छोड़ दिया गया है।
1970 से पहले हुआ निर्माण
कर्मचारियों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण 1970 के आसपास हुआ। तभी से भवन की बाहरी दीवारों पर आज तक कोई मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है। केंद्र के भवन की स्थिति बहुत खराब है। दीवारों से पौधे निकल रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि बिजली की खुली तारों से अक्सर स्पार्क होता रहता है। स्पार्क से दीवार का रंग लाल की जगह स्लेटी हो गया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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सरकारी भवनों के निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर करता है। बीएंडआर को दो फरवरी 2020 को ही 5 लाख 91 हजार रुपये बाहरी दीवारों के मरम्मत के लिए फंड अलॉट किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। बच्चों को चोट न आए इसलिए प्लास्टर गिरने वाले हिस्से की जगह को अस्थायी रूप से घेर दिया गया है।
-डॉ. आकांक्षा, प्रिंसिपल, राज्य स्वास्थ्य व परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र
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प्रिंसिपल का कहना है कि सरकारी भवनों के निर्माण की जिम्मेदारी बीएंडआर की होती है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए एक रस्सी से प्लास्टर टूटकर गिरने वाली जगह को अस्थायी रूप से घेर दिया है। कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बताया कि भवन की अंदरूनी स्थिति भी ठीक नहीं है। सीलन से दीवार की पपड़ी निकल रही है। पूरा भवन बाहर से जर्जर है। उन्होंने बताया कि कुछ वर्ष पहले ही भवन के अंदर मरम्मत कार्य किया गया है, लेकिन बाहरी दीवारों को जर्जर हालत में छोड़ दिया गया है।
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1970 से पहले हुआ निर्माण
कर्मचारियों ने बताया कि राज्य स्वास्थ्य और परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण 1970 के आसपास हुआ। तभी से भवन की बाहरी दीवारों पर आज तक कोई मरम्मत का कार्य नहीं हुआ है। केंद्र के भवन की स्थिति बहुत खराब है। दीवारों से पौधे निकल रहे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि बिजली की खुली तारों से अक्सर स्पार्क होता रहता है। स्पार्क से दीवार का रंग लाल की जगह स्लेटी हो गया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
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सरकारी भवनों के निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी बीएंडआर करता है। बीएंडआर को दो फरवरी 2020 को ही 5 लाख 91 हजार रुपये बाहरी दीवारों के मरम्मत के लिए फंड अलॉट किया गया था, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। बच्चों को चोट न आए इसलिए प्लास्टर गिरने वाले हिस्से की जगह को अस्थायी रूप से घेर दिया गया है।
-डॉ. आकांक्षा, प्रिंसिपल, राज्य स्वास्थ्य व परिवार कल्याण प्रशिक्षण केंद्र