{"_id":"588d0a974f1c1bbb7ecf8130","slug":"dayanad-math-gurukul-governer-rohtak-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रदेश की चारों दिशाओं में बनेंगे वैदिक प्रचार केंद्र : आचार्य देवव्रत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रदेश की चारों दिशाओं में बनेंगे वैदिक प्रचार केंद्र : आचार्य देवव्रत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 29 Jan 2017 02:48 AM IST
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दयानंद मठ में भव्य तरीके से मानाया गया आचार्य बलदेव स्मृति दिवस
- फोटो : amar ujala
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हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत का कहना है कि आर्य समाज के प्रचार-प्रसार और युवाओं के अंदर अच्छे संस्कार पैदा करने के लिए प्रदेश की चारों दिशाओं में वैदिक प्रचार केंद्र बनाए जाएंगे। इसके लिए कुरुक्षेत्र, रोहतक, हिसार और दिल्ली का चयन किया गया है। आचार्य शनिवार को दयानंद मठ में आर्य प्रतिनिधि सभा की ओर से आयोजित आचार्य बलदेव के स्मृति दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्होंने स्वामी स्वतंत्रतानंद बहुउद्देशीय सभागार का शिलान्यास किया। इसके बाद आचार्य बलदेव के जीवन वृतांत पर आचार्य कर्मबीर मेधार्थी की लिखी पुस्तक का विमोचन किया।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि युवाओं को जोड़कर आर्य समाज को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए गांव-गांव में आर्य सभाएं की जाएं। प्रत्येक केंद्र पर शुक्रवार, शनिवार व रविवार को कैंप लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में भजन उपदेशक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसमें निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। खाना-पीना और रहना निशुल्क होगा। आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश में रामपाल जैसी शक्तियों पर आर्य समाज ने आचार्य बलदेव के नेतृत्व में ही विजयी पाई है। आचार्य बलदेव महान त्यागी और तपस्वी थे। उनका जीवन हमेशा प्रेरणा स्त्रोत बना रहेगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव उत्थान, गोसेवा और स्त्री शिक्षा के लिए समर्पित किया था। गोरक्षा, वेद प्रचार और आर्यसमाज की शिक्षाओं का प्रचार करने का संकल्प लेकर आचार्य बलदेव के मिशन को आगे बढ़ाना चाहिए।
आर्थिक विषमता के खिलाफ लड़ाई लड़े आर्य समाज : बीरेंद्र सिंह
आचार्य बलदेव स्मृति दिवस समारोह का संबोधित करते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आचार्य बलदेव आर्य समाज के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने कहा कि समाज में फैली आर्थिक विषमता के खिलाफ आर्य समाज को आंदोलन छेड़ना चाहिए। आज देश में 57 प्रतिशत दौलत पर एक करोड़ लोगों का कब्जा है, जबकि एक अरब लोगों के पास मात्र 47 प्रतिशत दौलत है। इसी वजह से आर्थिक विषमता है। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद का कहना था कि दौलत किसी व्यक्ति या परिवार की नहीं, बल्कि समाज की होनी चाहिए। डूमरखां ने कहा कि गो संरक्षण से पहले नारी संरक्षण की आवश्यकता है। महिलाओं को फैसला लेने का मौका मिले तो वे पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को ज्यादा वेतन देने का कानून बनाएं।
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आचार्य बलदेव की बड़ी पहचान उनकी शालीनता : कैप्टन अभिमन्यु
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आचार्य बलदेव की सबसे बड़ी विशेषता उनकी शालीनता थी। वे हर किसी को अपने से बड़ा व हर छोटे से खुद को छोटा बना लेते थे। उन्होंने कहा कि समाज को पढ़ाया गया कि आर्य समाजी यूरोप से आए हैं, लेकिन नई खोज ने साबित किया है कि आर्य समाज का जन्म हरियाणा में हुआ। हड़प्पा व मोहनजोदड़ो की सभ्यता से 800 साल पहले विकसित सभ्यता हिसार के राखी गढ़ी में थी। दोबारा से आर्य समाज के स्वर्णिम युग को लाने के लिए न केवल वैदिक विश्वविद्यालय स्थापित किया, बल्कि गांव-गांव में आर्य कुमार सभा व आर्य वीर दल बनाए जाएं।
हर गांव में बनेंगे नौ फीट ऊंचे ग्राम पट्ट : धनखड़
कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का कहना है कि आर्य समाज में आचार्य बलदेव का अमूल्य योगदान रहा है। सरकार ने देश में सबसे अच्छा गो संरक्षण-गो संवर्धन कानून बनाया है। प्रदेश देश का पहला राज्य है जो देसी गाय का दूध ए 2 वीटा नाम से बेच रहा है। गो संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए देसी नस्ल की तीन से पांच गाय की डेयरी खोलने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। देसी गायों की दुग्ध प्रतियोगिता करवाकर गाय के मालिकों को पुरस्कार राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव में नवंबर 2017 तक ग्राम पट्ट लगाए जाएंगे। ग्राम पट्ट पर गांव के महापुरुषों, शहीदों, समाज में योगदान करने वालों के नाम लिखे जाएंगे।
गोशाला बनाने से गाय का भला नहीं, चारे की भी व्यवस्था करें : ग्रोवर
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि गो सेवा के लिए चाहे कितनी बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी करके गोशाला बना लें, लेकिन जब तक गाय के लिए चारे की व्यवस्था नहीं करेंगे, तब तक सही मायने में गाय की सेवा नहीं कर सकते। इसलिए प्रतिदिन अपनी कमाई में से एक रुपये गायों के लिए जरूर दान करें। ग्रोवर ने कहा कि आचार्य बलदेव को उन्होंने रोहतक में नंगे पैर समाज के लिए संघर्ष करते देखा है। ऐसे योगी व त्यागी पुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
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कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि युवाओं को जोड़कर आर्य समाज को आगे बढ़ाने की जरूरत है। इसके लिए गांव-गांव में आर्य सभाएं की जाएं। प्रत्येक केंद्र पर शुक्रवार, शनिवार व रविवार को कैंप लगाए जाएं। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र में भजन उपदेशक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। इसमें निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। खाना-पीना और रहना निशुल्क होगा। आचार्य देवव्रत ने कहा कि प्रदेश में रामपाल जैसी शक्तियों पर आर्य समाज ने आचार्य बलदेव के नेतृत्व में ही विजयी पाई है। आचार्य बलदेव महान त्यागी और तपस्वी थे। उनका जीवन हमेशा प्रेरणा स्त्रोत बना रहेगा। उन्होंने अपना पूरा जीवन मानव उत्थान, गोसेवा और स्त्री शिक्षा के लिए समर्पित किया था। गोरक्षा, वेद प्रचार और आर्यसमाज की शिक्षाओं का प्रचार करने का संकल्प लेकर आचार्य बलदेव के मिशन को आगे बढ़ाना चाहिए।
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आर्थिक विषमता के खिलाफ लड़ाई लड़े आर्य समाज : बीरेंद्र सिंह
आचार्य बलदेव स्मृति दिवस समारोह का संबोधित करते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि आचार्य बलदेव आर्य समाज के सच्चे सिपाही थे। उन्होंने कहा कि समाज में फैली आर्थिक विषमता के खिलाफ आर्य समाज को आंदोलन छेड़ना चाहिए। आज देश में 57 प्रतिशत दौलत पर एक करोड़ लोगों का कब्जा है, जबकि एक अरब लोगों के पास मात्र 47 प्रतिशत दौलत है। इसी वजह से आर्थिक विषमता है। उन्होंने कहा कि स्वामी दयानंद का कहना था कि दौलत किसी व्यक्ति या परिवार की नहीं, बल्कि समाज की होनी चाहिए। डूमरखां ने कहा कि गो संरक्षण से पहले नारी संरक्षण की आवश्यकता है। महिलाओं को फैसला लेने का मौका मिले तो वे पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को ज्यादा वेतन देने का कानून बनाएं।
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आचार्य बलदेव की बड़ी पहचान उनकी शालीनता : कैप्टन अभिमन्यु
वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि आचार्य बलदेव की सबसे बड़ी विशेषता उनकी शालीनता थी। वे हर किसी को अपने से बड़ा व हर छोटे से खुद को छोटा बना लेते थे। उन्होंने कहा कि समाज को पढ़ाया गया कि आर्य समाजी यूरोप से आए हैं, लेकिन नई खोज ने साबित किया है कि आर्य समाज का जन्म हरियाणा में हुआ। हड़प्पा व मोहनजोदड़ो की सभ्यता से 800 साल पहले विकसित सभ्यता हिसार के राखी गढ़ी में थी। दोबारा से आर्य समाज के स्वर्णिम युग को लाने के लिए न केवल वैदिक विश्वविद्यालय स्थापित किया, बल्कि गांव-गांव में आर्य कुमार सभा व आर्य वीर दल बनाए जाएं।
हर गांव में बनेंगे नौ फीट ऊंचे ग्राम पट्ट : धनखड़
कृषिमंत्री ओमप्रकाश धनखड़ का कहना है कि आर्य समाज में आचार्य बलदेव का अमूल्य योगदान रहा है। सरकार ने देश में सबसे अच्छा गो संरक्षण-गो संवर्धन कानून बनाया है। प्रदेश देश का पहला राज्य है जो देसी गाय का दूध ए 2 वीटा नाम से बेच रहा है। गो संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए देसी नस्ल की तीन से पांच गाय की डेयरी खोलने पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। देसी गायों की दुग्ध प्रतियोगिता करवाकर गाय के मालिकों को पुरस्कार राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर गांव में नवंबर 2017 तक ग्राम पट्ट लगाए जाएंगे। ग्राम पट्ट पर गांव के महापुरुषों, शहीदों, समाज में योगदान करने वालों के नाम लिखे जाएंगे।
गोशाला बनाने से गाय का भला नहीं, चारे की भी व्यवस्था करें : ग्रोवर
सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने कहा कि गो सेवा के लिए चाहे कितनी बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी करके गोशाला बना लें, लेकिन जब तक गाय के लिए चारे की व्यवस्था नहीं करेंगे, तब तक सही मायने में गाय की सेवा नहीं कर सकते। इसलिए प्रतिदिन अपनी कमाई में से एक रुपये गायों के लिए जरूर दान करें। ग्रोवर ने कहा कि आचार्य बलदेव को उन्होंने रोहतक में नंगे पैर समाज के लिए संघर्ष करते देखा है। ऐसे योगी व त्यागी पुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।