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Rohtak News: दशलक्षण महापर्व 8 से, बुराइयां, क्रोध और अहम को छोड़ने का पर्व
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06सीटीके11..दिगंबर जैन मंदिर में प्रतिमाओं का मंजन करते जैन मुनि। स्रोत:जैन समाज
रोहतक। भाद्रपद माह की शुद्धि पंचमी से नए युग के प्रारंभ के उपलक्ष्य में दिगंबर जैन समाज के दशलक्षण महापर्व को मनाने की सभी दिगंबर जैन मंदिरों में तैयारियां करते हुए मंदिर में विराजमान सभी प्रतिमाओं का मंजन का कार्य शुरू कर दिया गया है। मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने बताया कि दशलक्षण महापर्व 8 सितंबर रविवार से शुरू होकर 17 सितंबर मंगलवार तक मनाया जाएगा। यह पर्व तपस्या, त्याग का है। अपने अंदर की बुराइयों, क्रोध और अहम को छोड़ने का पर्व है। बाल ब्रह्मचारी दीपक भैया टेहरका पृथ्वीपुर वाले के सानिध्य में दिगंबर जैन मंदिर सराय मंदिर में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिरों में नित्य नियम पूजन, दसलक्षण पूजन व विधान होंगे। यह पर्व आत्मशुद्धि का पर्व है जो भक्तों के लिए कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है।
व्रत में इन नियमों का करें पालन
-शुद्धसात्विक जीवन यापन करें।
-मादक पदार्थों से दूर रहें।
-क्रोध, कपट व झूठ न बोलें।
-तामसिक भोजन का त्याग करें।
-सूरज छिपने से पहले भोजन कर लें।
-रात्रि भोजन का त्याग करें।
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व्रत में इन नियमों का करें पालन
-शुद्धसात्विक जीवन यापन करें।
-मादक पदार्थों से दूर रहें।
-क्रोध, कपट व झूठ न बोलें।
-तामसिक भोजन का त्याग करें।
-सूरज छिपने से पहले भोजन कर लें।
-रात्रि भोजन का त्याग करें।