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Rohtak: शहीद का शव देखकर पत्नी बोलीं- शहादत पर गर्व, बेटे को भी भेजूंगी सेना में

Thu, 29 Sep 2022 10:57 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 29 Sep 2022 10:57 PM IST
सार

शहीद सतपाल का शव 10 किलोमीटर के काफिले के साथ बोहर गांव में लाया गया। जवानों ने सलामी दी और देर रात अंतिम संस्कार हुआ। एडीसी व एसडीएम भी पहुंचे। सतपाल बुधवार शाम को बीजापुर में नक्सलियों द्वारा बिछाई लैंडमाइन की चपेट में आने से शहीद हो गए थे। 

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CRPF jawan Satpal of Rohtak Haryana martyred in Chhattisgarh
शहीद की पत्नी मोनिका बेटा जीवेश और बेटी नियत के साथ भारत माता की जय का नारा लगातीं। शहीद सतपाल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

छत्तीसगढ़ में शहीद हुए सीआरपीएफ के जवान हरियाणा के रोहतक निवासी सतपाल (30) का शव गुरुवार रात नौ बजे बोहर गांव में पहुंचा, जहां जवानों ने सलामी दी और भारत माता की जयघोष से आसमान गूंज उठा। सैकड़ों युवाओं का काफिला शहीद के शव को 10 किलोमीटर दूर से फूलों से सजी गाड़ी में लेकर आया।

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पति का शव देखकर वीरांगना मोनिका बोली, उसे अपने पति की शहादत पर गर्व है। बेटे जितेश (6) को भी देश सेवा के लिए सेना में भेजूंगी। वहीं प्रशासन की तरफ से एडीसी महेंद्र पाल व एसडीएम राकेश कुमार भी मौके पर मौजूद रहे। 
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सतपाल के बड़े भाई एवं सीआरपीएफ में ही तैनात ललित कुमार ने बताया कि वे तीन भाई हैं। भाई सतपाल सबसे छोटा था। दूसरे नंबर का भाई कोलकाता स्थित रिफाइनरी में कार्यरत है। पिता फूल सिंह 2014 में खुफिया विभाग से रिटायर हुए थे। सबसे छोटा भाई 2012 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। 2016 में उसकी शादी हुई। वर्तमान में उसकी पोस्टिंग छत्तीसगढ़ के बीजापुर में थी।
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यह भी पढ़ें : रोहतक का लाल छत्तीसगढ़ में शहीद: नक्सलियों के बिछाए लैंडमाइन पर आया पैर, धमाके में गई जान


बुधवार रात फोन आया कि सीआरपीएफ की एक टीम अपने कैंप से चिंताबगु नदी के पास सर्च अभियान पर निकली थी। कैंप से करीब एक किलोमीटर दूर ही अचानक सतपाल का पैर नक्सलियों द्वारा बिछाए गए लैंडमाइन पर आ गया। जोरदार धमाके के चलते सतपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तत्काल कैंप में लाया गया, जहां उसे बचाया नहीं जा सका। भाई ललित ने बताया कि सतपाल के दो बच्चे हैं। एक की उम्र छह साल तो दूसरे की चार साल है।



उमड़े ग्रामीण, युवाओं का काफिला लेकर आया पार्थिव शरीर
शाम को सीआरपीएफ की टीम शहीद सतपाल का शव लेकर दिल्ली से रोहतक पहुंचे। खरावड़ बाईपास से पार्थिव शरीर को फूलों से सजी गाड़ी में बोहर गांव लाया गया। गाड़ी के आगे-आगे सैकड़ों युवक बाइक पर सवार होकर चल रहे थे। 10 किलोमीटर तक युवा भारत माता की जय व शहीद सतपाल अमर रहे के नारे लगाते चल रहे थे। काफी समय से ग्रामीण बोहर गांव से पहले आउटर बाईपास पुल के पास एकत्रित थे। शव को पहले घर लाया गया, जहां सीआरपीएफ के जवानों व ग्रामीणों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। इसके बाद श्मशान में अंतिम संस्कार किया गया।

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