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Rohtak News: मां चंद्रघंटा की पूजा के लिए सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की रही भीड़
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रेवाड़ी। दुर्गा माता मंदिर में मां की आरती में शामिल श्रद्धालु। संवाद
रेवाड़ी। चैत्र मास के नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की गई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं और भक्तों ने माता रानी से सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
धारूहेड़ा चुंगी स्थित काली माता मंदिर, बड़ा तालाब स्थित देवी मंदिर और बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर में विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त परिवार सहित मंदिरों में पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया।
मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर माता के जागरण भी आयोजित किए गए, जहां श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया।
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दुर्गा माता मंदिर के पूजारी अयोध्या प्रसाद तिवारी ने बताया कि मां चंद्रघंटा की पूजा करने से भय और संकट दूर होते हैं तथा जीवन में शांति और साहस की प्राप्ति होती है। नवरात्र के इन पावन दिनों में श्रद्धा और आस्था का विशेष महत्व होता है जिसके चलते लोग पूरे विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं।
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धारूहेड़ा चुंगी स्थित काली माता मंदिर, बड़ा तालाब स्थित देवी मंदिर और बारा हजारी स्थित दुर्गा मंदिर में विशेष रूप से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त परिवार सहित मंदिरों में पहुंचे और विधिवत पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया।
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मंदिरों में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। कई स्थानों पर माता के जागरण भी आयोजित किए गए, जहां श्रद्धालु भक्ति में लीन रहे। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन किया गया।
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दुर्गा माता मंदिर के पूजारी अयोध्या प्रसाद तिवारी ने बताया कि मां चंद्रघंटा की पूजा करने से भय और संकट दूर होते हैं तथा जीवन में शांति और साहस की प्राप्ति होती है। नवरात्र के इन पावन दिनों में श्रद्धा और आस्था का विशेष महत्व होता है जिसके चलते लोग पूरे विधि-विधान से पूजा कर रहे हैं।