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विशाल मेगा मार्ट में लगी भीषण आग, दमकल की 12 गाड़ियों ने 3 घंटे में पाया काबू
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 28 May 2016 02:03 AM IST
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विशाल मेगा मार्ट में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
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सोनीपत रोड स्थित विशाल मेगा मार्ट के तीसरे तल पर शुक्रवार सुबह 8 बजे शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग लगने से मॉल की तीसरी मंजिल पर बिक्री के लिए रखे कपड़े और अन्य सामान खाक हो गये। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। दमकल की 12 गाड़ियों ने तीन घंटे से अधिक की मशक्कत के बाद करीब 11 बजे आग पर काबू पाया।
हालांकि इसके बाद भी भवन से धुआं निकलता रहा। मौके पर दमकल विभाग की एक गाड़ी दोपहर डेढ़ बजे तक खड़ी रही। फिलहाल नुकसान का आकलन नहीं किया जा सका है, लेकिन फौरी तौर पर मॉल के प्रबंधक ने ढाई करोड़ से अधिक के नुकसान का दावा किया है। मॉल से धुआं निकलता देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। भवन मालिक ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही डीएसपी शमशेर सिंह, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी सहित ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंच गए। दमकल विभाग की गाड़ियां भी तुरंत ही मौके पर आ गईं। सुरक्षा को देखते हुए सड़क पर यातायात बंद कर दिया गया।
सोनीपत रोड स्थित विशाल मेगा मार्ट शॉपिंग सेंटर में शुक्रवार सुबह सबसे पहले सुरक्षा कर्मी पहुंचे थे। एक सुरक्षा कर्मी ने शटर खोलने के बाद केबिन के अंदर जाकर बिजली का मुख्य स्वीच ऑन किया। स्वीच ऑन होते ही सेेंटर के बाहर लगे खंभे पर बंधे बिजली के तारों में विस्फोट हो गया। इसके कुछ पल बाद ही मॉल की तीसरी मंजिल पर लगे एसी में विस्फोट हो गया। इस पर कर्मचारी दौड़कर ऊपर पहुंचा। तब तक पूरे तल पर चारों ओर धुआं फै ल चुका था।
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भवन की पूरी वायरिंग में स्पार्र्किंग हो चुकी थी। विस्फोट और स्पार्किंग से निकली चिंगारियों ने कपड़ों में आग लगा दी थी। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर मौजूद आग पर नियंत्रण पाने वाले उपकरणों का प्रयोग करके आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर में पूरे तल पर जहरीला धुआं फैल गया। इससे कर्मचारियों का दम घुटने लगा और वह बाहर की तरफ भागे। इसी बीच आग पूरे तल में आग फै ल गई। सेंटर के छत से तेजी से धुआं निकलने लगा।
इसके बाद आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल की पहले चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए दमकल की आठ गाड़ियों को और मंगाया गया। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने पहले मॉल के बाहर से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की बौछार अंदर तक नहीं जा सकी। इसके बाद जैसे-तैसे दमकल विभाग के कुछ कर्मचारी मॉल के अंदर घुसे। अंदर जाने के बाद कर्मचारियों ने सेंटर के शीशे तोड़ दिए, ताकि पानी की बौछार अंदर तक जा सके। शीशे टूटने के बाद दमकल कर्मचारियों ने टूटी हुई जगह से पानी की बौछार को मॉल के अंदर तक पहुंचाया। कुछ देर बाद मॉल के पीछे के हिस्से में भी आग फैल गई। इसके बाद गली में दमकल की गाड़ी लगाकर आग बुझाने की कार्रवाई की गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बाद करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
दमकल की गाड़ियों को पीजीआई के वाटर टैंक से लाना पड़ा पानी
विशाल मेगा मार्ट में लगी आग को काबू करने में दमकल विभाग को करीब 3 घंटे लगे। इसके बाद भी तीसरी मंजिल से धुआं निकलता रहा। मौके पर पहुंची दमकल की 12 गाड़ियां बचाव कार्य में लगी थीं। दमकल की अधिकतर गाड़ियों में पानी खत्म होने के बाद नहर और पीजीआई स्थित जल घर से पानी भरकर लाना पड़ा। पानी भरने के चक्कर में दमकल की तीन गाड़ियों ने दो-दो फेरे लगाए। 10-10 मिनट के अंतराल से गाड़ियां पानी भरकर घटना स्थल पर पहुंच रही थीं।
मॉल की टंकी खाली, बोरिंग की व्यवस्था नहीं
आग लगने के बाद शॉपिंग सेंटर की भी लापरवाही सामने आई है। मॉल की तीसरी मंजिल में जब आग लगी तो कर्मचारियों ने मॉल की टंकी से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन टंकी में पानी बहुत कम बचा था। इस कारण शुरूआती दौर में आग पर काबू नहीं पाया जा सका। यही नहीं किसी आगजनी से निपटने के लिए भवन में भूमिगत पानी निकालने के लिए बोरिंग की भी व्यवस्था नहीं थी। यदि बोरिंग की व्यवस्था होती तो शुरू में ही आग पर काबू पा लिया जाता और इतना नुकसान नहीं होता। यही नहीं दमकल विभाग को भी पानी के लिए दूसरी जगह नहीं भटकना पड़ता।
दमकल कर्मियों को नहीं मिली पानी फेंकने की जगह
आग लगने के साथ ही भवन निर्माण में बरती गई लापरवाही सामने आ गई। भवन में आने जाने का केवल एक ही रास्ता बनाया गया है। जबकि इस तरह के मॉल के लिए दो रास्ते होने चाहिए। एक इमरजेंसी डोर की भी व्यवस्था होनी चाहिए है। भवन में कोई इमरजेंसी निकासी द्वार नहीं होने की वजह से दमकल के कर्मचारियों को पहले तो अंदर जाने में परेशानी हुई। उसके बाद आग पर नियंत्रण करने के लिए उन्हें तीन घंटे सख्त मशक्कत करनी पड़ी।
दमकल विभाग के सहायक ऑफिसर का कहना है कि कर्मचारियों को अंदर तक पानी पहुंचाने का रास्ता नहीं मिल रहा था। भवन के चारों तरफ घूमने के बाद कर्मचारी जान पर खेलकर मॉल के अंदर घुसे और शीशे तोड़कर पानी अंदर पहुंचाने की जगह बनाई।
आग लगते ही अपने घरों से सड़क पर भागे पड़ोसी
जैसे ही मॉल में आग लगी तो आसपास के घरों से निकलकर लोग सड़क पर आ गए। मकानों में खड़ी गाड़ियों को बाहर निकाल लिया। मॉल के ऊपर से तेजी से धुआं निकल रहा था। किसी चिंगारी या इमारत का हिस्सा गिरने के डर से लोगों में अफरातफरी मच गई थी। आग को अन्य मकानों में बढ़ने से रोकने के लिए दमकल ने भवन की साइड वाली गली में गाड़ी खड़ी करके पानी की बौछार की। इसी तरह दमकल कर्मचारी भवन के चारों तरफ फैल गये। भवन के बाईं ओर एक निजी अस्पताल था। उसकी भी सुरक्षा का ख्याल रखा गया।
सड़क पर ढाई घंटे तक आवाजाही रही बंद
आग लगने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंच गई। शॉपिंग सेंटर के मुख्य रोड पर होने और लोगों की सुरक्षा के चलते पुलिस ने करीब ढाई घंटे तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। सड़क के एक साइड में अस्थायी बेरिकेड्स लगा दिये गए। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आग पर काबू पाने के बाद यातायात सुचारू हो सका।
निर्माण में उड़ी नियमों की धज्जियां, मिलेगा दमकल का नोटिस
जिस भवन में विशाल मेगा मार्ट संचालित किया जाता है उसके निर्माण में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। एडिशनल फायर ऑफिसर संजीव डागर ने बताया कि भवन निर्माण में कई तरह की अनियमितताएं बरती गई हैं। यहां तक दमकल कर्मचारियों को पानी अंदर तक पहुंचाने का रास्ता भी नहीं मिला। नियमों का उल्लंघन करने के चलते भवन मालिक को विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा।
दमकल और पुलिस को दी हादसे की सूचना : भवन मालिक
विशाल मेगा मार्ट के सामने सड़क के पार रहने वाले भवन मालिक इंद्रजीत ढुल ने बताया कि उन्होंने सुबह मॉल से धुआं निकलता देखा था। जब तक बाहर आया तो वहां अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद इसकी जानकारी तुरंत दमकल और पुलिस विभाग को दी।
ढाई करोड़ तक पहुंच सकता है नुकसान : प्रबंधक
विशाल मेगा मार्ट के प्रबंधक वीरेंद्र लोहान का कहना था कि अभी तक के आकलन के अनुसार करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मॉल में महिला, पुरुष, बच्चों के कपड़े, बिजली उपकरण सहित अन्य सामान बिक्री के लिए रखे गए थे, जोकि खाक हो गए। भवन में फर्नीचर और अन्य ढांचे को भी नुकसान हुआ है। नुकसान का सही आकलन शनिवार को हो सकेगा। अभी तक मॉल के अंदर रखे सामान का सही आइडिया नहीं है।
जब सेंटर की बिजली सप्लाई के स्वीच ऑन किए गए तो शॉर्ट सर्किट हो गया। इस कारण वायरिंग और अन्य बिजली उपकरणों में आग लग गई। कुछ ही देर में आग कपड़ों तक पहुंच गई। मॉल के निर्माण में लापरवाही बरतने के चलते भवन मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।
- संजीव डागर, एडिशनल फायर ऑफिसर रोहतक
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हालांकि इसके बाद भी भवन से धुआं निकलता रहा। मौके पर दमकल विभाग की एक गाड़ी दोपहर डेढ़ बजे तक खड़ी रही। फिलहाल नुकसान का आकलन नहीं किया जा सका है, लेकिन फौरी तौर पर मॉल के प्रबंधक ने ढाई करोड़ से अधिक के नुकसान का दावा किया है। मॉल से धुआं निकलता देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। भवन मालिक ने इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही डीएसपी शमशेर सिंह, अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी सहित ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंच गए। दमकल विभाग की गाड़ियां भी तुरंत ही मौके पर आ गईं। सुरक्षा को देखते हुए सड़क पर यातायात बंद कर दिया गया।
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सोनीपत रोड स्थित विशाल मेगा मार्ट शॉपिंग सेंटर में शुक्रवार सुबह सबसे पहले सुरक्षा कर्मी पहुंचे थे। एक सुरक्षा कर्मी ने शटर खोलने के बाद केबिन के अंदर जाकर बिजली का मुख्य स्वीच ऑन किया। स्वीच ऑन होते ही सेेंटर के बाहर लगे खंभे पर बंधे बिजली के तारों में विस्फोट हो गया। इसके कुछ पल बाद ही मॉल की तीसरी मंजिल पर लगे एसी में विस्फोट हो गया। इस पर कर्मचारी दौड़कर ऊपर पहुंचा। तब तक पूरे तल पर चारों ओर धुआं फै ल चुका था।
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भवन की पूरी वायरिंग में स्पार्र्किंग हो चुकी थी। विस्फोट और स्पार्किंग से निकली चिंगारियों ने कपड़ों में आग लगा दी थी। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर मौजूद आग पर नियंत्रण पाने वाले उपकरणों का प्रयोग करके आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ देर में पूरे तल पर जहरीला धुआं फैल गया। इससे कर्मचारियों का दम घुटने लगा और वह बाहर की तरफ भागे। इसी बीच आग पूरे तल में आग फै ल गई। सेंटर के छत से तेजी से धुआं निकलने लगा।
इसके बाद आग की सूचना दमकल विभाग को दी गई। जानकारी मिलते ही दमकल की पहले चार गाड़ियां मौके पर पहुंची। लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए दमकल की आठ गाड़ियों को और मंगाया गया। दमकल विभाग के कर्मचारियों ने पहले मॉल के बाहर से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन पानी की बौछार अंदर तक नहीं जा सकी। इसके बाद जैसे-तैसे दमकल विभाग के कुछ कर्मचारी मॉल के अंदर घुसे। अंदर जाने के बाद कर्मचारियों ने सेंटर के शीशे तोड़ दिए, ताकि पानी की बौछार अंदर तक जा सके। शीशे टूटने के बाद दमकल कर्मचारियों ने टूटी हुई जगह से पानी की बौछार को मॉल के अंदर तक पहुंचाया। कुछ देर बाद मॉल के पीछे के हिस्से में भी आग फैल गई। इसके बाद गली में दमकल की गाड़ी लगाकर आग बुझाने की कार्रवाई की गई। दमकल विभाग के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत के बाद करीब तीन घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका।
दमकल की गाड़ियों को पीजीआई के वाटर टैंक से लाना पड़ा पानी
विशाल मेगा मार्ट में लगी आग को काबू करने में दमकल विभाग को करीब 3 घंटे लगे। इसके बाद भी तीसरी मंजिल से धुआं निकलता रहा। मौके पर पहुंची दमकल की 12 गाड़ियां बचाव कार्य में लगी थीं। दमकल की अधिकतर गाड़ियों में पानी खत्म होने के बाद नहर और पीजीआई स्थित जल घर से पानी भरकर लाना पड़ा। पानी भरने के चक्कर में दमकल की तीन गाड़ियों ने दो-दो फेरे लगाए। 10-10 मिनट के अंतराल से गाड़ियां पानी भरकर घटना स्थल पर पहुंच रही थीं।
मॉल की टंकी खाली, बोरिंग की व्यवस्था नहीं
आग लगने के बाद शॉपिंग सेंटर की भी लापरवाही सामने आई है। मॉल की तीसरी मंजिल में जब आग लगी तो कर्मचारियों ने मॉल की टंकी से पानी लेकर आग बुझाने का प्रयास किया। लेकिन टंकी में पानी बहुत कम बचा था। इस कारण शुरूआती दौर में आग पर काबू नहीं पाया जा सका। यही नहीं किसी आगजनी से निपटने के लिए भवन में भूमिगत पानी निकालने के लिए बोरिंग की भी व्यवस्था नहीं थी। यदि बोरिंग की व्यवस्था होती तो शुरू में ही आग पर काबू पा लिया जाता और इतना नुकसान नहीं होता। यही नहीं दमकल विभाग को भी पानी के लिए दूसरी जगह नहीं भटकना पड़ता।
दमकल कर्मियों को नहीं मिली पानी फेंकने की जगह
आग लगने के साथ ही भवन निर्माण में बरती गई लापरवाही सामने आ गई। भवन में आने जाने का केवल एक ही रास्ता बनाया गया है। जबकि इस तरह के मॉल के लिए दो रास्ते होने चाहिए। एक इमरजेंसी डोर की भी व्यवस्था होनी चाहिए है। भवन में कोई इमरजेंसी निकासी द्वार नहीं होने की वजह से दमकल के कर्मचारियों को पहले तो अंदर जाने में परेशानी हुई। उसके बाद आग पर नियंत्रण करने के लिए उन्हें तीन घंटे सख्त मशक्कत करनी पड़ी।
दमकल विभाग के सहायक ऑफिसर का कहना है कि कर्मचारियों को अंदर तक पानी पहुंचाने का रास्ता नहीं मिल रहा था। भवन के चारों तरफ घूमने के बाद कर्मचारी जान पर खेलकर मॉल के अंदर घुसे और शीशे तोड़कर पानी अंदर पहुंचाने की जगह बनाई।
आग लगते ही अपने घरों से सड़क पर भागे पड़ोसी
जैसे ही मॉल में आग लगी तो आसपास के घरों से निकलकर लोग सड़क पर आ गए। मकानों में खड़ी गाड़ियों को बाहर निकाल लिया। मॉल के ऊपर से तेजी से धुआं निकल रहा था। किसी चिंगारी या इमारत का हिस्सा गिरने के डर से लोगों में अफरातफरी मच गई थी। आग को अन्य मकानों में बढ़ने से रोकने के लिए दमकल ने भवन की साइड वाली गली में गाड़ी खड़ी करके पानी की बौछार की। इसी तरह दमकल कर्मचारी भवन के चारों तरफ फैल गये। भवन के बाईं ओर एक निजी अस्पताल था। उसकी भी सुरक्षा का ख्याल रखा गया।
सड़क पर ढाई घंटे तक आवाजाही रही बंद
आग लगने की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस मौके पर पहुंच गई। शॉपिंग सेंटर के मुख्य रोड पर होने और लोगों की सुरक्षा के चलते पुलिस ने करीब ढाई घंटे तक सड़क पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। सड़क के एक साइड में अस्थायी बेरिकेड्स लगा दिये गए। इससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। आग पर काबू पाने के बाद यातायात सुचारू हो सका।
निर्माण में उड़ी नियमों की धज्जियां, मिलेगा दमकल का नोटिस
जिस भवन में विशाल मेगा मार्ट संचालित किया जाता है उसके निर्माण में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं। एडिशनल फायर ऑफिसर संजीव डागर ने बताया कि भवन निर्माण में कई तरह की अनियमितताएं बरती गई हैं। यहां तक दमकल कर्मचारियों को पानी अंदर तक पहुंचाने का रास्ता भी नहीं मिला। नियमों का उल्लंघन करने के चलते भवन मालिक को विभाग की तरफ से नोटिस भेजा जाएगा।
दमकल और पुलिस को दी हादसे की सूचना : भवन मालिक
विशाल मेगा मार्ट के सामने सड़क के पार रहने वाले भवन मालिक इंद्रजीत ढुल ने बताया कि उन्होंने सुबह मॉल से धुआं निकलता देखा था। जब तक बाहर आया तो वहां अफरातफरी मच गई थी। इसके बाद इसकी जानकारी तुरंत दमकल और पुलिस विभाग को दी।
ढाई करोड़ तक पहुंच सकता है नुकसान : प्रबंधक
विशाल मेगा मार्ट के प्रबंधक वीरेंद्र लोहान का कहना था कि अभी तक के आकलन के अनुसार करीब डेढ़ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मॉल में महिला, पुरुष, बच्चों के कपड़े, बिजली उपकरण सहित अन्य सामान बिक्री के लिए रखे गए थे, जोकि खाक हो गए। भवन में फर्नीचर और अन्य ढांचे को भी नुकसान हुआ है। नुकसान का सही आकलन शनिवार को हो सकेगा। अभी तक मॉल के अंदर रखे सामान का सही आइडिया नहीं है।
जब सेंटर की बिजली सप्लाई के स्वीच ऑन किए गए तो शॉर्ट सर्किट हो गया। इस कारण वायरिंग और अन्य बिजली उपकरणों में आग लग गई। कुछ ही देर में आग कपड़ों तक पहुंच गई। मॉल के निर्माण में लापरवाही बरतने के चलते भवन मालिक को नोटिस भेजा जाएगा।
- संजीव डागर, एडिशनल फायर ऑफिसर रोहतक