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चोरी के आरोपी का बनाया फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Sun, 17 Apr 2016 01:29 AM IST
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- फोटो : getty
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चोरी के आरोपी को जेल जाने से बचाने के लिए एक स्कूल ने फर्जी सर्टिफिकेट जारी कर उसे नाबालिग बता दिया। इस बर्थ सर्टिफिकेट के सहारे आरोपी को नाबालिग बताकर बाल सुधार गृह भिजवा दिया गया, लेकिन जब कोर्ट ने संबंधित स्कूल से बर्थ सर्टिफिकेट का रिकार्ड मांगा तो फर्जीवाड़ा सामने आ गया। स्कूल के रजिस्टर में आरोपी का नाम तक नहीं मिला। मामले में जेएमआइसी (न्यायिक दंडाधिकारी) मंजीत पाल के आदेश पर शहर थाने में स्कूल संचालिका मीना कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अदालत ने पुलिस को मामले की गंभीरता से जांच करने के आदेश दिए हैं। यह भी कहा है कि मामले में यदि कोई अन्य लोग भी शामिल हैं तो उनकी भी जांच की जाए।
पुलिस के मुताबिक अर्बन स्टेट थाना पुलिस ने वर्ष 2014 में करतारपुरा निवासी सतपाल के बेटे को चोरी के आरोप में पकड़ा था। सतपाल की पत्नी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी कि उसका बेटा नाबालिग है इसलिए उसे सुधार गृह भेजा जाए। इस पर अदालत ने आरोपी की मां से नाबालिग होने का सबूत मांगा। आरोपी की मां ने अदालत में इंदिरा कालोनी स्थित श्याम पब्लिक स्कू ल से बनवाया गया जन्मतिथि का सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर दिया, जिसमें आरोपी को नाबालिग दिखाया गया था। इसके बाद अदालत ने आरोपी को सुधार गृह भेज दिया था। इसके बाद अर्बन स्टेट थाना पुलिस ने कोर्ट में 17 मई 2014 को चालान पेश किया।
जेएमआइसी (न्यायिक दंडाधिकारी) की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान स्कू ल को नोटिस भेजकर आरोपी के नाबालिग होने का सबूत मांगा। इसके बाद स्कूल की तरफ से एक रजिस्टर पुलिस के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। जब स्कूल के रजिस्टर का रिकॉर्ड खंगाला गया तो खुलासा हुआ कि सतपाल के बेटे का नाम उस स्कूल में है ही नहीं। इसके बाद अदालत ने केस के जांच अधिकारी को नोटिस भेजकर आरोपी के नाबालिग होने का सबूत मांगा, लेकिन जांच अधिकारी के पास भी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। जांच अधिकारी ने भी कोर्ट में जिस स्कूल से बर्थ सर्टिफिकेट बनाया गया था उसका रजिस्टर पेश कर दिया। इस रजिस्टर में भी आरोपी का नाम नहीं था।
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मामले की छानबीन के बाद जेएमआईसी की अदालत ने सिटी थाने में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने स्कूल संचालिका के खिलाफ केस दर्ज किया। अदालत ने मामले की जल्द से जल्द जांच करने के आदेश दिये हैं। हालांकि दो दिन पहले जेएमआईसी मनजीत सिंह का तबादला कर दिया गया है।
न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर श्याम पब्लिक स्कूल की संचालिका के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला चोरी के आरोपी को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट देने का है, ताकि उसे नाबालिग बताकर जेल जाने से बचाया जा सके।
- जगबीर सिंह, एसएचओ शहर थाना
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पुलिस के मुताबिक अर्बन स्टेट थाना पुलिस ने वर्ष 2014 में करतारपुरा निवासी सतपाल के बेटे को चोरी के आरोप में पकड़ा था। सतपाल की पत्नी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर गुहार लगाई थी कि उसका बेटा नाबालिग है इसलिए उसे सुधार गृह भेजा जाए। इस पर अदालत ने आरोपी की मां से नाबालिग होने का सबूत मांगा। आरोपी की मां ने अदालत में इंदिरा कालोनी स्थित श्याम पब्लिक स्कू ल से बनवाया गया जन्मतिथि का सर्टिफिकेट प्रस्तुत कर दिया, जिसमें आरोपी को नाबालिग दिखाया गया था। इसके बाद अदालत ने आरोपी को सुधार गृह भेज दिया था। इसके बाद अर्बन स्टेट थाना पुलिस ने कोर्ट में 17 मई 2014 को चालान पेश किया।
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जेएमआइसी (न्यायिक दंडाधिकारी) की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान स्कू ल को नोटिस भेजकर आरोपी के नाबालिग होने का सबूत मांगा। इसके बाद स्कूल की तरफ से एक रजिस्टर पुलिस के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया। जब स्कूल के रजिस्टर का रिकॉर्ड खंगाला गया तो खुलासा हुआ कि सतपाल के बेटे का नाम उस स्कूल में है ही नहीं। इसके बाद अदालत ने केस के जांच अधिकारी को नोटिस भेजकर आरोपी के नाबालिग होने का सबूत मांगा, लेकिन जांच अधिकारी के पास भी कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला। जांच अधिकारी ने भी कोर्ट में जिस स्कूल से बर्थ सर्टिफिकेट बनाया गया था उसका रजिस्टर पेश कर दिया। इस रजिस्टर में भी आरोपी का नाम नहीं था।
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मामले की छानबीन के बाद जेएमआईसी की अदालत ने सिटी थाने में शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने स्कूल संचालिका के खिलाफ केस दर्ज किया। अदालत ने मामले की जल्द से जल्द जांच करने के आदेश दिये हैं। हालांकि दो दिन पहले जेएमआईसी मनजीत सिंह का तबादला कर दिया गया है।
न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश पर श्याम पब्लिक स्कूल की संचालिका के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामला चोरी के आरोपी को फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट देने का है, ताकि उसे नाबालिग बताकर जेल जाने से बचाया जा सके।
- जगबीर सिंह, एसएचओ शहर थाना