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करौंथा कांड: गवाही की प्रक्रिया पूरी, आज फैसला आने की उम्मीद, 2006 में हुई थी आश्रम के बाहर हिंसा
Tue, 20 Dec 2022 06:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 20 Dec 2022 06:01 AM IST
सार
झज्जर के युवक की मौत हुई थी। मामले की सुनवाई डेढ़ दशक से चल रही है, जिसमें रामपाल सहित 33 आरोपी हैं। अदालत मंगलवार को फैसला भी सुना सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हरियाणा के रोहतक में करौंथा कांड को लेकर सोमवार को अदालत में गवाही की प्रक्रिया पूरी हुई। अब मंगलवार को 16 साल पुराने केस में फैसला आने की उम्मीद है। केस के अंदर सतलोक आश्रम करौंथा के संचालक रामपाल सहित 33 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज है।
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मामले के अनुसार रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट ने करौंथा में सतलोक आश्रम खोला था, लेकिन स्वामी दयानंद द्वारा लिखित पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश पर कथित टिप्पणी के चलते आर्य समाजियों व आसपास के ग्रामीणों ने विरोध किया। 12 जुलाई 2006 को करौंथा के सतलोक आश्रम के बाहर भीड़ एकत्रित हो गई।
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तनाव के बीच गोली लगने से झज्जर जिले के गांव बाघपुर के युवक सोनू की मौत हो गई थी, जबकि 59 लोग घायल हुए। पुलिस ने रामपाल सहित अन्य को हिरासत में लेकर आश्रम को सील कर कब्जे में ले लिया था। हालांकि, हाईकोर्ट से रामपाल को दो साल बाद जमानत मिल गई।
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2013 में आश्रम को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट को दे दिया गया। इसी बीच रामपाल समर्थकों ने बरवाला में भी आश्रम बना लिया। करौंथा में दोबारा हुई हिंसा के बाद रामपाल बरवाला में शिफ्ट हो गए। नवंबर 2014 में करौंथा कांड की सीबीआई से जांच कराने की मांग उठी। हाईकोर्ट ने रामपाल की जमानत रद्द कर दी और अदालत में पेश होने के लिए कहा।
रामपाल हाईकोर्ट में पेश नहीं हुआ, इसके चलते कोर्ट ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस प्रशासन को आदेश दिए। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो बरवाला में हिंसा हो गई। रामपाल को बरवाला के एक केस में सजा हुई है, जबकि रोहतक के करौंथा कांड में अभी फैसला नहीं हो सका है।
करौंथा कांड में गवाही की प्रक्रिया सोमवार को पूरी हो गई। सोमवार को एएसजे राकेश सिंह की अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख मंगलवार की तय की है। अदालत मंगलवार को फैसला भी सुना सकती है। -पीयूष गक्खड़, वकील, बचाव पक्ष
ये हुए थे केस में नामजद
16 साल पुराने मामले में रामपाल, विजय, कृष्ण, सतीश चंद्र, सुनील, बिजेंद्र, मनोज, सूरजमल, अनिल, सुरेंद्र, जगबीर, रवींद्र, महेंद्र, हरजीत, हवलदार जसबीर व बिजेंद्र, अमित, हवासिंह, कृष्ण, आजाद, कृष्ण सिंह, धर्मेंद्र, महेंद्र सिंह, बसंत, वीरेंद्र, मुकेश, राजकुमार उर्फ राजकपूर, राजेंद्र, जितेंद्र व विनय सहित 33 लोग नामजद हुए थे। सदर थाने में आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 148, 149, 323 के तहत मामला दर्ज किया गया था।