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राष्ट्र संत तरुण सागर ने कहा, जिंदगी में डोली बेशक न सजे पर अर्थी जरूर सजेगी

Sun, 03 Apr 2016 02:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 03 Apr 2016 02:36 AM IST
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Tarun Sagar said the nation saint in life , of course , not decorated palanquin bier on course Sjegi
राष्ट्र संत तरुण सागर - फोटो : अमर उजाला
 आम आदमियों की तो दूर की बात है, हमारे देश के ही एक पूर्व राष्ट्रपति और कई मुख्यमंत्रियों की डोली नहीं सजी है। लेकिन याद रखिए कि अर्थी जरूरी सजेगी। जिंदगी में डोली सजे न सजे वो जरूरी नहीं है, लेकिन अर्थी सजेगी ये निश्चित है।
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इसलिए शमशान बाहरी इलाकों में नहीं, बल्कि शहर के बीचोंबीच चौराहे पर होना चाहिए। शमशान उस जगह पर होना चाहिए, जहां से आदमी दिन में चार बार गुजरता हो। ताकि वह जब भी वहां से गुजरे तो जलती लाशें और अधजले मुर्दों को देखकर उसे यह बोध होता रहे कि पगले तू कहां भागा जा रहा है, एक दिन तो आना तुझे भी यहीं है। यह प्रवचन क्रांतिकारी राष्ट्र संत मुनि तरुण सागर ने दिया। वे शनिवार को झज्जर रोड स्थित जैन जती में तीन दिवसीय कड़वे प्रवचन की अंतिम कड़ी में बोल रहे थे।
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जैन मुनि के कड़वे प्रवचन सुनने के लिए शनिवार को वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, प्रांतीय संघ प्रचारक सुरेश भट्ट, विधायक मनीष ग्रोवर और पूर्व विधायक भारत भूषण बत्तरा भी पहुंचे। सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने उनकी ज्ञान गंगा में गोते लगाए। शनिवार सुबह 9:33 बजे शुरू हुए एक घंटे के प्रवचन के दौरान जैन मुनि ने सास-बहू, पति-पत्नी और मोबाइल के इस्तेमाल पर तंज कसा।
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जीवन की सच्चाई मृत्यु के बारे में भी विस्तार से बताया। जैन मुनि ने कहा कि भले ही लड़ लेना, झगड़ लेना, पिट जाना, पीट देना पर बोलचाल बंद मत करना। क्योंकि बोलचाल के बंद होते ही सुलह के सभी दरवाजे बंद हो जाते हैं। गुस्सा बुरा नहीं है, बल्कि गुस्से के बाद आदमी जो बैर पाल लेता है वह बुरा है। गुस्सा तो छोटे बच्चे भी करते हैं, लेकिन वे बैर नहीं पालते हैं। मत भूलो कि पैदा होने पर केवल ढाई किलो का वजन था और आखिरी वक्त के समय जब भारी-भरकम शरीर राख बन गया तो उसका वजन भी ढाई किलो ही है। इसलिए अहंकार छोड़कर सुनने की आदत डालो। अपने दोनों कानों को मजबूत कर लो, क्योंकि कहने वाले तो कहने से बाज नहीं आएंगे।

आखिरी दिन प्रवचनों की कड़ी में रोहतक के अलावा हिसार, पानीपत, दिल्ली, फरीदाबाद, गोहाना से काफी संख्या में श्रद्धालु आए। इससे पहले उद्योगपति राजेश जैन, समाज सेवी मनमोहन गोयल और सुरेंद्र जैन सिंगला ने भगवान महावीर के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। इस दौरान जैन पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने नृत्य पेश किया। आखिर में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने मुनि की आरती उतारी। इस अवसर पर रमेश भाटिया, राजीव जैन, प्रदीप जैन, मोहित जैन, नमित जैन, नरेश जैन, लोकेश जैन, राजीव जैन, जोगेंद्र सैनी, सतीश रोहिल्ला, रवि नागपाल, अंकुर अरोड़ा, संजय बंसल, विनोद जैन, अमित जैन, विकास जैन, विनोद जैन और सतीश जैन मौजूद रहे।

आरक्षण वक्तव्य पर जताया खेद
प्रवचन के दौरान मुनि ने पिछले दिनों आरक्षण पर दिए अपने वक्तव्य पर कहा कि किसी का अपमान करना मेरी मंशा नहीं थी। फिर भी किसी को लगता है कि मैंने किसी का अपमान किया है तो मैं अपने शब्द वापिस लेता हूं।

उपद्रव ने दिए बड़े जख्म, लगाएं इस पर मरहम: मंत्री
कड़वे प्रवचन के बाद जैन मुनि के कमरे में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, प्रांतीय संघ प्रचारक सुरेश भट्ट और विधायक मनीष ग्रोवर ने बैठक की। वित्तमंत्री ने जैन मुनि से कहा कि उपद्रव के बाद लोगों का एक-दूसरे पर से विश्वास ही उठ गया है। इसलिए आप इन पर मरहम लगाने का प्रयास करें। रविवार को होने वाले सम्मेलन में आपसी सौहार्द की बात करें।

बहू को बेटी बुलाएं, मां सा प्यार पाएं
मुनि ने महिलाओं को सीख दी कि धर्मात्मा सास वह नहीं है जो रोज मंदिर जाती है। धर्मात्मा वह है जो बहू-बेटी में फर्क नहीं समझती। उन्होंने निवेदन किया कि सास बहू को डांटना बंद करें। बहू को बेटी कहकर बुलाएं। जब आप बहू कहकर बुलाती हैं तो उसे लगता है कि मेरी सास बुला रही है और जब आप बेटी कहकर बुलाती हैं तो उसे लगता है कि मेरी मां बुला रही है। मंदिर या स्थानक में बहुओं की बुराई न करें। बहुओं के पीहर की बुराई तो बिल्कुल न करें।

केसरिया वस्त्रों में सजे युवा बने आकर्षण का केंद्र
कड़वे प्रवचन के दौरान 108 युवा केसरिया धोती-दुपट्टा पहने हुए थे, जो कि सबके लिए आकर्षण का केंद्र बने। युवाओं ने जैन मुनि के समक्ष भक्ति-भाव से नृत्य किया। फिर, जय-जय गुरुदेव के नारों से सबका ध्यान अपनी ओर खींचा।


21 लाख रुपये का दान 
एलपीएस बोसार्ड के एमडी राजेश जैन ने दिल्ली-मेरठ राजमार्ग पर मुनि तरुण सागर की प्रेरणा से बनाए जा रहे तरुण सागरम् तीर्थ के लिए 21 लाख की सहयोग राशि समर्पित की। उद्योगपति दीपक जैन ने भी पांच लाख की राशि दान दी।
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