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रिटायर्ड प्रोफेसर ने पत्नी और बेटे के साथ की खुदकुशी, 5 दिन तक फ्लैट में सड़ते रहे शव
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 31 Oct 2015 02:38 AM IST
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प्रोफेसर ने अपने घर में पत्नी और बेटे के साथ खुदकुशी कर ली। ओमेक्स सिटी
स्थित प्रोफेसर के फ्लैट में 5 दिन तक तीनों के शव सड़ते रहे। शुक्रवार
सुबह बदबू बढ़ने पर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा
तो प्रोफेसर और उसके बेटे के शव फंदे पर लटके हुए थे, जबकि प्रोफेसर की
पत्नी का शव बिस्तर पर पड़ा था। उनके गले में भी फंदा लगा हुआ था।
घर से तीन सुसाइड नोट बरामद हुए हैं। सुसाइड नोट में प्रोफेसर और उनकी पत्नी ने अपनी बीमारी का हवाला दिया है तो बेटे ने मां-बाप से बेतहाशा प्यार होने की बात लिखी है। सुसाइड नोट 26 अक्तूबर को लिखे गए हैं।
ओमेक्स सिटी के फ्लैट नंबर 399 में रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार शर्मा (62) अपनी पत्नी सुधा शर्मा (60) के साथ रहते थे। मूल रूप से यूपी के बिजनौर के रहने वाले प्रोफेसर शर्मा 31 जुलाई 2014 को एमडीयू के फिजिक्स डिपार्टमेंट से रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी सुधा शर्मा हाउस वाइफ थीं।
बेटा अंकुश कौशिक (22) कर्नाटक में एक निजी बैंक में नौकरी करता था। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिनों से फ्लैट से बदबू आ रही थी। पहले तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। बदबू ज्यादा बढ़ी तो शुक्रवार सुबह पड़ोसियों ने ओमेक्स सिटी वेलफेयर सोसाइटी को सूचना दी। सोसाइटी अध्यक्ष अमित पूनिया फ्लैट पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना मिलने पर अर्बन एस्टेट थाना इंचार्ज नवीन कुमार टीम सहित फ्लैट के बाहर पहुंचे। पहले तो डोर बेल बजाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई भी प्रतिक्रि या नहीं आई। एफएसएल टीम की मौजूदगी में पुलिस एक दरवाजे का लॉक तोड़कर अंदर घुसी।
अंदर घुसते ही ड्राइंग रूम में पंखे के हुक से बंधे रस्सी के फंदे से अंकुश कौशिक का शव लटका हुआ मिला। युवक के हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए थे। पूरे घर में बदबू फैली हुई थी। पुलिस ड्राइंग रुम के साथ लगे कमरे में घुसी तो यहां सुधा शर्मा का शव बेड पर मुंह के बल पड़ा थी। शव के गले में भी रस्सी का फंदा था। फिर पुलिस पीछे के कमरे में गई तो यहां भी पंखे के हुक से रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ए. के. शर्मा का शव लटका मिला। एफएसएल जांच के बाद पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया।
ड्राइंग रूम में मिले तीन सुसाइड नोट
पुलिस को ड्राइंग रुम में रखी टेबल पर तीन सुसाइड नोट मिले हैं। हिंदी में लिखे सुसाइड नोट में तीनों ने अपनी अलग-अलग परेशानियों के बारे में लिख रखा था। सुसाइड नोट में लैंग्वेज एक ही है और सभी के नीचे 26 अक्तूबर की तारीख लिखी है।
- सुसाइड नोट के मुख्य अंश
डॉ. शर्मा: मैं पिछले काफी समय से ब्लड कैंसर की बीमारी से पीड़ित हूं। इस कारण मेरा पूरा परिवार चिंतित रहता है। यह बीमारी फिलहाल अंतिम दौर में है। इसी से तंग आकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसके लिए केवल मैं ही जिम्मेदार हूं।
सुधा शर्मा : मेरे पति को ब्लड कैंसर है। मेरी भी किडनी खराब हो चुकी है। डायबटीज की समस्या से भी परेशान हूं। इस वजह से हमारा बेटा भी परेशान रहता है। इसी वजह से तीनों ने अपना जीवन समाप्त करने का फैसला लिया।
अंकुश कौशिक : मेरे पापा को ब्लड कैंसर है और मम्मी को किडनी की परेशानी है। मैं अपने पापा और मम्मी से बहुत प्यार करता हूं। इनके बिना एक पल भी नहीं जी सकता।
25 अक्तूबर के बाद नहीं खुले घर के गेट
पड़ोसियों की मानें तो 25 अक्तूबर को दिन में एक बार डॉ. शर्मा को कॉलोनी में देखा गया था। इसके बाद से एक बार भी घर के गेट नहीं खुले। पुलिस को घर के आंगन में 25 से लेकर 30 अक्तूबर तक की तारीख के अखबार ज्यों के त्यों पड़े मिले हैं। प्रोफेसर के फोन से अंतिम बार 25 तारीख को ही फोन किया गया था।
नहीं छोड़ा था बचने का कोई रास्ता
तीनों ने पूरी तैयारी के साथ आत्महत्या की। यदि घर के हालात पर गौर किया जाए तो सारा सामान जस का तस रखा है। जिस कमरे में पूर्व प्रोफेसर ने फांसी लगाई, उसमें एक चादर में ईंटें बंधी हुई थी। ताकि एक तरफ रस्सी में ईंटें बांधकर फांसी लगाई जा सके। इतना ही नहीं छत में लगे तीनों हुकों में पंखे पहले ही उतार दिए गए थे। पंखे साइड में रखे हुए मिले हैं। लड़के के गले में तो रस्सी के साथ चुन्नी भी बंधी थी ताकि रस्सी के टूटने के बाद चुन्नी का फंदा गले में ही रहे। सुधा शर्मा का शव तो कुछ दिनों तक लटका होने के कारण रस्सी टूट गई। इसलिए शव पलंग पर पड़ा मिला।
बहन को फोन किया तो दिखाई नाराजगी
पुलिस को मौके से मिले तीनों मोबाइल फोन में से प्रोफेसर के मोबाइल से उनकी बहन के पास फोन किया गया। मेरठ में रहने वाले उनकी बहन रेनू के पास जब पुलिस ने फोन किया तो उन्होंने भाई के नंबर से कॉल आते ही नाराजगी जाहिर कर दी। उन्हें नहीं पता था कि भाई दुनिया में ही नहीं रहा। रेणू का उनके भाई से कोई रक्षाबंधन का विवाद था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मामले की जानकारी दी। प्रोफेसर के भाई को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
- अमित भाटिया, डीएसपी।
घर से तीन सुसाइड नोट बरामद हुए हैं। सुसाइड नोट में प्रोफेसर और उनकी पत्नी ने अपनी बीमारी का हवाला दिया है तो बेटे ने मां-बाप से बेतहाशा प्यार होने की बात लिखी है। सुसाइड नोट 26 अक्तूबर को लिखे गए हैं।
ओमेक्स सिटी के फ्लैट नंबर 399 में रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार शर्मा (62) अपनी पत्नी सुधा शर्मा (60) के साथ रहते थे। मूल रूप से यूपी के बिजनौर के रहने वाले प्रोफेसर शर्मा 31 जुलाई 2014 को एमडीयू के फिजिक्स डिपार्टमेंट से रिटायर हुए थे। उनकी पत्नी सुधा शर्मा हाउस वाइफ थीं।
बेटा अंकुश कौशिक (22) कर्नाटक में एक निजी बैंक में नौकरी करता था। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि कुछ दिनों से फ्लैट से बदबू आ रही थी। पहले तो किसी ने ध्यान नहीं दिया। बदबू ज्यादा बढ़ी तो शुक्रवार सुबह पड़ोसियों ने ओमेक्स सिटी वेलफेयर सोसाइटी को सूचना दी। सोसाइटी अध्यक्ष अमित पूनिया फ्लैट पर पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। सूचना मिलने पर अर्बन एस्टेट थाना इंचार्ज नवीन कुमार टीम सहित फ्लैट के बाहर पहुंचे। पहले तो डोर बेल बजाकर दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन अंदर से कोई भी प्रतिक्रि या नहीं आई। एफएसएल टीम की मौजूदगी में पुलिस एक दरवाजे का लॉक तोड़कर अंदर घुसी।
अंदर घुसते ही ड्राइंग रूम में पंखे के हुक से बंधे रस्सी के फंदे से अंकुश कौशिक का शव लटका हुआ मिला। युवक के हाथ पीछे की तरफ बंधे हुए थे। पूरे घर में बदबू फैली हुई थी। पुलिस ड्राइंग रुम के साथ लगे कमरे में घुसी तो यहां सुधा शर्मा का शव बेड पर मुंह के बल पड़ा थी। शव के गले में भी रस्सी का फंदा था। फिर पुलिस पीछे के कमरे में गई तो यहां भी पंखे के हुक से रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ. ए. के. शर्मा का शव लटका मिला। एफएसएल जांच के बाद पुलिस ने तीनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया।
ड्राइंग रूम में मिले तीन सुसाइड नोट
पुलिस को ड्राइंग रुम में रखी टेबल पर तीन सुसाइड नोट मिले हैं। हिंदी में लिखे सुसाइड नोट में तीनों ने अपनी अलग-अलग परेशानियों के बारे में लिख रखा था। सुसाइड नोट में लैंग्वेज एक ही है और सभी के नीचे 26 अक्तूबर की तारीख लिखी है।
- सुसाइड नोट के मुख्य अंश
डॉ. शर्मा: मैं पिछले काफी समय से ब्लड कैंसर की बीमारी से पीड़ित हूं। इस कारण मेरा पूरा परिवार चिंतित रहता है। यह बीमारी फिलहाल अंतिम दौर में है। इसी से तंग आकर मैं आत्महत्या कर रहा हूं। इसके लिए केवल मैं ही जिम्मेदार हूं।
सुधा शर्मा : मेरे पति को ब्लड कैंसर है। मेरी भी किडनी खराब हो चुकी है। डायबटीज की समस्या से भी परेशान हूं। इस वजह से हमारा बेटा भी परेशान रहता है। इसी वजह से तीनों ने अपना जीवन समाप्त करने का फैसला लिया।
अंकुश कौशिक : मेरे पापा को ब्लड कैंसर है और मम्मी को किडनी की परेशानी है। मैं अपने पापा और मम्मी से बहुत प्यार करता हूं। इनके बिना एक पल भी नहीं जी सकता।
25 अक्तूबर के बाद नहीं खुले घर के गेट
पड़ोसियों की मानें तो 25 अक्तूबर को दिन में एक बार डॉ. शर्मा को कॉलोनी में देखा गया था। इसके बाद से एक बार भी घर के गेट नहीं खुले। पुलिस को घर के आंगन में 25 से लेकर 30 अक्तूबर तक की तारीख के अखबार ज्यों के त्यों पड़े मिले हैं। प्रोफेसर के फोन से अंतिम बार 25 तारीख को ही फोन किया गया था।
नहीं छोड़ा था बचने का कोई रास्ता
तीनों ने पूरी तैयारी के साथ आत्महत्या की। यदि घर के हालात पर गौर किया जाए तो सारा सामान जस का तस रखा है। जिस कमरे में पूर्व प्रोफेसर ने फांसी लगाई, उसमें एक चादर में ईंटें बंधी हुई थी। ताकि एक तरफ रस्सी में ईंटें बांधकर फांसी लगाई जा सके। इतना ही नहीं छत में लगे तीनों हुकों में पंखे पहले ही उतार दिए गए थे। पंखे साइड में रखे हुए मिले हैं। लड़के के गले में तो रस्सी के साथ चुन्नी भी बंधी थी ताकि रस्सी के टूटने के बाद चुन्नी का फंदा गले में ही रहे। सुधा शर्मा का शव तो कुछ दिनों तक लटका होने के कारण रस्सी टूट गई। इसलिए शव पलंग पर पड़ा मिला।
बहन को फोन किया तो दिखाई नाराजगी
पुलिस को मौके से मिले तीनों मोबाइल फोन में से प्रोफेसर के मोबाइल से उनकी बहन के पास फोन किया गया। मेरठ में रहने वाले उनकी बहन रेनू के पास जब पुलिस ने फोन किया तो उन्होंने भाई के नंबर से कॉल आते ही नाराजगी जाहिर कर दी। उन्हें नहीं पता था कि भाई दुनिया में ही नहीं रहा। रेणू का उनके भाई से कोई रक्षाबंधन का विवाद था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मामले की जानकारी दी। प्रोफेसर के भाई को भी फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तीनों ने आत्महत्या की है। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद सच्चाई सामने आएगी।
- अमित भाटिया, डीएसपी।