रोहतक: बहुचर्चित विजय नगर हत्याकांड मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच अभिषेक से दोबारा करेगी पूछताछ
केस में सहायक चार्जशीट दाखिल हो सकती है। अब मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी। एएसजे डॉ. गगनगीत कौर की अदालत में सुनवाई हुई।
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हरियाणा के रोहतक में विजय नगर हत्याकांड में नया मोड़ आ गया है। केस की दोबारा जांच कर रही स्टेट क्राइम ब्रांच माता-पिता, बहन व नानी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार अभिषेक उर्फ मोनू से दोबारा पूछताछ करना चाहती है। इसके लिए सोमवार को जांच टीम की तरफ एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत में याचिका दायर की गई। अब मामले में अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी। उधर, बचाव पक्ष ने याचिका दायर करके जांच टीम से केस की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान 20 साल से विजय नगर में रह रहे थे। साथ ही प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर कार्य करते थे। अगस्त 2021 में बबलू, उसकी पत्नी बबली, बेटी नेहा व सास रोशनी की दिनदहाड़े गोली मार दी गई थी। बबलू, बबली व रोशनी ने जहां मौके पर ही दम तोड़ दिया था, वहीं नेहा की दो दिन बाद पीजीआई में मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में प्रॉपर्टी डीलर के इकलौते बेटे 20 वर्षीय अभिषेक उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया था।
पुलिस ने खुलासा किया था कि अभिषेक अपने दोस्त को पांच लाख रुपये देना चाहता था। पिता ने इससे इनकार कर दिया था। इससे नाराज अभिषेक ने चारों को अपने पिता की ही अवैध रिवॉल्वर से सिर में गोलियां मार दी थी। तभी से अभिषेक न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल में बंद है।
जिला पुलिस की तरफ से अभिषेक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जबकि बचाव पक्ष ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाया था। इसके चलते प्रदेश सरकार स्टेट क्राइम ब्रांच से नए सिरे से जांच करवा रही है। सोमवार को जिला अदालत में केस की सुनवाई हुई।
प्रोडक्शन वारंट पर लेना चाहती है जांच टीम
जिला अदालत में केस की सुनवाई हुई। मामले की नए सिरे से जांच कर रही स्टेट क्राइम ब्रांच ने अदालत में एक अर्जी दाखिल की है। इसमें जांच टीम ने जेल में बंद आरोपी अभिषेक उर्फ मोनू से नए सिरे से पूछताछ करने की बात कही है। इसके लिए प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी की अनुमति मांगी है। अदालत ने अभी कोई निर्णय नहीं लिया है। -एडवोकेट सुशील कुमार, वकील पीड़ित पक्ष।
अब आरोपी से पूछताछ का औचित्य नहीं
अदालत में सोमवार को याचिका दायर करके स्टेट क्राइम ब्रांच से केस की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। साथ ही स्टेट क्राइम ब्रांच की लगाई गई अर्जी का विरोध किया। क्योंकि इतने दिन बाद आरोपी से पूछताछ का कोई औचित्य नहीं है। क्राइम ब्रांच की तरफ से मौखिक तौर पर कहा गया है कि एक माह के अंदर सहायक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। अब मामले की अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी। -एडवोकेट शिवराज मलिक, वकील, बचाव पक्ष।