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Rohtak: एफएसडी गोहाना डिपो का सहायक व तकनीकी सहायक 1.45 लाख की रिश्वत लेते गिरफ्तार
Tue, 24 Sep 2024 10:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 24 Sep 2024 10:43 PM IST
सार
एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने चावल मिल मालिक की शिकायत पर कार्रवाई की है। एफएसडी डिपो के दोनों कर्मचारी चावल के ट्रक पास करने की एवज में रिश्वत लेते थे। तीन से चार जगह पर जांच होती थी, परेशान होकर राइस मिल संचालक ने एंटी क्रप्शन ब्यूरो के डीएसपी से शिकायत की।
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आरोपियों को पकड़ा।
- फोटो : संवाद
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने राइस मिल संचालक से रिश्वत लेने के मामले में एफएसडी(खाद्य भंडारण डिपो) डिपो गोहाना के दो कर्मचारियों को डिपो परिसर से रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इनके पास से एक लाख 45 हजार रुपये बरामद हुए हैं। बुधवार को टीम इन्हें अदालत में पेश करेगी।
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एंटी क्रप्शन ब्यूरो के डीएसपी के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम का नेतृत्व महिला इंस्पेक्टर प्रमिला ने किया। इस कार्रवाई के बाद से एफएसडी गोहाना में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। इस मामले में कुछ और अधिकारी-कर्मचारी भी ब्यूरो के राडार पर हैं।
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एंटी क्रप्शन ब्यूरो के डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि सेक्टर-4 निवासी अजय सिंह अहलावत का घिलोड़ में राइस मिल है। इन्हें हरियाणा स्टेट कस्टम राइस मिलिंग का ठेका मिला हुआ है। सरकार की ओर से इन्हें धान मुहैया कराया जाता है। वे कुल धान का 67 फीसदी चावल तैयार कर एफएसडी गोहाना डिपो में जमा कराते हैं।
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अब तक इन्होंने फूड स्टोर गोहाना में 115 ट्रक चावल जमा कराए हैं। एक ट्रक में 29 टन माल होता है। प्रत्येक ट्रक पर करीब 6 से 7 हजार रुपये की रिश्वत एफएसडी गोहाना डिपो में देनी पड़ती है। रिश्वत नहीं देने पर डिपो के अधिकारी-कर्मचारी चावल में बिना वजह कमी निकालकर गाड़ियां वापस भेज देते हैं।
इसकी उतराई-चढ़ाई और अन्य काम में 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हो जाता था। इसके डर से वह लगातार डिपो के अधिकारियों को रिश्वत देकर किसी तरह से काम निकाल रहे थे। कुल 230 गाड़ियों में अब केवल सात गाड़ी जमा करानी थी, लेकिन डिपो के अधिकारी-कर्मचारी ज्यादा परेशान कर रहे थे।
वे उससे डेढ़ लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहे थे। इससे तंग आकर उन्होंने मंगलवार सुबह इसकी शिकायत एंटी क्रप्शन ब्यूरो कार्यालय में दी। सूचना के बाद टीम गठित कर छापा मारा गया। टीम ने रंगे हाथ दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया।
इनमें से एक रोहतक के लाढोत निवासी सहायक रविंद्र व झुंझूनु के घसेड़ा गांव का धर्मेंद्र तकनीकी सहायक है। टीम ने दोनों से कुल 1.45 लाख रुपये बरामद किए। धर्मेंद्र के कब्जे से 94 हजार 500 रुपये व रविंद्र के कब्जे से 50500 रुपये बरामद हुए। अब टीम बुधवार को इन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी। पूछताछ में इस मामले में पर्ते खुलने की उम्मीद है।
कारोबारी को लाभ के बजाय हो रही थी हानि
अधिकारियों ने बताया कि अजय सिंह अहलावत परेशान हो चुके थे। लाभ के बजाय प्रत्येक ट्रक पर उनको नुकसान हो रहा था। लगातार परेशान होने के कारण वह पूरी तरह रिश्वत देकर थक चुके थे। जिसके बाद उन्होंने एंटी क्रप्शन ब्यूरो में आकर शिकायत दी थी।
यहां-यहां से लिया जाता था राइस मिल संचालक से पैसा
अधिकारियों ने बताया कि राइस मिल से चावल तैयार करके बोरी में पैक कर ट्रक में लादकर गुहाना स्थित एफएसडी डिपो में भेजा जाता था। सबसे पहले कांटा करने वाला व्यक्ति प्रति ट्रक 2500 हजार रुपये लेता था। फिर दूसरी स्टेज क्वालिटी मैनेजर के रूप में आती, ढाई हजार रुपये लेकर वह माल को पास करता। इसके बाद डिपो मैनेजर चावल की सही पैकिंग है या नहीं, यदि पैसे नहीं मिलते थे तो खराब बारदाना बताकर ट्रक को वापस कर देता था। इसके एवज में दो से ढाई हजार रुपये लेकर ही माल को रखने देता था। कुल मिलाकर 6 से सात हजार रुपये प्रति ट्रक राइस मिल संचालक को रिश्वत देनी होती थी। जबकि यहां पर पैसे का कोई लेन देन नहीं किया जाता था।
सरकारी अधिकारी-कर्मचारी करे परेशान तो दें सूचना
डीएसपी सुमित कुमार ने राइस मिल संचालक के साथ हुई घटना के बाद अन्य राइस मिल ठेकेदारों से अपील की है कि यदि उनके साथ भी इस तरह की कोई घटना हुई है तो वह विभाग में आकर अपने बयान दर्ज करा सकते हैं।