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जान से मारने की दी धमकी, जब एसपी से की शिकायत तो मार दिया चाकू
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 17 May 2016 02:36 AM IST
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व्यापारियों को खुलेआम धमकी और हत्या के बाद बदमाश पुलिस को खुलेआम चुनौती देकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। बावजूद पुलिस लोगों को सुरक्षा देने में नाकाम साबित हो रही है। हालात ये हैं कि एसपी शशांक आनंद से बदमाशों की शिकायत और सुरक्षा की मांग के बाद भी परिवार पर हमला कर दिया जा रहा। आरोपी ने निर्मला के बेटे पर चाकू से हमला कर दिया और बहू के सिर पर वार किया। मदद के लिए निर्मला जब सड़क पर चिल्लाने लगी तो वहां से गुजर रही पीसीआर नंबर 7 को देख आरोपी उसे चकमा देकर निकल गए। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मॉडल टाउन निवासी निर्मला देवी ने शनिवार को एक नामजद आरोपी अनिल खत्री और उसके दोस्त के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज करवाया था। अनिल पर निर्मला के बड़े बेटे की हत्या का भी केस चल रहा है। इसी मामले में समझौते को लेकर आरोपी ने निर्मला देवी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित परिवार से एसपी से शिकायत कर सुरक्षा की मांग की। सुरक्षा तो नहीं मिली लेकिन, आरोपियों ने धमकी को हकीकत में कर दिखाया। रविवार रात निर्मला देवी अपने छोटे बेटे और बहू के साथ गाड़ी में बैठकर पावर हाउस स्थित अपने प्लाट पर घूमने गए थे। प्लाट में कई दिन पहले एक संदिग्ध बिस्तर डालकर सो रहा था इसलिए उसे देखने के लिए गए थे। इसी बीच एक बाइक पर सवार होकर दो युवक मौके पर पहुंचे। दोनों ने मुंह को कपड़े से ढक रखा था। तभी इनमें से एक युवक ने चाकू निकालकर निर्मला के बेटे की तरफ वार करने के लिए दौड़ा। इस पर बेटे ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया तो उसके हाथ में चाकू घुस गया। दूसरे आरोपी ने निर्मला की बहू के सिर में किसी चीज से वार किया। इस पर निर्मला मद के लिए चीखने लगी। तभी वहां से गुजर रही पीसीआर मौके पर पहुंची। पीसीआर देख आरोपी वहां से निकल गए। बेटे ने पीसीआर में बैठे पुलिस वालों को बाइक से भाग रहे आरोपियों की ओर इशारा किया। इसके बाद पीसीआर ने बाइक का पीछा किया लेकिन, वह हाथ नहीं आए। पीड़ितों को पीजीआई लाया गया। यहां निर्मला के बेटे के हाथ में 15 टांके आए है।
एसपी से मांगी थी पुलिस सुरक्षा
पीड़ित परिवार ने आरोपियों से जान से मारने की धमकी के बाद शनिवार को ही एसपी शशांक आनंद से सुरक्षा की मांग की थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पहले जब निर्मला के बेटे की हत्या हुई थी तो परिवार को पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा दी गई थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया था।
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बेटे-बहू की पढ़ाई छूटी, निर्मला भी नौकरी से कतरा रहीं
दो बेटों में एक की हत्या के बाद इकलौते बेटे की जान बचाने की खातिर निर्मला देवी ने उसे कॉलेज भेजना भी बंद कर दिया। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने के बाद से उनका बेटा कॉलेज नहीं गया है। निर्मला भी जिले के एक स्कूल में अध्यापक है। निर्मला का कहना है कि स्कूल जाने में भी डर लगा रहता है। बहू भी एमएससी अंतिम वर्ष की तैयारी घर बैठे कर रही है।
ये है मामला
मॉडल टाउन निवासी निर्मला देवी ने बताया कि मार्च 2014 को बड़े बेटे शमशेर की पावर हाउस के नजदीक गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने शमशेर से करीब 35 लाख रुपये भी लूटे थे। हत्या के मामले में पुलिस ने विजयनगर निवासी अनिल खत्री और प्रीत विहार निवासी संदीप हुड्डा को नामजद किया था। केस दर्ज होेने के बाद से ही आरोपी पक्ष की ओर से पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। निर्मला के समझौते से इंकार करने पर आरोपी परिवार के सभी सदस्यों को मारने की धमकी दे रहा है। 10 मई शाम को जमानत पर बाहर आए अनिल और उसका एक दोस्त घर के सामने आए। दोनों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। दोनों ने निर्मला को उसके बेटे की हत्या का हवाला देते हुए धमकी दी कि अब पूरे परिवार की हत्या की जाएगी।
मामला संज्ञान में है। पीड़ित परिवार को गनमैन मुहैया कराए जाने की कार्रवाई की जा रही है। सोमवार रात तक गनमैन मुहैया करा दिया जाएगा। मामले की जांच चल रही है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विजेंद्र सिंह, डीएसपी
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मॉडल टाउन निवासी निर्मला देवी ने शनिवार को एक नामजद आरोपी अनिल खत्री और उसके दोस्त के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज करवाया था। अनिल पर निर्मला के बड़े बेटे की हत्या का भी केस चल रहा है। इसी मामले में समझौते को लेकर आरोपी ने निर्मला देवी और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी थी। पीड़ित परिवार से एसपी से शिकायत कर सुरक्षा की मांग की। सुरक्षा तो नहीं मिली लेकिन, आरोपियों ने धमकी को हकीकत में कर दिखाया। रविवार रात निर्मला देवी अपने छोटे बेटे और बहू के साथ गाड़ी में बैठकर पावर हाउस स्थित अपने प्लाट पर घूमने गए थे। प्लाट में कई दिन पहले एक संदिग्ध बिस्तर डालकर सो रहा था इसलिए उसे देखने के लिए गए थे। इसी बीच एक बाइक पर सवार होकर दो युवक मौके पर पहुंचे। दोनों ने मुंह को कपड़े से ढक रखा था। तभी इनमें से एक युवक ने चाकू निकालकर निर्मला के बेटे की तरफ वार करने के लिए दौड़ा। इस पर बेटे ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया तो उसके हाथ में चाकू घुस गया। दूसरे आरोपी ने निर्मला की बहू के सिर में किसी चीज से वार किया। इस पर निर्मला मद के लिए चीखने लगी। तभी वहां से गुजर रही पीसीआर मौके पर पहुंची। पीसीआर देख आरोपी वहां से निकल गए। बेटे ने पीसीआर में बैठे पुलिस वालों को बाइक से भाग रहे आरोपियों की ओर इशारा किया। इसके बाद पीसीआर ने बाइक का पीछा किया लेकिन, वह हाथ नहीं आए। पीड़ितों को पीजीआई लाया गया। यहां निर्मला के बेटे के हाथ में 15 टांके आए है।
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एसपी से मांगी थी पुलिस सुरक्षा
पीड़ित परिवार ने आरोपियों से जान से मारने की धमकी के बाद शनिवार को ही एसपी शशांक आनंद से सुरक्षा की मांग की थी। इसके बावजूद पुलिस ने मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे पहले जब निर्मला के बेटे की हत्या हुई थी तो परिवार को पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा दी गई थी। लेकिन कुछ दिन बाद ही सुरक्षाकर्मियों को हटा लिया गया था।
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बेटे-बहू की पढ़ाई छूटी, निर्मला भी नौकरी से कतरा रहीं
दो बेटों में एक की हत्या के बाद इकलौते बेटे की जान बचाने की खातिर निर्मला देवी ने उसे कॉलेज भेजना भी बंद कर दिया। बीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई करने के बाद से उनका बेटा कॉलेज नहीं गया है। निर्मला भी जिले के एक स्कूल में अध्यापक है। निर्मला का कहना है कि स्कूल जाने में भी डर लगा रहता है। बहू भी एमएससी अंतिम वर्ष की तैयारी घर बैठे कर रही है।
ये है मामला
मॉडल टाउन निवासी निर्मला देवी ने बताया कि मार्च 2014 को बड़े बेटे शमशेर की पावर हाउस के नजदीक गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोपियों ने शमशेर से करीब 35 लाख रुपये भी लूटे थे। हत्या के मामले में पुलिस ने विजयनगर निवासी अनिल खत्री और प्रीत विहार निवासी संदीप हुड्डा को नामजद किया था। केस दर्ज होेने के बाद से ही आरोपी पक्ष की ओर से पीड़ित परिवार पर समझौते का दबाव बनाया जा रहा था। निर्मला के समझौते से इंकार करने पर आरोपी परिवार के सभी सदस्यों को मारने की धमकी दे रहा है। 10 मई शाम को जमानत पर बाहर आए अनिल और उसका एक दोस्त घर के सामने आए। दोनों ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। दोनों ने निर्मला को उसके बेटे की हत्या का हवाला देते हुए धमकी दी कि अब पूरे परिवार की हत्या की जाएगी।
मामला संज्ञान में है। पीड़ित परिवार को गनमैन मुहैया कराए जाने की कार्रवाई की जा रही है। सोमवार रात तक गनमैन मुहैया करा दिया जाएगा। मामले की जांच चल रही है। आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विजेंद्र सिंह, डीएसपी