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जाट आरक्षण आंदोलन: जसिया में जाटों की क्रमिक भूख हड़ताल शुरू, डीसी ने बुलाया वार्ता को
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 10 Jun 2016 02:19 AM IST
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पहले दिन 23 आंदोलनकारी रहे क्रमिक भूख हड़ताल पर, बोले-जरूरत पड़ी तो परिवार की महिलाएं और बच्चे भी करेंगे भूख हड़ताल
- फोटो : amar ujala
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आरक्षण और अन्य मांगों पर जसिया में जाटों का धरना बृहस्पतिवार को 5वें दिन भी जारी रहा। सरकार पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए धरने पर अब क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी गई है। पहले दिन 23 आंदोलनकारी जाट क्रमिक भूख हड़ताल पर रहे। धरना खत्म कराने के लिए तीन दौर की वार्ता विफल होने के बाद अब डीसी अतुल कुमार ने जाट नेताओं को शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे सिंचाई विश्राम घर में बातचीत के लिए बुलाया है। हालांकि धरने के आयोजक अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति (यशपाल मलिक गुट) के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा ने डीसी से मिलने से साफ इंकार कर दिया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि वे कहीं पर भी वार्ता के लिए नहीं जाएंगे। सरकार मांग पूरी कर दे, उसी समय धरना खत्म कर देंगे। धरना दे रहे जाटों ने शुक्रवार को सीएम की महम में होने वाली रैली का भी बहिष्कार कर दिया है। वक्ताओं ने आग्रह किया कि सीएम महम रैली को स्थगित कर दें।
मैं मुकद्दमों से नहीं डरता, जल्द आऊंगा रोहतक: मलिक
भड़काऊ भाषण देने के आरोप में देशद्रोह का केस झेल रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने गिरफ्तारी से घबराने के आरोपों का जवाब दिया। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि पहले हरियाणा और अब यूपी के अलग-अलग जिलों में भी धरने शुरू किए जा रहे हैं। इसमें अभी तीन-चार दिन का समय लगेगा। इसके बाद रोहतक में आऊंगा। जो लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि केस के कारण गिरफ्तारी के डर से पीछे हट रहा हूं तो उन्हें बताना चाहूंगा कि मुझ पर यह पहला मुकद्दमा नहीं है। इससे पहले भी कई केस दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में डर किस बात का।
बयानबाजी करने से कोई नेता नहीं बनता
वक्ताओं ने कहा कि अब रोजाना क्रमिक भूख हड़ताल पर लोगों की संख्या बढ़ेगी। जरूरत पड़ी तो परिवार की महिलाएं और बच्चे भी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। वक्ताओं ने समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर बयानबाजी करने वाले प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा पर भी जुबानी वार किया। कहा कि ऐसे बयानबाजी करने से कोई नेता नहीं बनता, उसके लिए लोगों के बीच पहुंचना होगा। धरने पर बृहस्पतिवार को भी भारी संख्या में लोग पहुंचे।
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ये रहे क्रमिक भूख हड़ताल पर
समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा और उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल ने बताया कि पहले दिन जयदेव, जगबीर, हरदीप, मास्टर रामफल, नेत्रपाल, बबला पहलवान, सत्यवान, ईश्वर, दलजीत, नरेंद्र हुड्डा, रमेश, चेतराम, सीरी देशवाल, प्रेम सिंह, जसबीर, महेंद्र प्रधान, आनंद सिंह, मुंशीराम, बलवान और बलबीर क्रमिक भूख हड़ताल पर रहे।
असामाजिक तत्व कर सकते हैं समाज को बदनाम
धरने के दौरान जाटों ने कहा कि कुछ असामाजिक लोग साजिश के तहत समाज को बदनाम करना चाहते हैं। सूत्रों से पता चला है कि असामाजिक तत्व महापुरुषों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं। पुलिस-प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील की गई।
बढ़ रही महिलाओं की संख्या, अब बच्चे भी हुए शामिल
धरने पर बृहस्पतिवार को महिलाओं की भी भीड़ रही। अधिकतर महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंची। बच्चे जाट आरक्षण की मांग से संबंधित पोस्टर लेकर बैठे दिखे। महिलाओं ने आह्वान किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की लड़ाई के साथ पुरुषों के साथ चलेंगी।
जाट युवा एकता मंच ने भी दिया समर्थन
जाट युवा एकता मंच के पदाधिकारी भी धरने में शामिल हुए। संयोजक नवीन मलिक ने बताया कि उन्होंने समिति को समर्थन नहीं दिया है, लेकिन जाट समाज अब एकजुट है और इसलिए उन्होंने धरने को समर्थन दिया है।
एक तरफ जाट तो दूसरी तरफ फोर्स ने लगाया टैंट
पांच दिन से हाइवे किनारे तैनात फोर्स को धूप से बचाने के लिए हाईवे के किनारे काफी दूर तक टैंट लगा दिया गया है। एसपी शशांक आनंद और अन्य अधिकारियों की तरफ से मौके पर पहुंचकर लगातार जवानों का हौसला बढ़ाया जा रहा है।
तीसरी वार्ता भी हुई विफल
दो दिन पूर्व एडीसी और एसडीएम समेत तमाम पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी धरने पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत कर धरना खत्म करने के लिए कहा, लेकिन इनकार कर दिया गया। पहली वार्ता विफल होने के बाद बुधवार शाम फिर से तहसीलदार गुलाब सिंह व अन्य अधिकारी धरने पर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। बृहस्पतिवार शाम भी एडीसी और तहसीलदार समझाने पहुंचे तो आयोजकों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा।
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मैं मुकद्दमों से नहीं डरता, जल्द आऊंगा रोहतक: मलिक
भड़काऊ भाषण देने के आरोप में देशद्रोह का केस झेल रहे अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने गिरफ्तारी से घबराने के आरोपों का जवाब दिया। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कहा कि पहले हरियाणा और अब यूपी के अलग-अलग जिलों में भी धरने शुरू किए जा रहे हैं। इसमें अभी तीन-चार दिन का समय लगेगा। इसके बाद रोहतक में आऊंगा। जो लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि केस के कारण गिरफ्तारी के डर से पीछे हट रहा हूं तो उन्हें बताना चाहूंगा कि मुझ पर यह पहला मुकद्दमा नहीं है। इससे पहले भी कई केस दर्ज हो चुके हैं। ऐसे में डर किस बात का।
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बयानबाजी करने से कोई नेता नहीं बनता
वक्ताओं ने कहा कि अब रोजाना क्रमिक भूख हड़ताल पर लोगों की संख्या बढ़ेगी। जरूरत पड़ी तो परिवार की महिलाएं और बच्चे भी भूख हड़ताल पर बैठेंगे। वक्ताओं ने समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक पर बयानबाजी करने वाले प्रदेश के शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा पर भी जुबानी वार किया। कहा कि ऐसे बयानबाजी करने से कोई नेता नहीं बनता, उसके लिए लोगों के बीच पहुंचना होगा। धरने पर बृहस्पतिवार को भी भारी संख्या में लोग पहुंचे।
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ये रहे क्रमिक भूख हड़ताल पर
समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा और उपाध्यक्ष विजयदीप पंघाल ने बताया कि पहले दिन जयदेव, जगबीर, हरदीप, मास्टर रामफल, नेत्रपाल, बबला पहलवान, सत्यवान, ईश्वर, दलजीत, नरेंद्र हुड्डा, रमेश, चेतराम, सीरी देशवाल, प्रेम सिंह, जसबीर, महेंद्र प्रधान, आनंद सिंह, मुंशीराम, बलवान और बलबीर क्रमिक भूख हड़ताल पर रहे।
असामाजिक तत्व कर सकते हैं समाज को बदनाम
धरने के दौरान जाटों ने कहा कि कुछ असामाजिक लोग साजिश के तहत समाज को बदनाम करना चाहते हैं। सूत्रों से पता चला है कि असामाजिक तत्व महापुरुषों की प्रतिमाओं को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं। पुलिस-प्रशासन से सतर्कता बरतने की अपील की गई।
बढ़ रही महिलाओं की संख्या, अब बच्चे भी हुए शामिल
धरने पर बृहस्पतिवार को महिलाओं की भी भीड़ रही। अधिकतर महिलाएं छोटे-छोटे बच्चों को लेकर पहुंची। बच्चे जाट आरक्षण की मांग से संबंधित पोस्टर लेकर बैठे दिखे। महिलाओं ने आह्वान किया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक की लड़ाई के साथ पुरुषों के साथ चलेंगी।
जाट युवा एकता मंच ने भी दिया समर्थन
जाट युवा एकता मंच के पदाधिकारी भी धरने में शामिल हुए। संयोजक नवीन मलिक ने बताया कि उन्होंने समिति को समर्थन नहीं दिया है, लेकिन जाट समाज अब एकजुट है और इसलिए उन्होंने धरने को समर्थन दिया है।
एक तरफ जाट तो दूसरी तरफ फोर्स ने लगाया टैंट
पांच दिन से हाइवे किनारे तैनात फोर्स को धूप से बचाने के लिए हाईवे के किनारे काफी दूर तक टैंट लगा दिया गया है। एसपी शशांक आनंद और अन्य अधिकारियों की तरफ से मौके पर पहुंचकर लगातार जवानों का हौसला बढ़ाया जा रहा है।
तीसरी वार्ता भी हुई विफल
दो दिन पूर्व एडीसी और एसडीएम समेत तमाम पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी धरने पर पहुंचे थे। अधिकारियों ने आयोजकों से बातचीत कर धरना खत्म करने के लिए कहा, लेकिन इनकार कर दिया गया। पहली वार्ता विफल होने के बाद बुधवार शाम फिर से तहसीलदार गुलाब सिंह व अन्य अधिकारी धरने पर पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। बृहस्पतिवार शाम भी एडीसी और तहसीलदार समझाने पहुंचे तो आयोजकों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना जारी रहेगा।