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संदिग्ध परिस्थितियों में कैंटर के केबिन में लगी आग, जिंदा जलने से व्यक्ति की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 19 May 2016 03:00 AM IST
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केबिन के अंदर राख मिला शव, हाथ में बंधी घड़ी से शव का पता चला
- फोटो : amar ujala
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खेड़ी साध-कारौर रोड पर एक कैं टर के केबिन में संदिग्ध परिस्थितियों में आग लग गई। आग लगने से केबिन में एक व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो गई। राख हुए शव के हाथ में बंधी घड़ी से लाश के बारे में पता चला। अभी तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी है।
पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह 6 बजे खेड़ी साध-कारौर अप्रोच रोड पर एक कैंटर में आग लगने की सूचना मिली थी। तभी दमकल विभाग को इसकी सूचना दी गई। पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने केबिन में जांच की तो राख के बीच में हाथ में बांधने वाली घड़ी नजर आई। केबिन को टटोला तो पता चला कि यहां किसी व्यक्ति का शव राख हो चुका है। एफएसएल टीम को बुलाया गया, लेकिन आग लगने से व्यक्ति के कपड़े सहित अन्य दस्तावेज राख हो गए थे। कैंटर के अंदर से व्यक्ति की पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला है। शुरुआती तौर पर मामले में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है।
ढाई बजे बंद हो गई थी घड़ी
शव के हाथ पर बंधी घड़ी रात करीब ढाई बजे बंद हो गई थी। पुलिस का मानना है कि व्यक्ति के साथ हुए हादसे का समय भी यही रहा होगा। हालांकि इसके अलावा कोई पुख्ता सबूत नहीं है। कैं टर का नंबर नागालैंड का है। नंबर के आधार पर ही चालक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। अभी कैंटर मालिक की पहचान की जा रही है।
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शुक्र रहा केमिकल तक नहीं पहुंची आग
कैंटर का नंबर एनएल-01एल-1857 है। कैं टर में कोई केमिकल भरा हुआ है। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि किस तरह का केमिकल भरा हुआ है। यदि आग की लपटें केबिन से होकर टैंकर तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आसपास के लोगों से भी पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी शमशेर सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी पुलिस के सामने नहीं आया है। खरावड़ चौकी इंचार्ज एसआई जगदीश चंद्र का कहना है कि कैंटर के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच की जा रही है।
केबिन था अंदर से बंद, स्लीपर सीट पर मिला शव
हालांकि मामला हत्या का भी हो सकता है, लेकिन आशंका ये भी जताई जा रही है कि व्यक्ति सो रहा हो और एकाएक भयंकर आग लगने के कारण वह बाहर नहीं आ सका हो। जांच में सामने आया है कि केबिन अंदर से बंद था। शव स्लीपर सीट के पास मिला है। कैंटर सड़क किनारे खड़ा था। लग रहा है कि कैंटर चालक ने रात को वाहन साइड में खड़ा किया होगा। माचिस की तीली गिरने या फिर स्पार्किंग के कारण केबिन में आग लगी होगी।
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पुलिस के मुताबिक बुधवार सुबह 6 बजे खेड़ी साध-कारौर अप्रोच रोड पर एक कैंटर में आग लगने की सूचना मिली थी। तभी दमकल विभाग को इसकी सूचना दी गई। पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची। करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस ने केबिन में जांच की तो राख के बीच में हाथ में बांधने वाली घड़ी नजर आई। केबिन को टटोला तो पता चला कि यहां किसी व्यक्ति का शव राख हो चुका है। एफएसएल टीम को बुलाया गया, लेकिन आग लगने से व्यक्ति के कपड़े सहित अन्य दस्तावेज राख हो गए थे। कैंटर के अंदर से व्यक्ति की पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला है। शुरुआती तौर पर मामले में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि आग लगने के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है।
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ढाई बजे बंद हो गई थी घड़ी
शव के हाथ पर बंधी घड़ी रात करीब ढाई बजे बंद हो गई थी। पुलिस का मानना है कि व्यक्ति के साथ हुए हादसे का समय भी यही रहा होगा। हालांकि इसके अलावा कोई पुख्ता सबूत नहीं है। कैं टर का नंबर नागालैंड का है। नंबर के आधार पर ही चालक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। अभी कैंटर मालिक की पहचान की जा रही है।
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शुक्र रहा केमिकल तक नहीं पहुंची आग
कैंटर का नंबर एनएल-01एल-1857 है। कैं टर में कोई केमिकल भरा हुआ है। अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि किस तरह का केमिकल भरा हुआ है। यदि आग की लपटें केबिन से होकर टैंकर तक पहुंच जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था।
आसपास के लोगों से भी पूछताछ
घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी शमशेर सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि अभी तक घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी पुलिस के सामने नहीं आया है। खरावड़ चौकी इंचार्ज एसआई जगदीश चंद्र का कहना है कि कैंटर के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जांच की जा रही है।
केबिन था अंदर से बंद, स्लीपर सीट पर मिला शव
हालांकि मामला हत्या का भी हो सकता है, लेकिन आशंका ये भी जताई जा रही है कि व्यक्ति सो रहा हो और एकाएक भयंकर आग लगने के कारण वह बाहर नहीं आ सका हो। जांच में सामने आया है कि केबिन अंदर से बंद था। शव स्लीपर सीट के पास मिला है। कैंटर सड़क किनारे खड़ा था। लग रहा है कि कैंटर चालक ने रात को वाहन साइड में खड़ा किया होगा। माचिस की तीली गिरने या फिर स्पार्किंग के कारण केबिन में आग लगी होगी।