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भाभी की हत्या करने वाले को उम्रकैद
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 27 May 2016 02:29 AM IST
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- फोटो : Demo pic
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खरकड़ा गांव में भाभी की गोली मारकर हत्या और भाई पर हमला करने वाले को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतलाल ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसने 2014 में प्लाट के विवाद को लेकर घटना को अंजाम दिया था। कोर्ट ने हत्यारे पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
खरकड़ा गांव के प्रदीप ने 7 मार्च 2014 को महम थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें कहा गया था कि उसके पिता जगत सिंह व मां दर्शना देवी प्लाट पर गए हुए थे। उस प्लाट को लेकर ही उनका चाचा अजमेर से विवाद चल रहा था और उसको लेकर आये दिन झगड़ा होता रहता। उस दिन उसका चाचा अजमेर भी प्लाट पर पहुंच गया और लाइसेंसी पिस्टल से उसकी मां दर्शना को गोली मार दी। उसे बचाने आये उसके पिता जगत सिंह पर भी गोली चला दी। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उसी समय प्रदीप का भाई शक्ति सिंह वहां पहुंच गया। उसने घटना देखकर शोच मचा दिया तो हमलावर भाग गया। वहां उसकी मां दर्शना की मौत हो गई, जबकि उसके पिता जगत सिंह घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अजमेर को गिरफ्तार कर लिया था। अजमेर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। तभी से सुनवाई चल रही थी। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतलाल ने अजमेर को दोषी मानते हुए हत्या मामले में उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि हत्या के प्रयास में दस साल कैद और 7 हजार जुर्माने की सजा तो आर्म्स एक्ट में दो साल कैद और 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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खरकड़ा गांव के प्रदीप ने 7 मार्च 2014 को महम थाने में एक मुकदमा दर्ज कराया था। उसमें कहा गया था कि उसके पिता जगत सिंह व मां दर्शना देवी प्लाट पर गए हुए थे। उस प्लाट को लेकर ही उनका चाचा अजमेर से विवाद चल रहा था और उसको लेकर आये दिन झगड़ा होता रहता। उस दिन उसका चाचा अजमेर भी प्लाट पर पहुंच गया और लाइसेंसी पिस्टल से उसकी मां दर्शना को गोली मार दी। उसे बचाने आये उसके पिता जगत सिंह पर भी गोली चला दी। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए और उसी समय प्रदीप का भाई शक्ति सिंह वहां पहुंच गया। उसने घटना देखकर शोच मचा दिया तो हमलावर भाग गया। वहां उसकी मां दर्शना की मौत हो गई, जबकि उसके पिता जगत सिंह घायल हो गए थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अजमेर को गिरफ्तार कर लिया था। अजमेर के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। तभी से सुनवाई चल रही थी। बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतलाल ने अजमेर को दोषी मानते हुए हत्या मामले में उम्रकैद व 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जबकि हत्या के प्रयास में दस साल कैद और 7 हजार जुर्माने की सजा तो आर्म्स एक्ट में दो साल कैद और 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजा एक साथ चलेंगी।
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