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Rohtak: आरोप- दहेज हत्या को आत्महत्या बना दिया, कोर्ट के आदेश पर एएसआई सहित पांच के खिलाफ केस दर्ज

Sat, 19 Aug 2023 05:33 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sat, 19 Aug 2023 05:33 PM IST
सार

शिकायत में पीजीआई की महिला डॉक्टर का भी नाम था, लेकिन पुलिस ने आरोपी नहीं बनाया है। नवंबर 2022 में हुमायूंपुर गांव में विवाहिता की मौत हुई थी।

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Rohtak: Case registered against five including ASI on the orders of the court
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करीब 10 माह पहले के हुमायूंपुर गांव में हुई विवाहिता की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। आरोप है कि विवाहिता के सुसराल वालों ने पुलिस के साथ मिलकर दहेज हत्या को आत्महत्या का केस बना दिया। अदालत के आदेश पर आईएमटी थाने में कंसाला चौकी के तत्कालीन प्रभारी सहित पांच लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304-बी,120-बी,166-ए,166-बी,201,171-ई, 218, 219 व 34 के तहत मामला दर्ज किया है। शिकायत में पीजीआई की महिला डॉक्टर का भी नाम है, लेकिन एफआईआर के अंदर आरोपियों की सूची में नाम नहीं है।

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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक जेएमआईसी मधुर बजाज की अदालत में सुंडाना निवासी संतोष ने दायर याचिका में बताया कि मार्च 2016 में उसकी पोती अनु की शादी हुमायूंपुर निवासी मोहित से हुई थी। शादी के बाद अनु को ससुराल वाले दहेज के लिए तंग करते थे। कई बार उनको समझाया। उसके दो बेटे हुए, जिनमें एक की उम्र पांच तो दूसरे की तीन साल है।
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इसके बावजूद आरोपियों की मांग खत्म नहीं हुई। आरोप है कि ससुराल पक्ष कहता था कि तूं माता-पिता की इकलौती संतान है। ऐसे में जमीन उनके नाम करवा दे। अगस्त 2022 में अनु से मारपीट की गई, जिसके चलते उसने कंसाला पुलिस चौकी में शिकायत दी, लेकिन आरोपियों ने माफी मांग कर समझौता कर लिया।
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नवंबर 2022 को आरोपी मोहित का फोन आया कि अनु ने जहर खा लिया है। वह उसे पीजीआई रोहतक में लेकर आया है। सूचना पाकर उसका बेटा रमेश पीजीआई पहुंचा, लेकिन आरोपियों ने अनु से नहीं मिलने दिया। अगले दिन अनु की मौत हो गई।

इसके बाद आरोपियों ने अनु के पिता अनिल से कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद अनु की मौत को आत्महत्या मानकर अंतिम संस्कार करवा दिया गया। जब वे डॉक्टर के पास एमएलआर लेने के लिए गए तो डॉक्टर ने शिकायतकर्ता व उसके परिवार वालों को साफ मना कर दिया। कहा कि एमएलआर पुलिस को ही देंगे।

वे पुलिस से मिले, उसे बताया गया कि अनु ने आत्महत्या की है। कोई केस नहीं बनता। उसने सीएम विंडो पर शिकायत दी। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।


शिकायतकर्ता को शक है कि पुलिस ने आरोपियों के साथ मिलीभगत कर ली। अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। अदालत के आदेश पर आईएमटी थाने में मोहित, वीरेन्द्र, उषा व पूनम और कंसाला चौकी प्रभारी सोमबीर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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