{"_id":"62a38392fa62660078240915","slug":"property-worth-rs-40-lakh-attached-to-the-family-of-drug-smuggling-accused-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"नशे पर वार: नशा तस्करी के आरोपी के परिवार की 40 लाख की प्रॉपर्टी कुर्क, बैंक खाते सीज","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नशे पर वार: नशा तस्करी के आरोपी के परिवार की 40 लाख की प्रॉपर्टी कुर्क, बैंक खाते सीज
Fri, 10 Jun 2022 11:16 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 10 Jun 2022 11:16 PM IST
सार
2018 से 2021 के बीच में भाई व बहन के नाम से दो प्लाट खरीदे गए थे। अब आरोपी बैंक खाते की नकदी भी नहीं निकाल सकेंगे। 2020 में सीआईए ने दो युवकों से 41 किलो गांजापत्ती बरामद की थी। पूछताछ में आरोपी परिवार से तार जुड़े थे। एसपी बोले कि नशे के खिलाफ पुलिस ने अहम कदम उठाया है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
विस्तार
हरियाणा के रोहतक में नशा तस्करी की कमर तोड़ने के लिए पुलिस ने अहम कदम उठाया है। इंदिरा कॉलोनी में एक परिवार से जुड़ी 40 लाख की प्रॉपर्टी को कुर्क किया गया है। साथ ही भाई व बहन के बैंक अकाउंट भी सीज कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई पुलिस विभाग ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग के कार्यालय सक्षम प्राधिकारी व प्रशासक के माध्यम से करवाई है।
विज्ञापन
एसपी उदय सिंह मीना ने बताया कि अप्रैल 2020 में सीआईए-एक की टीम खरावड़ चौकी नाका पर मौजूद थी। दिल्ली की तरफ से एक कार आई जिसे रुकने का इशारा किया गया। कार चालक ने पुलिस टीम पर सीधी टक्कर मारने की कोशिश की। पुलिस टीम ने अपना बचाव किया तथा कार बैरिकेड में जाकर लगी।
विज्ञापन
सिपाही हरपाल ने चालक को काबू करने का प्रयास किया तो चालक ने कार को दिल्ली की तरफ भगा लिया। सिपाही हरपाल आधा गाड़ी के अंदर आधा गाड़ी के बाहर घसीटता हुआ गाड़ी के साथ चल दिया। सीआईए टीम ने कार का पीछा किया। कुछ दूर चलने पर कार अनियंत्रित होकर ढाबा को तोड़ती हुई खाली प्लाट में उतर गई।
विज्ञापन
कार सवार दोनों युवकों को काबू किया गया। युवकों की पहचान सन्नी निवासी गोयला कलां (झज्जर) व धीरज निवासी शामलो कलां (जीन्द) हाल सैक्टर-7 बहादुरगढ़ के रूप में हुई है। तलाशी लेने पर कार से दो कट्टे बरामद हुए हैं जिनमें 21 किलोग्राम व 20 किलोग्राम (कुल 41 किलोग्राम) गांजापत्ती बरामद हुई है।
पिता ने बेटी को दिया गांजा, बेटी ने आगे सप्लाई किया
पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने गांजा ललिता निवासी इंदिरा कॉलोनी से खरीदा था। नशीले पदार्थों की तस्करी करने मे संलिप्त आरोपी महिला ललिता गिरफ्तार किया गया। ललिता से पूछताछ करने पर सामने आया कि उसने गांजा को अपने पिता धर्मबीर निवासी करतारपुरा से खरीदा था। नशीले पदार्थ की तस्करी करने के आरोप में धर्मबीर को भी गिरफ्तार किया गया। ललिता व धर्मबीर से गहनता से पूछताछ की गई जिसमें सामने आया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। आरोपी धर्मबीर के खिलाफ 6, धर्मबीर की पत्नी सरोज के खिलाफ एक, धर्मबीर के बेटे रोबिन व बेटी ललिता के खिलाफ एक-एक मामला दर्ज है। इसके अलावा ललिता के पति के खिलाफ भी रोहतक शहर में एनडीपीएस के तहत एक मामला दर्ज है।
ये संपत्ति की गई कुर्क, बैंक खातों से लेनदेन पर भी रोक
पुलिस के मुताबिक आरोपी परिवार द्वारा नशीले पदार्थों की तस्करी कर रुपयों से अवैध तरीके से अपने बेटे, बेटी के नाम से रोहतक शहर मे प्रॉपर्टी खरीदी गई। जून 2018 को ललिता के नाम से संजय कॉलोनी मे 59.81 गज का प्लॉट 2 लाख 46 हजार रुपये में खरीदा। इसकी कीमत आज के समय में करीब 8 लाख 97 हजार 150 रुपये है। धर्मबीर के बेटे रोबिन के नाम से फरवरी 2021 को 63.53 गज की कंस्ट्रक्टेड कॉमर्शियल दुकान 12 लाख 28 हजार 400 रुपये में खरीदी गई, जिसकी कीमत आज करीब 28 लाख 58 हजार 880 रुपये है।
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के माध्यम से हुई कार्रवाई, बैंक खातों में डेढ़ लाख से ज्यादा नकदी
पुलिस के मुताबिक वित्त मंत्रालय, राजस्व विभाग के कार्यालय सक्षम प्राधिकारी व प्रशासक (स्वापक औषधि व मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985) संजोग कपूर के द्वारा जांच करने के बाद आरोपियों की संपति व बैंक बैलेंस को कुर्क करने के आदेश जारी किए गए। स्वापक औषधि व मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा 68एफ(2) के तहत रोबिन व ललिता के नाम से खरीदी गई उपरोक्त प्रॉपर्टी को कुर्क किया गया है। इसके साथ ही ललिता व रोबिन के बैंक ऑफ इंडिया के बैंक खातों को सीज किया गया। हाल में रोबिन के खाते में 1 लाख 51 हजार व ललिता के खाते मे 29 हजार 101 रुपये मौजूद है।
लगातार सील होगी नशा तस्करी से जुड़ी संपत्ति
पुलिस द्वारा मादक व नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। तस्करों द्वारा अवैध तरीके से अर्जित की गई संपति का पता लगाकर उसे सील कर रहे हैं। इसके लिए उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय डॉ. रविंद्र के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है। जो टीम द्वारा मादक पदार्थों के तस्करों की सूची बनाकर उनकी संपति का पता कर रही है। - उदय सिंह मीना, पुलिस अधीक्षक