{"_id":"62fa557fe32ab058df062f08","slug":"online-fraud-of-two-and-half-lakh-rupees-from-a-youth-of-bihar-in-rohtak","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak: बैंक ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के नाम पर बिहार के युवक से रोहतक में पौने 2 लाख की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
Rohtak: बैंक ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के नाम पर बिहार के युवक से रोहतक में पौने 2 लाख की ठगी
Mon, 15 Aug 2022 07:47 PM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Mon, 15 Aug 2022 07:47 PM IST
सार
गुगल पर सर्च करने पर कोलकता की फर्जी कंपनी का नंबर मिला। झांसा देकर खातों में लाखों रुपये की नकदी ट्रांसफर करवा ली गई। पहले उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 4200 रुपये फीस मांगी गई। इसके बाद अलग-अलग बहाने से 1 लाख 76 हजार रुपये जमा करवा लिए।
विज्ञापन
cyber crime
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार के अररिया निवासी हाल हरियाणा के रोहतक में किराये पर रह रहे युवक बबूल से शातिर ठगों ने ग्राहक बैंक ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के नाम पर 1 लाख 76 हजार रुपये ठग लिए। ग्राहक सेवा केंद्र खुलवाने के लिए बबलू ने गुगल पर नंबर सर्च किया था। इस संबंध में साइबर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक बबलू ने दी शिकायत में बताया कि वह लंबे समय से रोहतक की श्रीनगर कॉलोनी में परिवार सहित रहता है। चार अगस्त को उसने बैंक ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के लिए गुगल पर सर्च किया। उसे जो वेबसाइट मिली, उसके ऊपर अपनी ई-मेल व मोबाइल नंबर डाला। एक व्यक्ति का उसके पास फोन आया। उसने कहा कि वह कोलकता के डिजीटल बैंक का रिलेशनशिप मैनेजर हिमांशु आनंद बोल रहा है।
विज्ञापन
बातचीत के बाद तय हुआ कि बबलू अपनी पत्नी नीतू के नाम से बैंक ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) खोलेगा। इसके बाद उससे रजिस्ट्रेशन करवाया और केवाईसी फार्म भरवाया गया। इसके बाद उसकी पत्नी का पैन कार्ड व दूसरे कागजात लिए गए। 9 अगस्त को उसे एक ई-मेल प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
पहले उससे रजिस्ट्रेशन के नाम पर 4200 रुपये फीस मांगी गई। इसके बाद अलग-अलग बहाने से 1 लाख 76 हजार रुपये जमा करवा लिए। जब उससे जीएसटी के नाम पर पैसे मांगे गए तो उसे शक हुआ। उसने बैंक में जाकर पता किया। वहां बताया गया कि आपसे ठगी हुई है।