फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   more rush , do not reach reservation andolon stal, hole day environment shantiperiya,

भारी भीड़ के चलते धरना स्थल तक नहीं पहुंच पाए लोग

Mon, 20 Feb 2017 02:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Mon, 20 Feb 2017 02:08 AM IST
विज्ञापन
 बलिदान दिवस मनाने के लिए जसिया धरने पर पहुंचे काफी संख्या में लोग धरना स्थल तक पहुंच ही नहीं पाए। धरनास्थल तक नहीं पहुंच पाने वाले लोगों ने साथ लगते खेतों में डेरा जमा दिया। वहीं काफी लोग धूप से बचने के लिए ट्रैक्टर के साथ लाए ट्रालियों के नीचे बैठे दिखाई दिए। लोगों की प्यास बुझाने के लिए धरना स्थल पर पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई थी। हर 100 मीटर पर पानी का टैंकर खड़ा किया गया था, जिसने लोगों को गर्मी से राहत दिलाई।
विज्ञापन


पिछले साल फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किए गए बलिदान दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जिले के अलाव आस-पड़ोस के जिलों तथा दूसरे प्रदेशों से भी लोग आए हुए थे। काफी संख्या में रामपाल समर्थक भी जसिया पहुंचे। धरनास्थल के अलावा नेशनल हाईवे पर भी लगभग 10 किलोमीटर तक लोग जमे रहे।
विज्ञापन


पहले जाने वाले ही पहुंच पाए धरनास्थल तक
बलिदान दिवस में शामिल होने के लिए जो लोग सुबह 10 बजे तक वहां पहुंचे वे ही धरनास्थल तक पहुंच पाए। उसके बाद जितने भी लोग आए, सभी को सड़क और खेतों में ही रुकना पड़ा। इसी के चलते गांव ब्राह्मणवास से लेकर कान्ही चौक तक लोग सड़कों पर डटे रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन


युवाओं में ट्रैक्टर और बुल्ट का क्रेज
धरनास्थल पर पहुंचने वाले युवाओं में ट्रैक्टर और बुल्ट बाइक का जबरदस्त क्रेज देखने को मिला। युवाओं ने अपने ट्रैक्टरों को अच्छे से सजाया हुआ था तथा उन पर म्यूजिक सिस्टम भी बेहतरीन लगाए गए थे। ट्रैक्टरों में पिछले साल मारे गए लोगों की याद में गीत बजाए जा रहे थे।

भजन गाते पहुंची महिलाएं
धरनास्थल पर पहुंचने वालों में महिलाओं की तादाद भी काफी ज्यादा थी। ट्रालियां भर-भर कर महिलाएं जसिया पहुंची। सभी महिलाएं मंगल गीत गाते हुए पहुंची। महिलाओं ने कहा कि उनके बच्चों ने जो कुर्बानियां दी हैं, उनको व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा।

साथ लेकर चले चौधर की निशानी ‘हुक्का’
हरि
याणा में चौधर की निशानी माने जाने वाले हुक्के का भी पूरा क्रेज रहा। लोग अपने साथ ही ट्रैक्टरों में हुक्का लेकर पहुंचे। जहां भी जाटों का रुकना हुआ वहीं उन्होंने अपनी हुक्का चर्चा शुरू कर दी।

जहां जगह मिली, वहीं चढ़ गए
जसिया पहुंचा हर बच्चा, बूढ़ा, जवान और महिलाएं धरनास्थल पर जाने के लिए उत्सुक था। मगर आधे लोग भी धरनास्थल तक नहीं पहुंच पाए। इसलिए मंच को देखने के लिए लोगों को जहां जगह मिली, वहीं पर चढ़ गए। कोई पेड़ों पर चढ़ा हुआ था तो कोई बसों की छतों पर। कुछ युवा तो बस क्यू शेल्टरों पर भी चढ़े दिखाई दिए।

आकर्षण का केंद्र रही शहीद जागृति कार
जसिया में एक कार पर उन लोगों के पोस्टर लगाए गए थे, जिनकी पिछली बार मौत हो गई थी। इन पोस्टरों पर उनके नाम व पते सहित उनके बारे में काफी जानकारी दी गई थी। यह कार लोगों के आकर्षण का केंद्र रही। कार को धरना स्थल से लगभग दो किलोमीटर पहले रोहतक की तरफ खड़ा किया गया था। धरना स्थल की तरफ जाने वाले सभी लोग कार को देखकर गुजर रहे थे।

अव्यवस्था रोकने के लिए रोके वाहन
धरनास्थल पर किसी प्रकार की कोई अव्यवस्था न बने इसलिए वहां तक वाहनों को नहीं जाने दिया गया। वाहनों को रोकने के लिए रास्ते में सड़क पर एक ट्रैक्टर-ट्राली को अड़ा दिया गया था, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

गन्ने और बेर का चखा स्वाद
जो लोग धरबंदनास्थल तक नहीं पहुंच पाए, खासकर बच्चों ने गन्ने व बेरों का आनंद लिया। सड़क के साथ लगते ईंख के खेतों से जमकर गन्ने चूसे और झाड़ियों से बेर भी खाए। वहीं, दूसरी ओर किसानों ने भी लोगों को गन्ने लेने से इंकार नहीं किया। कुछ लोगों ने तो विशेषतौर पर लोगों को गन्ने चूसने के लिए आमंत्रित भी किया।


युवाओं ने बजाया डीजे, बुजुर्गों ने कराया
धरनास्थल पर पहुंचे कुछ युवक डीजे लेकर पहुंच गए तथा वहां उसे बजाकर डांस करने लगे। वे डांस कर ही रहे थे कि वहां पर कुछ बुजुर्ग लोग आए तथा उन्होंने युवाओं को समझाया कि यह बलिदान दिवस है, इसलिए आज यहां गाने-बजाने का कार्यक्रम न करें। इस पर युवा मान गए तथा डीजे को बंद कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed