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पीजीआई में शराब पीकर छात्राओं से छेड़खानी, हॉस्टल में सीनियर्स ने जूनियर को पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 19 Oct 2015 02:11 AM IST
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पीजीआई में चले रहे आर्म्सकॉन-2015 उत्सव में दूसरे दिन रविवार सुबह 4 बजे तक पार्टी चली। अलसुबह तक चले कार्यक्रम में एमबीबीएस छात्रों ने शराब पीकर हुड़दंग कर दिया। खुलेआम छात्राओं से छेड़खानी शुरू होने के बाद दो पक्षों में मारपीट हो गई। हाथापाई इतनी बढ़ गई कि एक छात्र को तो इमरजेंसी में दाखिल करवाना पड़ा। आयोजन स्थल पर तो किसी तरह मामला सुलझा दिया गया, लेकिन हॉस्टल पहुंचने पर सुबह 6 बजे दोनों पक्ष फिर भिड़ गए और यहां सीनियर्स ने जूनियर छात्रों की पिटाई कर दी।
मामला रैगिंग से भी जुड़ा बताया जा रहा है। हालात बेकाबू होने पर मारपीट का शिकार छात्रों के परिजन संस्थान तक पहुंच गए, लेकिन पीजीआई का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित पक्ष ने पीजीआई थाने में मामले की शिकायत दे दी है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
ऐसे हुई घटना
शनिवार रात को पीजीआई के नए ऑडिटोरियम में चल रहे वार्षिक समारोह की मस्ती रविवार अल सुबह तक चली। सुबह तीन से चार बजे के बीच पहले ग्राउंड में शराब के नशे में कुछ छात्रों ने हुड़दंग मचाया और फिर छेड़खानी की। इस पर कुछ छात्रों ने विरोध किया तो बात मारपीट तक पहुंच गई। मौके पर जैसे-तैसे दोनों पक्ष अलग हुए, लेकिन सुबह 6 बजे हॉस्टल परिसर में जाकर सीनियर ने जूनियरों को पीट दिया। अन्य छात्रों ने बीच बचाव कर अपने साथियों को छुड़ाया।
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रैगिंग का मामला आया सामने
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भले ही संस्थान में रैगिंग पर प्रतिबंध है। लेकिन सूत्रों की मानें तो तीन पीड़ित छात्रों ने संस्थान में रैगिंग होने की बात भी बताई है। इसके साथ ही जूनियरों पर दबाव बनाया जाता है और धमकी दी जाती है कि यदि उन्होंने किसी को बताया तो उनके नंबर नहीं लगने दिए जाएंगे। इससे जूनियर में भय बना हुआ है। इसके चलते कोई मामला सामने नहीं आया है।
सुबह की शिकायत, शाम तक मामला दर्ज नहीं
मारपीट की घटना सुबह दो बार हुई। पीड़ितों ने पुलिस थाने में शिकायत भी दी, लेकिन मामला शाम तक दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित छात्रों के अभिभावक भी मौके पर पहुंचे और पुलिस से बात की, लेकिन आरोपी छात्रों को बचाने के लिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने आरोपी छात्रों का मेडिकल करा लिया है।
पिछली घटनाओं से सबक नहीं
शराब के नशे में हॉस्टल की छत से गिरकर मौत, रात को रेलवे लाइन क्रास करते समय एक मौत और हाल ही में नहर में नहाने गए एक मेडिकल छात्र की मौत के बाद भी पीजीआई प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। हॉस्टल में होली पर कुछ छात्रों ने शराब पीकर हुड़दंग मचाया। इसके बाद पलंग और कपबोर्ड तक जला डाले, इस मामले में जांच के बाद जुर्माना किया गया था।
एक को गुप्तांग पर आई चोट
तीन छात्रों में से एक के गुप्तांग पर चोट आई है। इसके चलते उसे दाखिल किया गया है, उसका उपचार किया जा रहा है।
वीसी के समक्ष आएगा मामला
छात्रों के बीच हुए झगड़े का मामला सोमवार को वीसी डॉ. ओ. पी. कालरा के सामने रखा जाएगा। इसके बाद जांच कमेटी मामले की जांच करेगी और अंतिम फैसला लिया जाएगा। संस्थान में चर्चा है कि अब तक पूर्व अधिकारी ऐसे मामलों में चेतावनी देकर मौका देते थे। लेकिन इस पर कुलपति डॉ. कालरा की सख्ती सभी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि इस मामले पर उनका कोई बड़ा फैसला आ सकता है।
उठ रहे सवाल
- देर रात तक आयोजन की मंजूरी किसने दी।
- 20 निजी सुरक्षा गार्ड और पुलिस की मौजूदगी में हुड़दंग कैसे हुआ।
- जब झगड़े की शुरुआत हो गई तो हॉस्टल पर नजर क्यों नहीं रखी गई।
- प्रबंधन दिनभर चुप क्याें रहा, क्यों परिजनों को थाने तक जाना पड़ा।
- प्रबंधन मीडिया में आधिकारिक बयान देने से भी क्यों बच रहा है।
मारपीट मामले में एक तरफ से दो छात्र हैं और दूसरी तरफ से चार छात्र हैं। दोनों पक्षों को चोट लगी है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
- शशांक आनंद, एसपी, रोहतक।
थाने में दोनों पक्षों के परिजन आए हैं। इनके साथ बातचीत जारी है, जैसे ही शिकायत मिलेगी कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप, एसएचओ, पीजीआई थाना, रोहतक।
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मामला रैगिंग से भी जुड़ा बताया जा रहा है। हालात बेकाबू होने पर मारपीट का शिकार छात्रों के परिजन संस्थान तक पहुंच गए, लेकिन पीजीआई का कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। पीड़ित पक्ष ने पीजीआई थाने में मामले की शिकायत दे दी है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।
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ऐसे हुई घटना
शनिवार रात को पीजीआई के नए ऑडिटोरियम में चल रहे वार्षिक समारोह की मस्ती रविवार अल सुबह तक चली। सुबह तीन से चार बजे के बीच पहले ग्राउंड में शराब के नशे में कुछ छात्रों ने हुड़दंग मचाया और फिर छेड़खानी की। इस पर कुछ छात्रों ने विरोध किया तो बात मारपीट तक पहुंच गई। मौके पर जैसे-तैसे दोनों पक्ष अलग हुए, लेकिन सुबह 6 बजे हॉस्टल परिसर में जाकर सीनियर ने जूनियरों को पीट दिया। अन्य छात्रों ने बीच बचाव कर अपने साथियों को छुड़ाया।
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रैगिंग का मामला आया सामने
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भले ही संस्थान में रैगिंग पर प्रतिबंध है। लेकिन सूत्रों की मानें तो तीन पीड़ित छात्रों ने संस्थान में रैगिंग होने की बात भी बताई है। इसके साथ ही जूनियरों पर दबाव बनाया जाता है और धमकी दी जाती है कि यदि उन्होंने किसी को बताया तो उनके नंबर नहीं लगने दिए जाएंगे। इससे जूनियर में भय बना हुआ है। इसके चलते कोई मामला सामने नहीं आया है।
सुबह की शिकायत, शाम तक मामला दर्ज नहीं
मारपीट की घटना सुबह दो बार हुई। पीड़ितों ने पुलिस थाने में शिकायत भी दी, लेकिन मामला शाम तक दर्ज नहीं किया गया। पीड़ित छात्रों के अभिभावक भी मौके पर पहुंचे और पुलिस से बात की, लेकिन आरोपी छात्रों को बचाने के लिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने आरोपी छात्रों का मेडिकल करा लिया है।
पिछली घटनाओं से सबक नहीं
शराब के नशे में हॉस्टल की छत से गिरकर मौत, रात को रेलवे लाइन क्रास करते समय एक मौत और हाल ही में नहर में नहाने गए एक मेडिकल छात्र की मौत के बाद भी पीजीआई प्रशासन सबक नहीं ले रहा है। हॉस्टल में होली पर कुछ छात्रों ने शराब पीकर हुड़दंग मचाया। इसके बाद पलंग और कपबोर्ड तक जला डाले, इस मामले में जांच के बाद जुर्माना किया गया था।
एक को गुप्तांग पर आई चोट
तीन छात्रों में से एक के गुप्तांग पर चोट आई है। इसके चलते उसे दाखिल किया गया है, उसका उपचार किया जा रहा है।
वीसी के समक्ष आएगा मामला
छात्रों के बीच हुए झगड़े का मामला सोमवार को वीसी डॉ. ओ. पी. कालरा के सामने रखा जाएगा। इसके बाद जांच कमेटी मामले की जांच करेगी और अंतिम फैसला लिया जाएगा। संस्थान में चर्चा है कि अब तक पूर्व अधिकारी ऐसे मामलों में चेतावनी देकर मौका देते थे। लेकिन इस पर कुलपति डॉ. कालरा की सख्ती सभी को सोचने पर मजबूर कर रही है कि इस मामले पर उनका कोई बड़ा फैसला आ सकता है।
उठ रहे सवाल
- देर रात तक आयोजन की मंजूरी किसने दी।
- 20 निजी सुरक्षा गार्ड और पुलिस की मौजूदगी में हुड़दंग कैसे हुआ।
- जब झगड़े की शुरुआत हो गई तो हॉस्टल पर नजर क्यों नहीं रखी गई।
- प्रबंधन दिनभर चुप क्याें रहा, क्यों परिजनों को थाने तक जाना पड़ा।
- प्रबंधन मीडिया में आधिकारिक बयान देने से भी क्यों बच रहा है।
मारपीट मामले में एक तरफ से दो छात्र हैं और दूसरी तरफ से चार छात्र हैं। दोनों पक्षों को चोट लगी है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
- शशांक आनंद, एसपी, रोहतक।
थाने में दोनों पक्षों के परिजन आए हैं। इनके साथ बातचीत जारी है, जैसे ही शिकायत मिलेगी कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप, एसएचओ, पीजीआई थाना, रोहतक।