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यौन उत्पीड़न मामले में कार्रवाई न होने से पीड़िता परेशान, आत्मदाह की दी चेतावनी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Thu, 06 Oct 2016 01:00 AM IST
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एमडीयू के शारीरिक शिक्षा विभाग की पूर्व सहायक प्रोफेसर का मामला
- फोटो : file photo
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एमडीयू के शारीरिक शिक्षा विभाग की पूर्व सहायक प्रोफेसर ने विभाग के ही प्रोफेसर के खिलाफ यौन उत्पीड़न में कार्रवाई न होने पर कुलपति को पत्र लिखकर आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। पीड़िता का कहना है शिकायत करने के 10 दिन बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। इससे पहले पूर्व सहायक प्रोफेसर ने महिला सेल में भी न्याय की गुहार लगाई थी।
मूल रूप से भिवानी निवासी महिला ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में बतौर गेस्ट सहायक प्रोफेसर कार्यरत थी। करीब एक माह पहले वह विभागाध्यक्ष के द्वारा यौन उत्पीड़न के चलते नौकरी छोड़ चुकी हैं। महिला ने आरोप लगाया था कि नौकरी जाने का जिम्मेदार विभागाध्यक्ष डॉ. भगत सिंह राठी हैं। कुलपति को लिखे पत्र में पहले भी इस घटना के बारे में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने पत्र में लिखा है कि 10 दिन से न्याय के लिए भटक रही है। अगर शीघ्र ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे विश्वविद्यालय में ही आत्मदाह करने पर मजबूर होगी। जिसके जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति होंगे। गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए कुलपति ने एक कमेटी भी गठित कर रखी है। जो आरोपी और शिकायतकर्ता के लिखित बयान दर्ज कर चुकी हैं। कमेटी शीघ्र ही विश्वविद्यालय प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेंगी।
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मूल रूप से भिवानी निवासी महिला ने बताया कि वह विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग में बतौर गेस्ट सहायक प्रोफेसर कार्यरत थी। करीब एक माह पहले वह विभागाध्यक्ष के द्वारा यौन उत्पीड़न के चलते नौकरी छोड़ चुकी हैं। महिला ने आरोप लगाया था कि नौकरी जाने का जिम्मेदार विभागाध्यक्ष डॉ. भगत सिंह राठी हैं। कुलपति को लिखे पत्र में पहले भी इस घटना के बारे में शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने पत्र में लिखा है कि 10 दिन से न्याय के लिए भटक रही है। अगर शीघ्र ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे विश्वविद्यालय में ही आत्मदाह करने पर मजबूर होगी। जिसके जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति होंगे। गौरतलब है कि इस मामले की जांच के लिए कुलपति ने एक कमेटी भी गठित कर रखी है। जो आरोपी और शिकायतकर्ता के लिखित बयान दर्ज कर चुकी हैं। कमेटी शीघ्र ही विश्वविद्यालय प्रशासन को रिपोर्ट सौंपेंगी।
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