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एचओडी पर एक और मामला दर्ज, आश्वासन पर दोनों महिलाओं का आमरण अनशन स्थगित
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 19 Dec 2016 01:55 AM IST
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डीएसपी-एसएचओ पहुंचे अनशन स्थल, दिया न्याय का आश्वासन
- फोटो : amar ujala
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महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के फिजिकल एजूकेशन डिपार्टमेंट का मामला गरमाता जा रहा है। पूर्व महिला फैकल्टी की शिकायत पर एचओडी के खिलाफ रविवार को महिला थाने में उत्पीड़न का भी मामला दर्ज किया गया है। दोपहर बाद पुलिस अधिकारियों ने अनशन स्थल पर पहुंचकर आमरण अनशन पर बैठी दोनों महिलाओं को मुकदमा दर्ज करने की जानकारी दी और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद महिलाएं कुछ समय के लिए आमरण अनशन स्थगित करने को तैयार हो गईं। उनका कहना है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो फिर से आमरण अनशन करेंगी। बाद में दोनों महिलाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट के सामने 164 के बयान दर्ज कराये हैं। वहीं, सुबह ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर भी महिलाओं से मिलने पहुंचे और प्रदेश सरकार पर जमकर बरसे। तंवर ने कहा कि यह मामला विधानसभा में उठाया जाएगा।
एमडीयू के फिजिकल एजूकेशन के एचओडी प्रो. भगत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक पूर्व महिला फैकल्टी ने चार दिन पहले महिला थाने के सामने आमरण अनशन शुरू किया था। उनके साथ एक अन्य फैकल्टी की मां भी आमरण अनशन पर बैठ गई थीं। शनिवार को एचओडी की शिकायत पर महिलाओं के खिलाफ अलग-अलग आरोपों में मामला दर्ज किया गया था तो फैकल्टी की मां की शिकायत पर एचओडी के खिलाफ भी पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज हो गया था। हालांकि, इतना सब होने के बाद भी पूर्व महिला फैकल्टी की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। रविवार दोपहर डीएसपी डॉ. रविंद्र और महिला थाना इंस्पेक्टर गरिमा आमरण अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पूर्व महिला फैकल्टी ने जो शिकायत महिला थाने में दे रखी थी रविवार को उस पर भी एचओडी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को एचओडी की गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए निष्पक्ष जांच का हवाला दिया। दोनों महिलाओं के 164 के बयान लेने के लिए पुलिस अधिकारियों ने हामी भरी, इसके बाद महिलाएं आमरण अनशन स्थगित करने के लिए तैयार हो गईं। इंस्पेक्टर गरिमा ने जूस पिलाकर आमरण अनशन खत्म कराया। दोनों महिलाओं के सिटी मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए गए। महिलाओं का कहना है कि अभी उन्होंने आमरण अनशन स्थगित किया है। यदि न्याय नहीं मिला तो फिर आमरण अनशन करेंगे। सोमवार को मामले में पुलिस दोनों महिलाओं को डिपार्टमेंट में ले जाकर घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी ले सकती है।
विधानसभा में उठाएंगे मामला : तंवर
आमरण अनशन के चौथे दिन रविवार सुबह ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर महिलाओं का हाल जानने के लिए पहुंचे। इस दौरान तंवर ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को न्याय के लिए चौराहे पर बैठना पड़ रहा है। भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। महिलाओं की शिकायत के बाद उनके ही खिलाफ मुकदमा दर्ज करके सरकार ने अपनी नीति को दर्शा दिया है। महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को सरकार संरक्षण दे रही है, लेकिन कांग्रेस किसी चुप नहीं रहेगी। विधानसभा में मामला उठाया जाएगा। पीड़ित महिलाओं को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। दोनों महिलाओं ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाई और ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रो. कुलताज सिंह, मनजीत नांदल, कुलदीप सोनी, सुरेंद्र सिंधु, नरेंद्र कौशिक, मनोज, सुनील और अमित नरवाल आदि मौजूद रहे।
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महिला फैकल्टी ने एचओडी के खिलाफ शिकायत दे रखी थी। शिकायत के आधार पर एचओडी प्रो. भगत सिंह के खिलाफ 354ए और 354डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- गरिमा, इंस्पेक्टर महिला थाना
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एमडीयू के फिजिकल एजूकेशन के एचओडी प्रो. भगत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एक पूर्व महिला फैकल्टी ने चार दिन पहले महिला थाने के सामने आमरण अनशन शुरू किया था। उनके साथ एक अन्य फैकल्टी की मां भी आमरण अनशन पर बैठ गई थीं। शनिवार को एचओडी की शिकायत पर महिलाओं के खिलाफ अलग-अलग आरोपों में मामला दर्ज किया गया था तो फैकल्टी की मां की शिकायत पर एचओडी के खिलाफ भी पीजीआई थाने में मुकदमा दर्ज हो गया था। हालांकि, इतना सब होने के बाद भी पूर्व महिला फैकल्टी की शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। रविवार दोपहर डीएसपी डॉ. रविंद्र और महिला थाना इंस्पेक्टर गरिमा आमरण अनशन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि पूर्व महिला फैकल्टी ने जो शिकायत महिला थाने में दे रखी थी रविवार को उस पर भी एचओडी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को एचओडी की गिरफ्तारी का आश्वासन देते हुए निष्पक्ष जांच का हवाला दिया। दोनों महिलाओं के 164 के बयान लेने के लिए पुलिस अधिकारियों ने हामी भरी, इसके बाद महिलाएं आमरण अनशन स्थगित करने के लिए तैयार हो गईं। इंस्पेक्टर गरिमा ने जूस पिलाकर आमरण अनशन खत्म कराया। दोनों महिलाओं के सिटी मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराए गए। महिलाओं का कहना है कि अभी उन्होंने आमरण अनशन स्थगित किया है। यदि न्याय नहीं मिला तो फिर आमरण अनशन करेंगे। सोमवार को मामले में पुलिस दोनों महिलाओं को डिपार्टमेंट में ले जाकर घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी ले सकती है।
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विधानसभा में उठाएंगे मामला : तंवर
आमरण अनशन के चौथे दिन रविवार सुबह ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर महिलाओं का हाल जानने के लिए पहुंचे। इस दौरान तंवर ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं को न्याय के लिए चौराहे पर बैठना पड़ रहा है। भाजपा की कथनी और करनी में जमीन आसमान का अंतर है। महिलाओं की शिकायत के बाद उनके ही खिलाफ मुकदमा दर्ज करके सरकार ने अपनी नीति को दर्शा दिया है। महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को सरकार संरक्षण दे रही है, लेकिन कांग्रेस किसी चुप नहीं रहेगी। विधानसभा में मामला उठाया जाएगा। पीड़ित महिलाओं को हर हाल में न्याय दिलाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। दोनों महिलाओं ने उन्हें अपनी व्यथा सुनाई और ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव प्रो. कुलताज सिंह, मनजीत नांदल, कुलदीप सोनी, सुरेंद्र सिंधु, नरेंद्र कौशिक, मनोज, सुनील और अमित नरवाल आदि मौजूद रहे।
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महिला फैकल्टी ने एचओडी के खिलाफ शिकायत दे रखी थी। शिकायत के आधार पर एचओडी प्रो. भगत सिंह के खिलाफ 354ए और 354डी के तहत मामला दर्ज किया गया है।
- गरिमा, इंस्पेक्टर महिला थाना