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खरावड़ चौकी के पूर्व इंचार्ज के हत्यारे को उम्रकैद 

Thu, 22 Dec 2016 02:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Thu, 22 Dec 2016 02:37 AM IST
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Karawar police post, killer sentenced to life jail, rohtak court, rohtak police
court - फोटो : demo pic
अदालत ने खरावड़ पुलिस चौकी के पूर्व इंचार्ज एसआई बलवान सिंह की हत्या में एक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन की अदालत ने 32 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। मामले में सबूतों के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया गया है।
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अदालत में चले अभियोग के अनुसार, खरावड़ पुलिस चौकी प्रभारी रहे बलवान सिंह को 5 जुलाई 2013 को सूचना मिली थी कि चौकी के पास खत्री ढाबे पर बाइक सवार एक बदमाश ने कुछ मजदूरों के साथ लूट की है। जानकारी मिलने पर चौकी प्रभारी रहे बलवान सिंह अपने साथ सिपाही हरविंद्र को लेकर मौके पर पहुंच गए और बदमाश को पकड़ लिया। इस बीच बदमाश बलवान सिंह से अपना हाथ छुड़ाकर भागने लगा तो दोनों ने उसका पीछा किया। बदमाश ने पिस्टल से सिपाही हरविंद्र को दो गोली मारी तो बलवान सिंह सिपाही को बचाने के लिए आगे आ गए।
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इस पर बदमाश ने बलवान सिंह को भी दो गोली मार दी। घायल बलवान सिंह की पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई। एसआई बलवान सिंह सोनीपत के आंवली गांव के रहने वाले थे, लेकिन घटना के समय परिवार के साथ रोहतक में रहते थे। 
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सिपाही हरविंद्र के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। 19 जुलाई को झज्जर जिले के भापड़ौदा गांव के राहुल उर्फ पिंकू को पकड़ा गया। आरोपी ने पिस्टल माड़ौदी के अमित से खरीदने की बात पुलिस को बताई थी। मामले में 20 जुलाई को झज्जर के बादली के रहने वाले मुकेश उर्फ गोलू को भी पकड़ा गया। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान राहुल उर्फ पिंकू को दोषी मानते हुए सजा सुनाई, जबकि दो अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। 


कई धाराओं में अलग-अलग सजा 
अदालत ने राहुल को आईपीसी की धारा 302 में उम्रकैद एक हजार रुपये, 307 में उम्रकैद एक हजार रुपये, 186 में तीन माह 500 रुपये जुर्माना, 353 में दो साल एक हजार रुपये, 397 में सात साल 5000 रुपये, 411 में तीन साल एक हजार रुपये, धारा 332 में तीन साल एक हजार रुपये जुर्माना, 420 में पांच साल तीन हजार रुपये, 25 आर्म्स एक्ट में तीन साल एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 
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