फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Jat Reservation Movement Violence: Preparation to declare Dharmendra Hooda as PO

जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा: पूर्व मंत्री की कोठी जलाने के आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा को पीओ घोषित की तैयारी

Thu, 28 Mar 2024 08:36 PM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 28 Mar 2024 08:36 PM IST
सार

स्पेशल कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस दिया है। 40 दिन में आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ तो पीओ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। फरवरी 2016 में हिंसा के दौरान दिल्ली बाईपास स्थित कोठी फूंकी गई थी। 59 लोगों के खिलाफ अदालत में केस चल रहा है। हाईकोर्ट ने छह माह में सुनवाई पूरी करने की हिदायत दी थी।

विज्ञापन
Jat Reservation Movement Violence: Preparation to declare Dharmendra Hooda as PO
court demo - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

हरियाणा के रोहतक में जाट आरक्षण आंदोलन हिंसा के दौरान प्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने के आरोपी धर्मेंद्र हुड्डा को सीबीआई 60 दिन में पेश करे। नहीं तो अदालत पीओ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। गुरुवार को पंचकूला स्थित विशेष अदालत ने सीबीआई को इस आशय का नोटिस जारी किया। अब 20 मई को केस की अगली सुनवाई होगी। 
विज्ञापन


बचाव पक्ष के वकील जितेंद्र हुड्डा ने बताया कि सीबीआई ने रोहित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की थी। आरोप है कि फरवरी 2016 में दोपहर करीब 3:30 बजे भीड़ लाठी, तलवार और पेट्रोल बम से लैस होकर दिल्ली बाईपास की ओर से कैप्टन अभिमन्यु की कोठी की ओर आए और जबरन घर में घुस गए। घर के अंदर खड़े वाहनों को आग लगा दी।
विज्ञापन


घर में आग लगाकर सारा सामान लूट लिया, साथ ही घर में मौजूद लोगों को मारने के इरादे से पेट्रोल बम फेंके। इससे कोठी में करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था। इस मामले की पहले जांच पुलिस कर रही थी, बाद में केस को सीबीआई को सौंप दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


वकील ने बताया कि केस में 59 आरोपी हैं, जिसमें जाट नेता अशोक बल्हारा, राहुल दादू, मनोज दूहन, जगपाल उर्फ जग्गा, धर्मेंद्र हुड्डा सहित अन्य आरोपी भी नामजद हैं। धर्मेंद्र हुड्डा अदालत में पेश नहीं हो रहा है। इसके लिए अदालत गिरफ्तारी वारंट भी जारी कर चुकी है, लेकिन सीबीआई हुड्डा को गिरफ्तार नहीं कर सकी। जबकि हाईकोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत को हिदायत दी थी कि केस का छह माह में निपटारा किया जाए। ऐसे में सीबीआई कोर्ट की जल्दी-जल्दी सुनवाई कर रही है। केस में 141 से ज्यादा गवाह हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed