आरक्षण आंदोलन- शहर जला, शोरूम टूटे, सामान लूटा, मारपीट, प्रशासन ने छोड़ा लावारिस
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शहर में शुक्रवार को आरक्षण की आग इस तरह धधकी कि पूरा शहर जलना शुरू हो गया और उस आग से जनता झुलसने लगी। यहां दिनभर जगह-जगह पथराव, तोड़फोड़, आगजनी और फायरिंग होती रही। वित्तमंत्री से लेकर आईजी तक के आवास और सर्किट हाउस को नहीं छोड़ा गया और वहां भी पथराव के बाद आगजनी कर दी गई। कालोनी व मोहल्लों में उपद्रवी घुस गए और जातीय संघर्ष शुरू हो गया।
जातीय संघर्ष में पथराव किया गया तो उपद्रवियों ने कई जगह घरों के बाहर खड़े वाहनों को आग के हवाले कर दिया। यह सिलसिला शुक्रवार देर शाम तक चलता रहा।
शहर शुक्रवार सुबह लगभग बारह बजे उस समय झुलसना शुरू हो गया। जब एमडीयू के सामने बैठे युवाओं को समझाने के लिए डीएसपी रविन्द्र अपने साथ पुलिस बल को लेकर गए थे। जहां कुछ युवा उग्र हो गए और डीएसपी समेत अन्य पुलिस कर्मियों पर हमला बोल दिया।
वहां हमले में डीएसपी लहूलुहान होकर गिर गए, जबकि अन्य पुलिस कर्मी पास ही एग्रो माल में घुस गए। जिसके बाद डीएसपी की गाड़ी को तोड़ दिया गया और एग्रो माल के अंदर 200 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को बंधक बनाकर तोड़फोड़ शुरू कर दी गई। जिसपर वहां तीन बसों में बीएसएफ और पुलिस को बुलाया गया। जिसके बाद एग्रो माल में बंधक बनाए पुलिस कर्मियों को किसी तरह बाहर निकाला गया।
उसी समय कई ट्रैक्टर-ट्राली में भरकर युवा आए और उनके एमडीयू के सामने पहुंचते ही अन्य युवाओं ने पथराव करके बीएसएफ व पुलिस को दौड़ा दिया। वहां से बीएसएफ और पुलिस के भागते ही सभी बसों में तोड़फोड़ करके डीएसपी की गाड़ी में आग लगा दी गई। इसी बीच दिल्ली बाईपास पर उपद्रवियों ने पथराव करने के बाद सर्किट हाउस में खड़ी तीन गाड़ियों को जला दिया।
उनको खदेड़ने के लिए पुलिस को कई राउंड हवाई फायरिंग करनी पड़ी। इसके बावजूद भीड़ बेकाबू रही और आईजी के आवास पर पथराव करने के बाद गेट के पास खड़ी बाइक को आग लगा दी। वहां भीड़ में किसी ने तमंचे से फायरिंग कर दी, जिससे गोली बीएसएफ के जवान को लग गई। वहां बीएसएफ की ओर से बचाव के लिए फायरिंग की गई, जिससे तीन आंदोलनकारियों की मौत हो गई और एक दर्जन से ज्यादा घायल हो गए है। उन सभी को उपचार के लिए पीजीआई में भर्ती कराया।
इसके बाद बवाल बढ़ता चला गया और उपद्रवी इक्ट्ठा होकर वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी पर पहुंच गए। जहां पहले गाड़ियों व कोठी में तोड़फोड़ की गई और उसके बाद आग लगा दी गई। जिससे वित्त मंत्री की कोठी जलकर राख हो गई। उनका कैंप कार्यालय भी उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया। जिसके बाद शहर में जगह-जगह तोड़फोड़ और आगजनी शुरू हो गई।
उपद्रवियों ने पावर हाउस चौक पर कई शोरूम, मॉल, दुकानों में तोड़फोड़ करने के बाद आग लगा दी। दिल्ली रोड पर कई अस्पतालों में तोड़फोड़ की गई तो कई के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए, जिससे वह कैमरे में कैद नहीं हो सके। कच्चा बेरी रोड पर एक ट्रक को आग के हवाले किया गया। सोनीपत रोड पर एक होटल, एक स्कूल में भी आग लगा दी गई। उपद्रवी केवल सड़कों के आसपास ही तोड़फोड़ व आगजनी नहीं कर रहे थे, बल्कि शाम के समय वह कालोनियों व मोहल्लों में घुस गए।
जहां घरों के बाहर खड़े मिलने वाले वाहनों में तोड़फोड़ की गई। इससे यह बवाल जातीय हो गया और कई जगह उपद्रवियों व वहां रहने वाले लोगों के बीच संघर्ष के अलावा जमकर पथराव हुआ। गांधी कैंप में शाम के समय रेलवे लाइन के पास जातीय संघर्ष व पथराव हुआ और वहां उपद्रवियों ने एक बाइक को फूंक दिया। अशोक चौक पर तीन बाइकों को जलाया गया तो सोनीपत स्टैंड पर भी कई बाइक फूंकी गई। हिसार रोड पर उपद्रवी कई गलियों में घुस गए और वहां भी जातीय संघर्ष शुरू हो गया।
वहां दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, जिसके बाद उपद्रवी वहां से खदेड़ दिए गए। यह बवाल केवल यहीं नहीं थमा, बल्कि उपद्रवी देर शाम को बस डिपो पर पहुंच गए। वहां चार बसों को आग के हवाले कर दिया गया और लगभग 25 बसों में तोड़फोड़ की गई। शहर में यह तोड़फोड़ व आगजनी देर रात तक जारी थी, जिसमें जनता झुलस रही है।