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आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों की पिटाई से घायल ईएएसआई ने दम तोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 05 Oct 2016 02:04 AM IST
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झज्जर निवासी राजीव दलाल का काफी समय से पीजीआई में चल रहा था उपचार
- फोटो : अमर उजाला
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए ईएएसआई ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। 20 फरवरी को सर्किट हाउस में उपद्रवियों ने लाठी से पीटकर ईएएसआई को घायल कर दिया था तब से उनका पीजीआई में उपचार चल रहा था। जींद रोड स्थित श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ ईएसआई राजीव को अंतिम विदाई दी गई।
झज्जर के गांव जाखौदा वर्तमान में जींद रोड स्थित कॉलोनी निवासी राजीव दलाल (44) हरियाणा पुलिस में ईएसआई थे। जाट आरक्षण आंदोलन के समय उनकी ड्यूटी सिविल लाइन थाने में थी। आंदोलन के बाद हुए उपद्रव के दौरान उनकी ड्यूटी सर्किट हाउस में लगा दी गई थी। परिजनों का दावा है कि 20 फरवरी को उपद्रवी जब सर्किट हाउस को आग के हवाले कर रहे थे तो राजीव ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन उपद्रवियों ने उनकी एक न सुनी और लाठियों से पीटने लगे। गंभीर हालत में राजीव को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। दो महीने बाद उनकी हालत में सुधार हुआ तो वह ड्यूटी पर गए। इसके बाद दोबारा हालत खराब होने पर पीजीआई ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने विभाग से उपचार के लिए करीब 70 दिनों की छुट्टी ली थी। तब से उनका पीजीआई के डॉक्टर इलाज कर रहे थे। बीच-बीच में वह उपचार के लिए पीजीआई जाते रहते थे। परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह उनकी तबियत खराब हो गई। पीजीआई ले जाते समय रास्ते में ईएसआई राजीव ने दम तोड़ दिया।
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झज्जर के गांव जाखौदा वर्तमान में जींद रोड स्थित कॉलोनी निवासी राजीव दलाल (44) हरियाणा पुलिस में ईएसआई थे। जाट आरक्षण आंदोलन के समय उनकी ड्यूटी सिविल लाइन थाने में थी। आंदोलन के बाद हुए उपद्रव के दौरान उनकी ड्यूटी सर्किट हाउस में लगा दी गई थी। परिजनों का दावा है कि 20 फरवरी को उपद्रवी जब सर्किट हाउस को आग के हवाले कर रहे थे तो राजीव ने उन्हें रोकने की कोशिश की। लेकिन उपद्रवियों ने उनकी एक न सुनी और लाठियों से पीटने लगे। गंभीर हालत में राजीव को पीजीआई में भर्ती कराया गया था। दो महीने बाद उनकी हालत में सुधार हुआ तो वह ड्यूटी पर गए। इसके बाद दोबारा हालत खराब होने पर पीजीआई ले जाया गया। परिजनों ने बताया कि उन्होंने विभाग से उपचार के लिए करीब 70 दिनों की छुट्टी ली थी। तब से उनका पीजीआई के डॉक्टर इलाज कर रहे थे। बीच-बीच में वह उपचार के लिए पीजीआई जाते रहते थे। परिजनों ने बताया कि मंगलवार सुबह उनकी तबियत खराब हो गई। पीजीआई ले जाते समय रास्ते में ईएसआई राजीव ने दम तोड़ दिया।
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