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Haryana: आठ दिन सिविल वर्दी में रहकर पुलिस ने बिहार से दबोचा साइबर ठगी का आरोपी, हुए ये खुलासे

Wed, 07 Sep 2022 03:02 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 07 Sep 2022 03:02 AM IST
सार

आरोपी ने कोलकाता के व्यक्ति की आईडी पर सिम खरीदा था व फर्जी कागजात पर बैंक खाता  खुलवाया था। रोहतक की महिला से 30 जुलाई को 99 हजार 999 रुपये ठगे थे। पुलिस ने आरोपी को पांच दिन के रिमांड पर लिया है। 

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Haryana Police caught cyber fraud accused from Bihar by staying in civil uniform for eight days
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के रोहतक जिला पुलिस की एक टीम आठ दिन बिहार में सादी वर्दी में रही और ऑनलाइन ठगी करने वाले जहानाबाद के युवक नितिश को फोटो के आधार पर दबोचने में कामयाब रही। आरोप है उसने 30 जुलाई को रोहतक स्थित देव कालोनी की महिला नीरू से ऑनलाइन 99 हजार 999 रुपये की ठगी की थी। जांच में आया कि आरोपी साथियों संग मिलकर अब तक 25 लाख रुपये की ठगी कर चुका है। 

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साइबर थाने के प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह ने बताया कि 30 जुलाई को देव कॉलोनी की महिला नीरू ने शिकायत दी थी कि उसने एचडीएफसी बैंक से डेबिट कार्ड बनवाया था, जो ब्लू डार्ट साइट के द्वारा आना था। 25 जुलाई को उसने ब्लू डार्ट साइट पर कस्टमर केयर का मोबाइल नंबर सर्च करके एक नंबर पर कॉल की।
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किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। थोड़ी देर बाद अन्य मोबाइल नंबर से फोन आया। नीरू ने अपने डेबिट कार्ड के आने में देरी का कारण पूछा। युवक ने ब्लू डार्ट साइट कम्पनी का कर्मचारी बताते हुए नीरू को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने को कहा। शिकायत की फीस पांच रुपये ऑनलाइन जमा करवाई। नीरू ने युवक को पेटीएम के द्वारा फीस जमा करने का पूछा तो युवक ने नीरू की यूपीआई आईडी की सारी डिटेल ले ली।
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यह भी पढ़ें : हरियाणा पुलिस का ऑपरेशन आक्रमण: 3500 जवानों ने मारे छापे, 964 को पकड़ा, 710 FIR दर्ज

इसके बाद नीरू के व्हाटसअप पर ऑनलाइन शिकायत की फाइल भेजी। नीरू ने उसके अनुसार बताई गई अपने बैंक खाते का पूरा विवरण, यूपीआई आईडी का पासवर्ड भर दिया। युवक ने शिकायत नंबर देने की बात कहकर मोबाइल को काफी देर तक होल्ड किये रखा।

इसी दौरान नीरु ने अपने फोन के मैसज की जांच की तो पता चला कि उसके खाते से एक बार में चार हजार 999 और दूसरी बार में 95 हजार रुपये कट गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच पड़ताल के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 


आरोपी यूं फर्जी आधार कार्ड बनाकर लेते थे सिम और खुलवाते थे खाते
पुलिस के मुताबिक नीरू के पास आए नंबर की जांच की तो पता चला कि नंबर पश्चिमी बंगाल के एक व्यक्ति की आईडी पर लिया हुआ है, जिसका पता फर्जी मिला। बैंक खाते की जांच की तो खाता सुनीता नाम की महिला के नाम मिला। सुनीता के भी कागजात का फर्जी तरीके से प्रयोग किया गया है। ऐसे में पुलिस ने फर्जी बैंक अकाउंट व फर्जी कागजात में लगाए गए फोटो को प्राप्त किया।

फिर पुलिस फोटो लेकर संबंधित एरिया में आरोपी की तलाश करती रही। उसे काबू करने के लिए झारखंड और कोलकाता में भी छापामारी की गई। इसके बाद आरोपी को अब बिहार से दबोचा है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वे किसी भी आमजन के आधार कार्ड नंबर का प्रयोग कर अपना फोटो लगाकर फर्जी आधार कार्ड  बना लेते हैं। फर्जी आधार कार्ड से आरोपी सिम खरीद लेते थे। इतना ही नहीं, फर्जी कागजात पर बैंक खाता खुलवाया जाता, जिसमें आने वाली राशि को अपने असली खातों में ट्रांसफर कर लेते। जांच में पता चला है कि आरोपी अपने गिरोह के साथ मिलकर 25 लाख की ठगी कर चुका है।

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