फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   former sarpanch's husbad suicide in rohtak, former sarpanch shot dead the husband himself

खरावड़ में पूर्व सरपंच के पति ने खुद को गोली से उड़ाया

Wed, 06 Apr 2016 02:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक Updated Wed, 06 Apr 2016 02:33 AM IST
विज्ञापन
former sarpanch's husbad suicide in rohtak, former sarpanch shot dead the husband himself
घरवालों पर चला दी गोलियां - फोटो : demo pic
दोस्तों ने पीठ में छुरा घोंपा है। कुछ लोग स्वार्थी हो गए। अभी तक न तो खेत बिके हैं और न ही बेटे की मौत का क्लेम मिला है। उधार मांगने वाले लगातार दबाव बना रहे हैं। दुखों और अपनों के धोखे का यह उबार गांव खरावड़ के पूर्व सरपंच पति ओमकवार जांगड़ा ने अपने सुसाइड नोट में निकाला। ओमकवार ने मंगलवार सुबह लाइसेंसी रिवाल्वर से खुद के सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को उनका शव मकान के बाहरी हिस्से में पड़ा मिला। पुलिस ने मौके से एक डायरी बरामद की है। इसमें ओमकवार ने 6 पेज का सुसाइड नोट लिख रखा है। 
विज्ञापन


पुलिस के मुताबिक, ओमकवार जांगड़ की पत्नी कमलेश गांव की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। उनका बड़ा बेटा रवींद्र एयरफोर्स में था। उसकी तैनाती मुंबई में थी। 1 अप्रैल 2011 में रवींद्र की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। इसके बाद से ही ओमकवार तनाव में रहने लगे थे। बेटे की मौत के  बाद उन्हें आज तक कोई क्लेम नहीं मिला। ओमकवार ने कोर्ट में केस डाल दिया था। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। इसी वजह से मानसिक रूप से परेशान होकर जीवन लीला समाप्त कर रहा हूं। ओमकवांर की मौत के बाद पूरा गांव सदमे में है।ओमकवार अपने साथ हमेशा लाइसेंसी रिवाल्वर रखते थे।
विज्ञापन


मंगलवार की सुबह जब उनकी पत्नी कमलेश बैठक में पहुंची तो उसने देखा कि जिस कमरे में वे सोते थे, उस कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। कमलेश ने खिड़की से देखा तो उनके पति का शव पलंग पर पड़ा है। जैसे तैसे करके परिवार के सदस्य कमरे में घुसे। पुलिस को मौके पर बुलाया गया। वहीं,  ग्रामीणों की मानें तो ओमकवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। खरावड़ चौकी इंचार्ज अजीत सिंह ने बताया कि ओमकवार ने सुसाइड नोट में किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बेटे की मौत के बाद टूट गया था ओमकवार
बेटे की मौत के बाद ओमकवार पूरी तरह टूट चुका था। पंचायत चुनाव की जीत की खुशी बेटे की मौत के कारण फिकी पड़ गई थी। बेटे की मौत का मुआवजा भी उसे नहीं मिला था, जिसका हाईकोर्ट में केस चल रहा था। इसी वजह से वह मानसिक रूप से परेशान था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed