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11 आयुर्वेदिक फार्मा कंपनियों पर छापेमारी, सैंपल जांच के लिए भेजे
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 25 Mar 2017 12:49 AM IST
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खांसी की दवा कोरेक्स समेत करीब 347 फिक्स डोज कांबिनेशन ड्रग्ज को प्रतिबंधित किया गया है।
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आयुष विभाग की टीम ने शुक्रवार को शहर में कई आयुर्वेदिक फार्मा कंपनियों में छापामारी की। इस दौरान टीम ने कई दवाइयों के सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए कुरुक्षेत्र स्थित लेबोरेट्री में भेज दिया गया है। टीम की छापेमारी से कंपनियों में हड़कंप मच गया।
आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत के दिशा-निर्देशन हरियाणा आयुष के मुख्य दवा नियंत्रक एवं लाइसेंसिग प्राधिकारी डॉ. सतीश खटकड़ के नेतृत्व बनाई गई। डॉ. खटकड़ ने बताया कि शहर में अलग-अलग स्थानों पर कुल 11 कंपनियों पर छापामारी की गई। वहां बनने वाली सभी दवाओं के सैंपल लिए और जांच के लिए राजकीय आयुर्वेद दवा प्रयोगशाला कुरुक्षेत्र में भेजा गया है। जांच में अगर किसी दवा का सैंपल फेल पाया जाता है या दवा सब स्टैंडर्ड की मिलती है तो उस कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछले काफी समय से मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
इस दौरान फार्मा कंपनियों की लेबोरेट्री लाइसेंस व शैक्षणिक योग्यता की भी जांच की गई। टीम में रोहतक से जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुषमा नैन, रेवाड़ी से डॉ. भगत सिंह, जींद से डॉ. जितेंद्र चौधरी, हिसार से डॉ. धर्मपाल पूनिया, नारनौल से डॉ. अजित यादव, भिवानी से डॉ. देवेंद्र कुमार और पानीपत से डॉ. दलबीर राठी आदि शामिल रहे।
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आयुष विभाग के महानिदेशक डॉ. साकेत के दिशा-निर्देशन हरियाणा आयुष के मुख्य दवा नियंत्रक एवं लाइसेंसिग प्राधिकारी डॉ. सतीश खटकड़ के नेतृत्व बनाई गई। डॉ. खटकड़ ने बताया कि शहर में अलग-अलग स्थानों पर कुल 11 कंपनियों पर छापामारी की गई। वहां बनने वाली सभी दवाओं के सैंपल लिए और जांच के लिए राजकीय आयुर्वेद दवा प्रयोगशाला कुरुक्षेत्र में भेजा गया है। जांच में अगर किसी दवा का सैंपल फेल पाया जाता है या दवा सब स्टैंडर्ड की मिलती है तो उस कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पिछले काफी समय से मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है।
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इस दौरान फार्मा कंपनियों की लेबोरेट्री लाइसेंस व शैक्षणिक योग्यता की भी जांच की गई। टीम में रोहतक से जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुषमा नैन, रेवाड़ी से डॉ. भगत सिंह, जींद से डॉ. जितेंद्र चौधरी, हिसार से डॉ. धर्मपाल पूनिया, नारनौल से डॉ. अजित यादव, भिवानी से डॉ. देवेंद्र कुमार और पानीपत से डॉ. दलबीर राठी आदि शामिल रहे।
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