{"_id":"5784057d4f1c1b1b0813dfdc","slug":"crime-rohtak-haryana-two-child-death","type":"story","status":"publish","title_hn":"दस फीट गहरे जोहड़ में नहाने उतरे दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दस फीट गहरे जोहड़ में नहाने उतरे दो चचेरे भाइयों की डूबने से मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 12 Jul 2016 02:15 AM IST
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इनेलो जिलाध्यक्ष सतीश नांदल के चालक का बेटा और भतीजा थे यश और आशीष
- फोटो : amar ujala
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बोहर गांव के जोहड़ में सोमवार शाम नहाने उतरे इनेलो जिलाध्यक्ष के ड्राइवर संदीप कुमार का बेटा और भतीजा डूब गये। दोनों को डूबता देख ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें जोहड़ से बाहर निकाला। लेकिन तब तक मासूमों ने काफी पानी पी लिया था। दोनों बच्चों को तुरंत पीजीआई लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत बता दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सतीश नांदल सहित अन्य ग्रामीण पीजीआई शव गृह पहुंच गये। एक ही परिवार के दो चचेरे भाइयों की मौत से गांव में मातम छा गया है।
जानकारी के मुताबिक बोहर निवासी संदीप कुमार इनेलो के जिलाध्यक्ष सतीश नांदल की गाड़ी चलाते हैं। उनका चचेरा भाई परमेन्द्र बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई का काम करता है। सोमवार शाम संदीप का बेटा 10 वर्षीय यश और परमेन्द्र का बेटा 13 वर्षीय आशीष नांदल भवन के पास स्थित जोहड़ के पास खेल रहे थे। शाम करीब 6 बजे यश और आशीष नहाने के लिए जोहड़ में उतर गये। नहाते समय दोनों गहराई में चले गये, जिससे डूबने लगे। जोहड़ के आसपास बैठे ग्रामीणों ने जब दोनों को डूबते देखा तो बचाने के लिए जोहड़ में कूद गये। लोगों ने जब तक दोनों बच्चों को जोहड़ से बाहर निकाला तब तक उन्होंने काफी पानी पी लिया था। हालांकि उनकी सांसें चल रही थी। बच्चों को तुरंत पीजीआई लाया गया, लेकिन यहां आने तक उनकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है। लोगों ने बताया कि दोनों बच्चे जोहड़ के पास रोज खेलने आते थे। इससे पहले जोहड़ में नहाने के लिए कभी नहीं उतरे थे।
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे हर ग्रामीण की आंख नम
दो बच्चों की मौत की जानकारी मिलते ही गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण पीजीआई पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने लगे। कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ लग गई। इनेलो जिलाध्यक्ष सतीश नांदल भी पहुंच गये। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सभी एक दूसरे को सांत्वना दे रहे थे। परिजनों ने दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से फिलहाल इनकार कर दिया है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है।
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चार महीने पहले हुई थी जोहड़ की खुदाई
जिस जोहड़ ने दो परिवारों के लाल छीन लिए उसकी खुदाई करीब चार महीने पहले हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले जोहड़ को गहरा करने के लिए खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद जोहड़ में पानी छोड़ा गया था। ग्रामीणों की माने तो जोहड़ की गहराई करीब 10 फीट है। जोहड़ में अधिकतर ग्रामीण पशुओं को नहाने के लिए लाते हैं।
खुदाई के बाद नहीं बनवाई चहारदीवारी
दो मासूम बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने जोहड़ की खुदाई तो करा दी, लेकिन आज तक उसकी चहारदीवारी नहीं बनवाई। जबकि ग्रामीणों ने खुदाई के समय ही जोहड़ की चहारदीवारी बनवाने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जोहड़ की चहारदीवारी बनाई गई होती तो आज दो मासूमों की जान न जाती।
एक परिवार में बेटा तो दूसरे में बेटी
मासूम यश अपनी इकलौती बहन का इकलौता भाई था। संदीप की बेटी उनके बेटे यश से बड़ी है। संदीप के पिता समाज कल्याण विभाग से रिटायर्ड हैं। वहीं, आशीष अपने भाई से छोटा था। उसकी मौत के बाद परमेन्द्र का बड़ा बेटा अकेला रहा गया है। गांव में दो मासूम बच्चों की मौत होने के कारण सन्नाटा पसरा है।
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जानकारी के मुताबिक बोहर निवासी संदीप कुमार इनेलो के जिलाध्यक्ष सतीश नांदल की गाड़ी चलाते हैं। उनका चचेरा भाई परमेन्द्र बिल्डिंग मैटेरियल सप्लाई का काम करता है। सोमवार शाम संदीप का बेटा 10 वर्षीय यश और परमेन्द्र का बेटा 13 वर्षीय आशीष नांदल भवन के पास स्थित जोहड़ के पास खेल रहे थे। शाम करीब 6 बजे यश और आशीष नहाने के लिए जोहड़ में उतर गये। नहाते समय दोनों गहराई में चले गये, जिससे डूबने लगे। जोहड़ के आसपास बैठे ग्रामीणों ने जब दोनों को डूबते देखा तो बचाने के लिए जोहड़ में कूद गये। लोगों ने जब तक दोनों बच्चों को जोहड़ से बाहर निकाला तब तक उन्होंने काफी पानी पी लिया था। हालांकि उनकी सांसें चल रही थी। बच्चों को तुरंत पीजीआई लाया गया, लेकिन यहां आने तक उनकी मौत हो गई। दोनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया है। लोगों ने बताया कि दोनों बच्चे जोहड़ के पास रोज खेलने आते थे। इससे पहले जोहड़ में नहाने के लिए कभी नहीं उतरे थे।
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे हर ग्रामीण की आंख नम
दो बच्चों की मौत की जानकारी मिलते ही गांव में मातम छा गया। सूचना मिलते ही ग्रामीण पीजीआई पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने लगे। कुछ ही देर में वहां ग्रामीणों और परिजनों की भीड़ लग गई। इनेलो जिलाध्यक्ष सतीश नांदल भी पहुंच गये। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। सभी एक दूसरे को सांत्वना दे रहे थे। परिजनों ने दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम कराने से फिलहाल इनकार कर दिया है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया है।
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चार महीने पहले हुई थी जोहड़ की खुदाई
जिस जोहड़ ने दो परिवारों के लाल छीन लिए उसकी खुदाई करीब चार महीने पहले हुई थी। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ महीने पहले जोहड़ को गहरा करने के लिए खुदाई की गई थी। खुदाई के बाद जोहड़ में पानी छोड़ा गया था। ग्रामीणों की माने तो जोहड़ की गहराई करीब 10 फीट है। जोहड़ में अधिकतर ग्रामीण पशुओं को नहाने के लिए लाते हैं।
खुदाई के बाद नहीं बनवाई चहारदीवारी
दो मासूम बच्चों की मौत के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर सवाल उठाने लगे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने जोहड़ की खुदाई तो करा दी, लेकिन आज तक उसकी चहारदीवारी नहीं बनवाई। जबकि ग्रामीणों ने खुदाई के समय ही जोहड़ की चहारदीवारी बनवाने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जोहड़ की चहारदीवारी बनाई गई होती तो आज दो मासूमों की जान न जाती।
एक परिवार में बेटा तो दूसरे में बेटी
मासूम यश अपनी इकलौती बहन का इकलौता भाई था। संदीप की बेटी उनके बेटे यश से बड़ी है। संदीप के पिता समाज कल्याण विभाग से रिटायर्ड हैं। वहीं, आशीष अपने भाई से छोटा था। उसकी मौत के बाद परमेन्द्र का बड़ा बेटा अकेला रहा गया है। गांव में दो मासूम बच्चों की मौत होने के कारण सन्नाटा पसरा है।