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बच्चे ने गलती से निगला जहर, डॉक्टर बोला-नींबू पानी पिला दो, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Tue, 10 Nov 2015 01:22 AM IST
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निगाना निवासी एक मजदूर ओवरटाइम कर दीपावली की खुशियों को समेटने में लगा था कि धनतेरस की पूर्व संध्या पर घर का चिराग ही बूझ गया।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि सिविल अस्पताल कलानौर के डॉक्टर की लापरवाही के कारण हमारे बच्चे की जान गई है।
रविवार शाम 7 बजे निगाना निवासी कुलदीप का 5 साल का बेटा अंकुश घर के बाहर खेल रहा था।
खेलते-खेलते अनजाने में उसने कूड़े कर्कट में पड़ी चूहे मारने की दवाई को चूरन समझकर निगल लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे कलानौर के सरकारी अस्पताल में लेकर आए।
अंकुश के परिजनों का आरोप है कि उस समय वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने बच्चे की जांच किए बगैर ही हालत ठीक बताते हुए घर ले जाकर नीबू पानी पिलाने की सलाह दे दी।
परिजनों ने चिकित्सक की बात पर भरोसा किया और अंकुश को घर ले आए। रात को अचानक जहरीले पदार्थ का असर हुआ तो अंकुश की तबियत बिगड़ गई। आनन फानन में परिजन उसे पीजीआई ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पीजीआई के चिकित्सकों ने अंकुश को मृत घोषित कर दिया। अंकुश की मौत के लिए चिकित्सक की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए सोमवार को ग्रामीण परिजनों के साथ सिविल अस्पताल में पहुंचे और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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दिवाली से पहले बूझा कुल का दीपक
मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करने वाला कुलदीप दीपावली पर दीपक जलाकर हंसी खुशी से पर्व मनाने की तैयारी में जुटा था। बच्चों को मिठाई और पटाखे दिला सके, इसके लिए कुलदीप पिछले कई दिन से मजदूरी पर ओवरटाइम लगा कर देर से घर आता था। रविवार को भी जब वह घर आया तो उसी समय यह घटना हो गई। कुलदीप को क्या मालूम था कि दीपावली से पहले ही उसके कुल का दीपक हमेशा के लिए बुझ जायेगा। अंकुश की एक दो साल की बहन है, जो भाई की मौत से अनभिज्ञ है। कुलदीप की पत्नी ने परिवार नियोजन के तहत ऑपरेशन भी करवा रखा है।
वर्जन
आरोपी चिकित्सक को डेपुटेशन पर भेजा, विभागीय जांच भी होगी
एसएमओ डॉ. कमला वर्मा का कहना है कि मैंने आरोपी डॉ. विक्रम को डेपुटेशन पर भेजने के लिए सीएमओ को लिख दिया गया है। साथ ही आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच की भी सिफारिश की गई है।
वर्जन
कलानौर एसएमओ की ओर से भेजी गई शिकायत मिली है। वहां से मुझे भी जानकारी मिल चुकी है। इस मामले की जांच तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. शिवकुमार, सीएमओ रोहतक।
फोटो- 1अस्पताल में पंहुचे ग्रामीण
2 फाईल फोटो अंकुश
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परिजनों ने आरोप लगाया है कि सिविल अस्पताल कलानौर के डॉक्टर की लापरवाही के कारण हमारे बच्चे की जान गई है।
रविवार शाम 7 बजे निगाना निवासी कुलदीप का 5 साल का बेटा अंकुश घर के बाहर खेल रहा था।
खेलते-खेलते अनजाने में उसने कूड़े कर्कट में पड़ी चूहे मारने की दवाई को चूरन समझकर निगल लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे कलानौर के सरकारी अस्पताल में लेकर आए।
अंकुश के परिजनों का आरोप है कि उस समय वहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने बच्चे की जांच किए बगैर ही हालत ठीक बताते हुए घर ले जाकर नीबू पानी पिलाने की सलाह दे दी।
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परिजनों ने चिकित्सक की बात पर भरोसा किया और अंकुश को घर ले आए। रात को अचानक जहरीले पदार्थ का असर हुआ तो अंकुश की तबियत बिगड़ गई। आनन फानन में परिजन उसे पीजीआई ले जाने लगे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। पीजीआई के चिकित्सकों ने अंकुश को मृत घोषित कर दिया। अंकुश की मौत के लिए चिकित्सक की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हुए सोमवार को ग्रामीण परिजनों के साथ सिविल अस्पताल में पहुंचे और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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दिवाली से पहले बूझा कुल का दीपक
मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण करने वाला कुलदीप दीपावली पर दीपक जलाकर हंसी खुशी से पर्व मनाने की तैयारी में जुटा था। बच्चों को मिठाई और पटाखे दिला सके, इसके लिए कुलदीप पिछले कई दिन से मजदूरी पर ओवरटाइम लगा कर देर से घर आता था। रविवार को भी जब वह घर आया तो उसी समय यह घटना हो गई। कुलदीप को क्या मालूम था कि दीपावली से पहले ही उसके कुल का दीपक हमेशा के लिए बुझ जायेगा। अंकुश की एक दो साल की बहन है, जो भाई की मौत से अनभिज्ञ है। कुलदीप की पत्नी ने परिवार नियोजन के तहत ऑपरेशन भी करवा रखा है।
वर्जन
आरोपी चिकित्सक को डेपुटेशन पर भेजा, विभागीय जांच भी होगी
एसएमओ डॉ. कमला वर्मा का कहना है कि मैंने आरोपी डॉ. विक्रम को डेपुटेशन पर भेजने के लिए सीएमओ को लिख दिया गया है। साथ ही आरोपी के खिलाफ विभागीय जांच की भी सिफारिश की गई है।
वर्जन
कलानौर एसएमओ की ओर से भेजी गई शिकायत मिली है। वहां से मुझे भी जानकारी मिल चुकी है। इस मामले की जांच तीन डॉक्टरों का बोर्ड बनाकर कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डॉ. शिवकुमार, सीएमओ रोहतक।
फोटो- 1अस्पताल में पंहुचे ग्रामीण
2 फाईल फोटो अंकुश